
जम्मू-कश्मीर में रविवार से हो रही लगातार बारिश ने भयानक रूप ले लिया है. अचानक आई बाढ़ और भूस्खलन के कारण अब तक 23 लोगों की दर्दनाक मौत हो चुकी है और 7 लोग अभी भी लापता हैं. इस आपदा का सबसे ज्यादा असर पुंछ, राजौरी और डोडा जिलों में देखने को मिला है. पुंछ के लोरन-डुमिलान में मिट्टी धंसने से एक मकान पूरी तरह दब गया जिसमें एक ही परिवार के सात लोगों की जान चली गई.
करोड़ों का नुकसान, दुकानें और गाड़ियां बहीं
तबाही का मंजर ऐसा है कि राजौरी में बाढ़ का तेज बहाव अपने साथ 100 से ज्यादा गाड़ियां बहा ले गया. वहीं बडगाम जिले के बीरवाह इलाके में सुखनाग नदी उफान पर है. इसके तेज बहाव में लगभग दो दर्जन दुकानें बह गईं. इतना ही नहीं मुख्य बस स्टैंड के पास मौजूद एक बड़ा म्युनिसिपल शॉपिंग कॉम्प्लेक्स भी ढह गया. इस तबाही में करोड़ों रुपये के नुकसान का अनुमान है. बाढ़ ने पीने के पानी की पाइपलाइनें तोड़ दी हैं और संपर्क मार्ग भी काट दिए हैं.

युद्ध स्तर पर राहत और बचाव कार्य
खतरे को देखते हुए बुधवार को कश्मीर के लिए ‘रेड अलर्ट’ जारी किया गया है. बेघर हुए सैकड़ों लोगों को सुरक्षित राहत शिविरों में पहुंचाया गया है. स्टेट डिजास्टर रिस्पांस फोर्स (एसडीआरएफ), पुलिस और सुरक्षा बल लगातार लोगों की जान और माल बचाने में जुटे हैं. बचाव दल के एक अधिकारी ने बताया कि उन्होंने दुकानों से सामान बचाने की बहुत कोशिश की लेकिन अचानक इमारत गिरने से यह काम रुक गया.
अभी भी टला नहीं है खतरा
जम्मू-कश्मीर में अभी भी लगातार बारिश और गरज के साथ छींटे पड़ने का सिलसिला जारी है. प्रशासन ने संवेदनशील इलाकों में भूस्खलन और अचानक बाढ़ आने के खतरे को लेकर चेतावनी दी है. सभी प्रमुख नदियों और नालों के जलस्तर पर प्रशासन की पैनी नजर बनी हुई है.






