

चक्रधर समारोह में अश्वीका साव ने दी शिव वंदना की मनमोहक प्रस्तुति

कला और संस्कृति के प्रतिष्ठित मंच 41वें चक्रधर समारोह-2026 में युवा कथक नृत्यांगना अश्वीका साव ने भगवान शिव को समर्पित ‘शिव वंदना’ की प्रस्तुति दी। तीनताल में निबद्ध इस प्रस्तुति में अश्वीका ने कत्थक की शास्त्रीय परंपरा के माध्यम से भगवान शिव के विभिन्न स्वरूपों को भावपूर्ण ढंग से प्रस्तुत किया।
प्रस्तुति में शंभू, शंकर, भोलेनाथ, नीलकंठ और नटराज स्वरूपों की स्तुति की गई। अश्वीका ने अपने नृत्य में तत्कार, नृत्य-बोल, परन और भाव-अभिनय का सुंदर समन्वय करते हुए भगवान शिव के दिव्य और तांडव स्वरूप को मंच पर अभिव्यक्त किया। लय और भाव के साथ उनके पद-संचालन तथा घुंघरुओं की झंकार ने प्रस्तुति को प्रभावशाली बनाया।
शिव वंदना के अंतिम चरण में लड़ी के लयात्मक संयोजन ने प्रस्तुति में विशेष ऊर्जा भर दी। लय की गति के साथ बढ़ता हुआ तत्कार और घुंघरुओं की गूंज प्रस्तुति के चरम तक पहुंची और इसी के साथ अश्वीका ने अपनी नृत्यांजलि पूर्ण की।
लखनऊ घराने की परंपरा में कर रहीं साधना। अश्वीका साव लखनऊ घराने की कत्थक परंपरा में प्रशिक्षण प्राप्त कर रही हैं। वे अपने गुरु श्री रंजीत नायक के मार्गदर्शन में कत्थक की साधना कर रही हैं। उन्होंने कत्थक में सीनियर डिप्लोमा उत्तीर्ण किया है और वर्तमान में भी नियमित रियाज एवं अध्ययन जारी रखे हुए हैं।
अश्वीका ने विभिन्न राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मंचों पर कत्थक की प्रस्तुतियां दी हैं। थाईलैंड, दुबई और मलेशिया में भी वे भारतीय शास्त्रीय नृत्य की प्रस्तुति दे चुकी हैं। इसके अलावा पाली महोत्सव, रामगढ़ महोत्सव, मैनपाट महोत्सव, सिरपुर महोत्सव और छत्तीसगढ़ राज्योत्सव सहित अनेक सांस्कृतिक आयोजनों में उन्होंने अपनी कला का प्रदर्शन किया है।
चक्रधर समारोह जैसे प्रतिष्ठित मंच पर शिव वंदना की प्रस्तुति अश्वीका के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि रही। भक्ति, भाव, ताल और लय के सुंदर संगम के साथ उन्होंने अपनी नृत्यांजलि भगवान शिव को समर्पित की।





