मावा और मिठाइयों में मिलावट की अब ऑन-द-स्पॉट जांच, नहीं बच पाएंगे मिलावटखोर, ऐसे करें शिकायत

नई दिल्ली : त्योहारों के सीजन में मिठाई, मावा, पनीर, घी, खाद्य तेल और व्रत में इस्तेमाल होने वाले कुट्टू-सिंघाड़े के आटे की बढ़ती मांग के बीच खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने मिलावटखोरी के खिलाफ सख्त कदम उठाया है। FSSAI ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के खाद्य सुरक्षा आयुक्तों को विशेष निगरानी और प्रवर्तन अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं।
त्योहारी मौसम में मिठाई, नमकीन, स्नैक्स, पेय पदार्थ और दूध से बने उत्पादों की मांग काफी बढ़ जाती है। इसी का फायदा उठाकर कुछ मिलावटखोर नकली, असुरक्षित और घटिया खाद्य सामग्री बाजार में खपाने की कोशिश करते हैं। इसे रोकने के लिए खाद्य सुरक्षा अधिकारियों को बाजारों में औचक निरीक्षण और सैंपलिंग बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं।
इन खाद्य पदार्थों पर रहेगी खास नजर
FSSAI ने त्योहारों के दौरान अधिक मांग वाले और मिलावट की आशंका वाले खाद्य पदार्थों की पहचान की है। इनमें मुख्य रूप से शामिल हैं:
- दूध और डेयरी उत्पाद: दूध, खोया, पनीर, मक्खन और घी।
- मिठाई और नमकीन: विभिन्न प्रकार की मिठाइयां, नमकीन, स्नैक्स, पापड़ और फ्रायम्स।
- व्रत की सामग्री: कुट्टू का आटा, सिंघाड़े का आटा और समा के चावल।
- खाद्य तेल और पेय पदार्थ: एडिबल ऑयल, रिफाइंड ऑयल और पैकेज्ड ड्रिंक्स।
संवेदनशील इलाकों में तैनात होंगी मोबाइल फूड टेस्टिंग लैब
FSSAI ने प्रमुख बाजारों, भीड़भाड़ वाले व्यापारिक केंद्रों और मिलावट के लिहाज से संवेदनशील इलाकों में मोबाइल फूड टेस्टिंग लैब तैनात करने के निर्देश दिए हैं। Food Safety on Wheels के नाम से संचालित इन मोबाइल लैब के जरिए खाद्य पदार्थों की मौके पर जांच की जाएगी।
इन वैन के माध्यम से उपभोक्ता और व्यापारी खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की ऑन-द-स्पॉट जांच करा सकेंगे। इसके साथ ही लोगों को खाद्य सुरक्षा और मिलावट से बचाव के प्रति जागरूक भी किया जाएगा।
दुकानों और मंडियों में होंगे औचक निरीक्षण
खाद्य सुरक्षा अधिकारियों को दुकानों, खाद्य विनिर्माण इकाइयों और थोक मंडियों में औचक निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए हैं। खाद्य पदार्थों के नमूने लेकर उन्हें प्रयोगशालाओं में जांच के लिए भेजा जाएगा।
निरीक्षण, सैंपलिंग और लैब जांच के नतीजों का डेटा FSSAI के आधिकारिक पोर्टल पर रियल टाइम में अपलोड करना भी अनिवार्य होगा। जांच में मिलावटी या असुरक्षित खाद्य सामग्री मिलने पर संबंधित निर्माता या विक्रेता के खिलाफ खाद्य सुरक्षा कानून के तहत कार्रवाई की जाएगी।
मिलावटी खाद्य पदार्थ की ऐसे करें शिकायत
अगर आपको किसी दुकान, कंपनी या ब्रांड के खाद्य पदार्थ में मिलावट, खराब गुणवत्ता या असुरक्षा का संदेह है, तो आप FSSAI के माध्यम से शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
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Food Safety Connect ऐप से शिकायत
- Google Play Store या Apple App Store से FSSAI का आधिकारिक Food Safety Connect ऐप डाउनलोड करें।
- ऐप पर नागरिक के रूप में लॉगिन करके शिकायत वाले सेक्शन में जाएं।
- खाद्य उत्पाद का नाम, फोटो, बिल की कॉपी और संबंधित दुकान या कंपनी की जानकारी अपलोड करें।
- इसके बाद ऑनलाइन शिकायत दर्ज करें।
टोल-फ्री हेल्पलाइन से शिकायत
उपभोक्ता FSSAI की राष्ट्रीय टोल-फ्री हेल्पलाइन 1800 11 2100 पर कॉल करके मिलावटी या असुरक्षित खाद्य पदार्थ की शिकायत कर सकते हैं।
ऑनलाइन पोर्टल और सोशल मीडिया से भी शिकायत
उपभोक्ता FSSAI के आधिकारिक ऑनलाइन पोर्टल foacos.fssai.gov.in के माध्यम से भी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। इसके अलावा FSSAI के आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल पर उत्पाद की फोटो, बिल और पूरी जानकारी के साथ शिकायत की जा सकती है।
मिलावटी खाद्य पदार्थों से कैसे बचें?
खाद्य पदार्थ खरीदते समय कुछ सावधानियां बरतकर मिलावट के जोखिम को कम किया जा सकता है।
- पैकेज्ड खाद्य पदार्थ खरीदते समय पैकेट पर दिया गया 14 अंकों का FSSAI लाइसेंस नंबर जरूर जांचें।
- संभव हो तो साबुत मसाले खरीदकर उन्हें घर पर पीसें।
- पैकेज्ड फूड खरीदते समय दुकानदार से पक्का बिल जरूर लें।
- संदिग्ध गुणवत्ता वाले खाद्य पदार्थ खरीदने से बचें और समस्या होने पर उसकी फोटो व बिल सुरक्षित रखें।





