बाँकी मोंगरा नगर पालिका में नियमों की धज्जियां: बिना टेंडर बीजेपी पार्षदों के वार्डों में काम पूरा, कांग्रेसी पार्षदों को सालभर से सिर्फ ‘तारीख’ का दिलासा…
सतपाल सिंह

बाँकी मोंगरा नगर पालिका में नियमों की धज्जियां: बिना टेंडर बीजेपी पार्षदों के वार्डों में काम पूरा, कांग्रेसी पार्षदों को सालभर से सिर्फ ‘तारीख’ का दिलासा…

विपक्षी पार्षदों ने कलेक्टर से की मुलाकात; निष्पक्ष जांच कर दोषी अधिकारियों और फर्म पर सख्त कार्रवाई की मांग..
बाँकी मोंगरा / कोरबा:
नगर पालिका परिषद बाँकी मोंगरा में विकास कार्यों में पक्षपात और टेंडर प्रक्रिया में बड़े पैमाने पर मनमानी का गंभीर मामला सामने आया है। बीजेपी और कांग्रेस देखकर जनहित के कार्यों को रोकने तथा नियमों को ताक पर रखकर चहेतों को फायदा पहुंचाने का आरोप लगाते हुए विपक्षी पार्षदों ने मोर्चा खोल दिया है। इस विषय में पार्षदों के एक प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी (कलेक्टर) से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा और उच्च स्तरीय जांच की मांग की है।
नियम दरकिनार कर करा दिए कार्य
संयुक्त बयान जारी करते हुए नेता प्रतिपक्ष मधुसूदन दास, पार्षद तेजप्रताप सिंह, राजकुमार मिश्रा, राकेश अग्रवाल, संदीप डहरिया, शाहिद कुजूर और हेमंत शहानी ने कहा कि बाँकी मोंगरा नगर पालिका जब से अस्तित्व में आई है, तब से विवादों और समस्याओं का केंद्र बनी हुई है। पार्षदों ने बताया कि लगभग 10 महीने पहले बीटी सड़क निर्माण का एक टेंडर जारी किया गया था। बिना किसी ठोस वजह के, 10 महीने बाद उस पुराने टेंडर को निरस्त कर दिया गया और नया टेंडर निकाला गया।
हैरानी की बात यह है कि इस नए टेंडर के खुलने की आधिकारिक तारीख 19 नवंबर 2026 तय है, लेकिन नगर पालिका प्रशासन ने नियमों और वैधानिक प्रक्रियाओं की धज्जियां उड़ाते हुए टेंडर खुलने से पहले ही न सिर्फ भूमिपूजन कर दिया, बल्कि कार्य भी पूर्ण करा लिया।
क्या दल देखकर होगा जनता का विकास?
विपक्षी पार्षदों ने तीखा सवाल उठाते हुए कहा, “क्या क्षेत्र की जनता के लिए जनहित के कार्य बीजेपी और कांग्रेस का चेहरा देखकर तय होंगे? जहां बीजेपी के पार्षद हैं, वहां बिना टेंडर के रातों-रात काम पूरे हो रहे हैं, और जहां कांग्रेसी पार्षद हैं, वहां जनता को सालभर से सिर्फ टेंडर प्रक्रिया का बहाना बनाकर इंतजार कराया जा रहा है।”
दोषियों पर कार्रवाई की मांग
कलेक्टर को सौंपे गए ज्ञापन में विपक्षी पार्षदों ने विनम्रतापूर्वक निवेदन किया है कि इस पूरे घालमेल की निष्पक्ष और समयबद्ध जांच की जाए। बिना टेंडर के अवैध रूप से निर्माण कार्य करने वाली फर्म, इसे मौन स्वीकृति देने वाले जिम्मेदार अधिकारियों और पर्दे के पीछे से सांठगांठ करने वाले लोगों के खिलाफ तत्काल कड़ी कानूनी व दंडात्मक कार्रवाई की जाए।
इस अवसर पर मुख्य रूप से नेता प्रतिपक्ष मधुसूदन दास, पार्षद तेजप्रताप सिंह, राजकुमार मिश्रा, राकेश अग्रवाल, संदीप डहरिया, शाहिद कुजूर एवं हेमंत शहानी सहित अन्य कार्यकर्ता उपस्थित थे।





