कोरबा में वाहन बुकिंग के बहाने स्कार्पियो वाहन की लूट, मालिक को जंगल में पेड़ से बांध कर भागे, पुलिस ने किया गिरफ्तार
राजू सैनी - बांकी मोंगरा प्रतिनिधि
कोरबा में वाहन बुकिंग के बहाने स्कार्पियो वाहन की लूट, मालिक को जंगल में पेड़ से बांध कर भागे, पुलिस ने किया गिरफ्तार
कोरबा – जिले के बांकी मोंगरा थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम ढपढप निवासी के साथ बड़ी लूट की घटना घटित हुई, अनहोनी होने से पहले उसने खुद को जैसे तैसे छुड़ा कर थाने पहुंचा,सूचना के बाद तत्काल पुलिस हरकत में आई और आरोपियों को धर दबोचा गया। पीड़ित द्वारा पुलिस में दी गई सूचना के अनुसार दिनांक 04.06.2026 को प्राथर्थी संजय कुमार केंवट के द्वारा थाना उपस्थित आकर मौखिक रिपोर्ट दर्ज कराया कि दिनांक 01.06.2026 के शाम को अज्ञात मोबाईल नंबर से मेरे मोबाईल नंबर 9302271305 में किसी अज्ञात व्यक्ति ने फोन कर मुझे बोला कि बुकिंग में ढपढप से मध्यप्रदेश सिहोर जाना है तब मैं बोला कि नहीं बनेगा। सुबह दिनांक 02.06.2026 को फिर से उसी मोबाईल नंबर से शाम को मेरे मोबाईल में अज्ञात व्यक्ति ने फोन किया और बोला कि आज मेरे दोस्त लोग नहीं आ पा रहे है कल आयेंगे तब ढपढप से सिहोर मध्यप्रदेश जाओगे क्या तब में हां चला जाउंगा बोला और बोला कि एडवांस तेल डलवाने के लिये पैसा दोगे तो जाउंगा तो वे लोग मुझे बोले कि कल डलवा देंगे। उसके बाद सुबह दिनांक 03.06.2026 को शाम 04.00 बजे लगभग फिर से उसी मोबाईल नंबर से मेरे मोबाईल पर फोन आया और बोले कि रात्रि 08:30 बजे ढपढप से निकलेंगे तब मैं बोला कि 2000 रूपया एडवांस डीजल के लिये फोन पे कर दो तब वे लोग बोले कि 1500 रूपया हो पायेगा, फिर मेरे मोबाईल नंबर 9302271305 में फोन पे किये। रात्रि लगभग 08.00 बजे फिर से फोन किये और बोले कि मैं फोन करूंगा तब घर से निकलना। फिर रात्रि लगभग 08.53 में फोन कर बोला कि ढपढप मोड के पास आओ हम लोग वही पर मिलेंगे 07 लोग जायेंगे। उसके बाद मैं अपना स्कार्पियो क्रमांक सीजी 12 बी एन 9335 काला रंग में अपना सामान तथा डीजल के लिये पर्स में नगद 6000 रूपया, पेनकार्ड, आधारकार्ड, ड्रायविंग लायसेंस, गाड़ी व मोटरसायकल का आरसी कार्ड, एटीएम कार्ड तथा एक रियल मी 14 प्रो प्लस मोबाइल को लेकर निकला और बांकीमोंगरा एचपी पेट्रोल पंप में 500 रूपया का डीजल डलवाया और 500 रूपया पेट्रोल पंप में भुगतान किया। उसके बाद अपना स्कार्पियो लेकर ढपढप मोड़ के पास गया और वहां से जिस नंबर से फोन आया था उसी नंबर पर फोन कर बताया कि मैं आ गया हूँ, तब बात करने वाला बोला कि मैं दोस्त लोग को लेकर आ रहा हू वही पर रुको, मैं रुका था। रात्रि 09.30 बजे लगभग मेरे फोन करने के दो मिनट बाद ही एक होण्डा साईन मोटरसायकल में तीन लोग आये और दो लोग मेरे स्कार्पियो में बैठ गये तथा एक व्यक्ति मोटरसयकल में आगे आगे ग्राम ढपढप की ओर निकला और अपने पीछे मुझे बुलाया, मैं गाड़ी लेकर उनके दो साथियों को बैठाकर उनके पीछे पीछे गया। कुछ दूर में अपने मोटरसायकल को वह रोका में भी गाड़ी को रोक दिया। बाईक वाला व्यक्ति मेरे पास आया और अचानक से मेरे साईड का गेट खोला और मेरे आंख में मिर्च वाला स्प्रे मार दिया। उतने में उसके दो साथी जो स्कार्पियो के पीछे बैठे थे जो मुझे ड्रायवर सीट से अपने पास खींचकर ले गये। हाथ झापड मुक्का से मुझे मारने लगे और उनका एक साथी मोटरसायकल वाला ने मेरे गाड़ी के ड्रायविंग सीट पर बैठा और गाड़ी को चालू कर बांये तरफ भांठा सुनसान जगह में ले गये और गाड़ी को रोककर तीनो मिलकर मेरे ही गमछा से पीछे तरफ बांध दिये और मेरे मोबाईल का पासवर्ड तोड़वाया। मैं मना किया तो मुझे हाथ मुक्का से मारपीट करने लगे तब मैं मोबाईल का पासवर्ड को बता दिया। मेरे मोबाईल कोअनलाक कर लिये फिर मेरे फोन पे का पासवर्ड पूछे तो मैं उनके मार के डर से 6 अंक पासवर्ड भी बता दिया। वे लोग अपना मोटरसायकल को वहीं पर छोड़ दिये और मुझे दो गाड़ी के बीच सीट में दबाकर नीचे बैठा दिये तथा उनका एक साथी जो मोटा था स्कार्पियो चलाते हुये लगभग आधा घंटा तक मुझे इधर उधर घुमाते रहे ओर जंगल में ले जाकर पेड़। बांध दिये। वहां भी मुझे झापड से मारे और मुझसे पूछे कि गाड़ी चाहिये की तूम जिंदा रह चाहते हो, तब मैं बोला कि मैं जिंदा रहना चाहता हूँ। उसके बाद मेरा स्कार्पियों क्रमांक सीजी 12 बी एन 9335, मेरा मोबाईल रियल मी का, मेरा पर्स में रखे 6000 नगद व कागजात, मेर स्मार्टवाच, इयरबड्स व अन्य सामान को लूटकर भाग गये। मैं अपने हाथ को धीरे धीरे छुड़ाकर जंगल से निकला तो रेलपटरी दिखा जिसमें चलते चलते आगे आया तो ग्राम पुरेना मिला जहा आने जाने वाले लोग को रोककर लिप्ट मांगा। एक व्यक्ति पुरेना का मिला जो लिप्ट दिया जिसे मैं घटना के बारे में बताया तो वह अपने घर ले गया और जिसके फोन से मैं अपने पत्नी को फोन कर घटना की बात बताया तब मेरे भैया मनोज केंवट, जीजा मदन केंवट मुझे लेने आये। जिन्हे मैं घटना के बारे में बताया और मैं अपने साथ थाना आकर घटना का रिपोर्ट कर रहा हूँ। जो व्यक्ति मेरे साथ लूटपाट किये है वे तीन लोग थे जो 20 से 25 साल के लग रहे थे, दो पतले एक मोटा था, तीनो लोग साफी से मुंह को बांधे थे। छत्तीसगढ़ी बोल रहे थे। आपस में चर्चा कर रहे थे कि अंबिकापुर जायेंगे कि रायपुर जायेंगे फिर बोले कि रास्ता में डिसाईड करेंगे के कहां जायेंगे कि रिपोर्ट पर अपराध धारा पंजीबद्ध कर विवेचना किया जा रहा है। पुलिस द्वारा प्रार्थी का कथन लिया गया तथा चोट का मुलाहिजा कराया गया जो साधारण प्रकृति का होना पाया गया।
लूटी गयी मशरूका की पत्ता तलाश किया गया जो लूटी गयी स्कार्पियो कमांक सीजी 12 बीएन प्रकरण सदर में प्रार्थी की सूचना पर तत्काल नाकेबंदी कर अज्ञात आरोपी एवं 9335 को चोटिया टोल बेरियर से रात्रि 11.06 बजे पार होना ज्ञात होने पर आगे गंतब्य मार्ग की सरहदी जिलों को नाकेबंदी हेतु प्वाइंट दिया गया जो चौकी खड़गवा जिला सूरजपुर के द्वारा नाकेबंदी किया गया। लूटी गयी स्कार्पियो को आरोपियान अरविंद कुमार पाल, पंकज पाल तथा सचिन केंवट के आपसी आदान प्रदान के दौरान पकड़ा गया जो आरोपी चालक सचिन केंवट कोरबा से लेकर गया था मौका पाकर फरार हो गया तथा लूट की मशरूका स्थानानंतरित कब्जेदार आरोपी अरविंद कुमार पाल, पंकज पाल पकड़े गये जो आरोपियो से पूछताछ कर मेमोरेण्डम कथन लिया गया। आरोपियों ने अपने पूर्ण योजनाबद्ध तरिके से अपने साथी सचिन केंवट, हिमांशु एवं अन्य के द्वारा कोरबा से लूटकर अपने सुपुर्द करना बताये। जो आरोपियान के पेश करने पर अरविंद कुमार पाल के कब्जे से मय चाबी स्कार्पियो कमांक सीजी 12 बी एन 9335 कीमती 17,00,000/- रूपये एवं एक मोबाईल चार्जर की मशरूका बरामद कर शुमार बजाप्ता किया गया।
प्रकरण में धारा 61(2) (ए) बीएनएस जोड़ी गयी। प्रकरण सदर में आरोपियों का स्वास्थ्य प्रकरण में आरोपियों द्वारा आराधिक षण्णयंत्र रचकर अपराध का घटित करना पाये परीक्षण कराया गया। धारा सबूत पाये जाने से आरोपियों को आज दिनांक 04.06.2026 को विधिवत गिरफ्तार किया प्रकरण सदर में आरोपियान अरविंद कुमार पाल एवं पकंज पाल के विरूद्ध अपराध दर्ज किया गया।
आरोपी के नाम – अरविंद कुमार पाल पिता सुरेश पाल उम्र 21 साल साकिन परिहा (तिलदार) थाना गढ़वा जिला ग 02. पंकज पाल पिता राजाराम थाना गढ़वा जिला गढ़वा झारखण्ड।





