CG News: नर्सिंग ऑफिसर्स एसोसिएशन का बड़ा ऐलान, 18 नवंबर से प्रदेशव्यापी अनिश्चितकालीन आंदोलन; जानिए क्या हैं प्रमुख मांगें

रायपुर: छत्तीसगढ़ में नर्सिंग संवर्ग के ग्रेड पे की मांग को लेकर नर्सिंग ऑफिसर्स एसोसिएशन ने प्रदेशव्यापी आंदोलन की घोषणा की है। एसोसिएशन ने स्पष्ट किया है कि यदि दीपावली से पहले ग्रेड पे संबंधी प्रस्ताव लागू नहीं किया गया, तो 18 नवंबर से प्रदेशभर में अनिश्चितकालीन आंदोलन शुरू किया जाएगा।
आंदोलन की शुरुआत से पहले संगठन की ओर से अलग-अलग जिलों में सांकेतिक प्रदर्शन किए जा रहे हैं। कोरबा, अंबिकापुर और महासमुंद में नर्सिंग कर्मचारियों ने दो घंटे तक प्रदर्शन कर अपनी मांगों को शासन तक पहुंचाया। वहीं आने वाले दिनों में जगदलपुर, कांकेर और राजनांदगांव में भी सांकेतिक प्रदर्शन की तैयारी है।
18 नवंबर से शुरू होगा अनिश्चितकालीन आंदोलन
नर्सिंग ऑफिसर्स एसोसिएशन के मुताबिक, यदि शासन की ओर से उनकी मांग पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया जाता है, तो 18 नवंबर से प्रदेशव्यापी अनिश्चितकालीन आंदोलन शुरू किया जाएगा। इसमें नियमित कर्मचारियों के अलावा संविदा और डेली वेजेस पर काम करने वाले नर्सिंग कर्मचारी भी शामिल होंगे।
संगठन का कहना है कि प्रदेश के सभी 10 मेडिकल कॉलेजों में कार्यरत नर्सिंग संवर्ग को भी आंदोलन से जोड़ने की तैयारी है। एसोसिएशन ने साफ किया है कि ग्रेड पे संबंधी प्रस्ताव लागू होने तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।
ग्रेड पे को लेकर शासन पर उठाए सवाल
एसोसिएशन ने नर्सिंग संवर्ग से जुड़े कर्मचारियों की मांगों पर शासन की नीति को लेकर सवाल उठाए हैं। संगठन का कहना है कि ग्रेड पे लागू करने की मांग लंबे समय से की जा रही है, लेकिन अब तक इस दिशा में अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई है।
नर्सिंग कर्मचारियों का कहना है कि स्वास्थ्य व्यवस्था में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका है, इसलिए लंबित ग्रेड पे संबंधी मांग पर जल्द निर्णय लिया जाना चाहिए।
मुख्यमंत्री के नाम सौंपा जाएगा ज्ञापन
अपनी मांग को शासन तक पहुंचाने के लिए नर्सिंग ऑफिसर्स एसोसिएशन मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपने की तैयारी में है। संगठन की ओर से इसके लिए स्कूटी रैली निकालने की अनुमति भी मांगी गई है।
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एसोसिएशन ने कहा है कि यदि उनकी मांग पूरी नहीं होती है, तो आंदोलन को चरणबद्ध तरीके से और व्यापक किया जाएगा। फिलहाल कोरबा, अंबिकापुर और महासमुंद में प्रदर्शन के बाद अब जगदलपुर, कांकेर और राजनांदगांव में प्रस्तावित प्रदर्शनों की तैयारी चल रही है।
इन प्रदर्शनों के बाद शासन की प्रतिक्रिया के आधार पर संगठन आगे की रणनीति तय करेगा।





