नेपाल में फिर बाढ़ का प्रकोप, बूढ़ी गंडक की तेज धारा में बहा सब कुछ; भयावह VIDEO आया सामने


नेपाल: नेपाल में एक बार फिर बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है। गोरखा जिले में रविवार, 11 अक्टूबर की सुबह बूढ़ी गंडक नदी में अचानक आई बाढ़ के कारण कई गांव प्रभावित हुए हैं। नदी की तेज धारा अपने साथ मिट्टी, पत्थर और बड़े-बड़े पेड़ बहाकर लाई, जिससे रास्ते में आने वाले घरों, पुलों और निर्माणाधीन जलविद्युत परियोजना के बेस कैंप को भारी नुकसान पहुंचा है। शुरुआती अनुमान के मुताबिक, करीब 100 मकानों के बहने की आशंका है। प्रशासन ने राहत और बचाव कार्य के लिए हेलिकॉप्टर तैनात किया है।
छह गांव पालिकाओं में भारी नुकसान
गोरखा जिले के दोभान, घट्टेखोला, जगत, सल्लेरी, चुमानुबरी और धार्चे गांव पालिका में बाढ़ से व्यापक नुकसान की खबर है। बाढ़ के कारण चुमानुबरी से न्याकचेत-सिर्दिबास को जोड़ने वाला पुल भी बह गया है। इसके अलावा छोटे-बड़े करीब आधा दर्जन पुलों को नुकसान पहुंचने की जानकारी सामने आई है।
सल्लेरी में निर्माणाधीन जलविद्युत परियोजना का बेस कैंप भी बाढ़ की चपेट में आ गया। नदी की तेज धारा कैंप को बहा ले गई। फिलहाल नुकसान का आकलन किया जा रहा है और जनहानि के संबंध में आधिकारिक आंकड़े सामने आना बाकी हैं।
#WATCH | Nepal's National Disaster Risk Reduction & Management Authority releases aerial pictures of flood-affected areas in Gorkha.
(Source: NDRRMA) https://t.co/gEM4ooTdKM pic.twitter.com/QPe6slfD69
— ANI (@ANI) October 11, 2026
सुबह 4 बजे के करीब आई बाढ़
गोरखा जिले के प्रमुख जिला अधिकारी धर्मेन्द्र कुमार मिश्र के अनुसार, बाढ़ रविवार सुबह करीब 4 बजे आई। शुरुआती जानकारी में लगभग 100 घरों के बहने की आशंका जताई गई है।
नेपाल के गृह मंत्री सूदन गुरुंग के निर्देश पर प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव अभियान चलाया जा रहा है। बाढ़ में फंसे लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए हेलिकॉप्टर की मदद ली जा रही है। प्रशासन की प्राथमिकता प्रभावित लोगों को सुरक्षित निकालना और नुकसान का आकलन करना है।
NDRRMA ने जारी किया बाढ़ अलर्ट
नेपाल की नेशनल डिजास्टर रिस्क रिडक्शन एंड मैनेजमेंट अथॉरिटी (NDRRMA) ने 11 अक्टूबर को बाढ़ की चेतावनी जारी की थी। बाढ़ पूर्वानुमान विभाग ने सुबह 6:40 बजे अलर्ट जारी कर लोगों को बूढ़ी गंडक नदी और आसपास के संवेदनशील इलाकों से दूर रहने की सलाह दी।
अथॉरिटी ने त्रिशूली दोभान तक नदी के आसपास न जाने और पानी का स्तर सामान्य होने तक ऊंचे स्थानों पर रहने की अपील की। नदी के किनारे रहने वाले लोगों को विशेष सतर्कता बरतने और प्रशासन के निर्देशों का पालन करने को कहा गया है।
अगस्त की बाढ़ के बाद फिर बढ़ी चिंता
नेपाल में इससे पहले 26 अगस्त को भी भीषण बाढ़ आई थी। उस दौरान भोटे कोशी और त्रिशूली नदियों के आसपास के क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर नुकसान हुआ था। रसुवा, नुवाकोट, धाडिंग और चितवन समेत कई जिले प्रभावित हुए थे।
अब गोरखा जिले में बूढ़ी गंडक नदी में आई ताजा बाढ़ ने एक बार फिर चिंता बढ़ा दी है। फिलहाल राहत और बचाव अभियान जारी है। प्रशासन की ओर से नुकसान और संभावित जनहानि का विस्तृत आकलन किए जाने के बाद ही स्थिति की पूरी जानकारी सामने आ सकेगी।





