20 साल की परंपरा में इस बार बदला स्वरूप, गणेश स्थापना की जगह हुआ महाभंडारा
पंचपथ युवा गणेश उत्सव समिति के आयोजन में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़, करीब 2000 लोगों ने बैठकर ग्रहण किया प्रसाद

जगदलपुर। ब्राह्मण पारा पंचपथ युवा गणेश उत्सव समिति की 20 वर्षों पुरानी परंपरा में इस बार एक भावुक बदलाव देखने को मिला। हर वर्ष भव्य गणेश प्रतिमा की स्थापना और धार्मिक आयोजनों के लिए पहचान बनाने वाली समिति ने इस वर्ष गणेश स्थापना के बजाय महाभंडारे के माध्यम से सेवा और श्रद्धा का संदेश दिया। सोमवार को आयोजित इस महाभंडारे में शहर सहित आसपास के बड़ी संख्या में लोग पहुंचे और करीब 2000 श्रद्धालुओं ने बैठकर प्रसाद ग्रहण किया।
महाभंडारे की खास बात यह रही कि श्रद्धालुओं को व्यवस्थित रूप से बैठाकर भोजन कराया गया। समिति के युवा सदस्यों ने पूरे आयोजन की व्यवस्था संभालते हुए श्रद्धालुओं को प्रसाद परोसा। सेवा भाव से किए गए इस आयोजन में शहरवासियों की भी बड़ी सहभागिता रही।
20 साल से चली आ रही परंपरा, इस बार सेवा को बनाया आधार
पंचपथ युवा गणेश उत्सव समिति के आयोजन प्रमुख ने बताया कि समिति पिछले करीब 20 वर्षों से गणेश उत्सव का आयोजन करती आ रही है। हर वर्ष यहां भव्य रूप से गणेश प्रतिमा स्थापित कर पूजा-अर्चना, धार्मिक कार्यक्रम और भंडारे का आयोजन किया जाता रहा है।
उन्होंने बताया कि इस वर्ष समिति के एक युवा सदस्य के असमय निधन के कारण गणेश प्रतिमा स्थापित नहीं करने का निर्णय लिया गया। समिति ने इस दुख की घड़ी में उत्सव के स्वरूप को बदलते हुए इस वर्ष केवल महाभंडारे का आयोजन किया। धार्मिक आस्था के साथ सेवा को जोड़कर आयोजित इस भंडारे में बड़ी संख्या में लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया।
समिति के पदाधिकारियों का कहना है कि पंचपथी युवा गणेश उत्सव समिति की पहचान केवल गणेश स्थापना तक सीमित नहीं है, बल्कि सामाजिक सहभागिता और सेवा कार्य भी इसकी परंपरा का हिस्सा रहे हैं। इसी भावना के साथ इस वर्ष महाभंडारे का आयोजन किया गया।
आयुषी देव ने संभाली सेवा की जिम्मेदारी
महाभंडारे में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव की सुपुत्री आयुषी देव भी सेवा कार्य में शामिल हुईं। उन्होंने श्रद्धालुओं को अपने हाथों से प्रसाद परोसा और आयोजन में सहभागिता निभाई।
इस दौरान आयुषी देव ने बताया कि उनके पिता प्रत्येक वर्ष गणेश उत्सव समितियों के कार्यक्रमों में शामिल होकर पूजा-अर्चना और भंडारे में सहभागिता करते रहे हैं। वर्तमान में सड़क दुर्घटना के बाद वे दिल्ली में उपचाराधीन हैं और स्वास्थ्य लाभ ले रहे हैं। उनके अस्वस्थ होने के कारण इस वर्ष वह स्वयं सेवा कार्य में शामिल हुईं।
उन्होंने कहा कि पंचपथ युवा गणेश उत्सव समिति ने जिस तरह विशाल महाभंडारे का आयोजन किया, वह सराहनीय है। उन्होंने आयोजन से जुड़े सभी सदस्यों और श्रद्धालुओं को बधाई देते हुए कहा कि ऐसे आयोजन धार्मिक आस्था के साथ सेवा, सहयोग और सामाजिक एकजुटता की भावना को मजबूत करते हैं।
आस्था के साथ सेवा का संदेश
दो दशक से गणेश उत्सव की परंपरा को आगे बढ़ा रही पंचपथ युवा गणेश उत्सव समिति का इस वर्ष का आयोजन भले ही गणेश स्थापना के बिना हुआ, लेकिन महाभंडारे में उमड़ी भीड़ ने आयोजन को यादगार बना दिया। गणेश प्रतिमा की अनुपस्थिति के बीच सेवा को ही साधना का माध्यम बनाकर समिति ने श्रद्धा और सामाजिक सरोकार का एक अलग संदेश दिया।





