कोरबा में नौकरी के नाम पर ₹70,000 की ठगी और जातिगत प्रताड़ना, के.सी.सी. कंपनी के अधिकारियों पर FIR दर्ज..
सतपाल सिंह

कोरबा में नौकरी के नाम पर ₹70,000 की ठगी और जातिगत प्रताड़ना, के.सी.सी. कंपनी के अधिकारियों पर FIR दर्ज..

*हरदीबाजार//कोरबा:-
एसईसीएल (SECL) दीपका परियोजना में कार्यरत निजी कंपनी के.सी.सी. (KCC) के अधिकारियों द्वारा स्थानीय ग्रामीणों से नौकरी के नाम पर ठगी मारपीट और जातिगत अपमान का सनसनीखेज मामला सामने आया है हरदीबाजार पुलिस ने पीड़ितों की शिकायत और उच्चाधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद कंपनी के मैनेजर सहित अन्य कर्मचारियों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (BNS) और SC/ST एक्ट की गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है ।
*घटना का विवरण*
शिकायतकर्ता मुकेश कुमार चैतन्य और दीपक सिंह कंवर निवासी हरदीबाजार ने आरोप लगाया है कि उन्हें के.सी.सी. कंपनी में ड्राइवर की नौकरी दिलाने का झांसा देकर चपरासी रामप्रताप पटेल ने ₹70,000 की अवैध वसूली की थी ।
25 फरवरी 2026 को जब पीड़ित अपना बकाया पैसा वापस मांगने कंपनी कार्यालय पहुंचे तो वहाँ मौजूद मैनेजर विकास दुबे रामप्रताप पटेल और रवि सिंह ने पैसे लौटाने के बजाय पीड़ितों के साथ अभद्रता की पीड़ितों का आरोप है कि उन्हें जातिगत गालियां चमार/आदिवासी देकर अपमानित किया गया और बेरहमी से मारपीट कर कार्यालय से बाहर निकाल दिया गया ।
*कानूनी कार्यवाही FIR No. व धाराएं*
प्रशासनिक दबाव और साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ निम्नलिखित धाराओं में अपराध पंजीबद्ध किया है:-
01. BNS धारा 318(2):- धोखाधड़ी पैसे लेकर नौकरी न देना ।
02. BNS धारा 115(2) व 296:- स्वेच्छा से चोट पहुँचाना और अश्लील गाली-गलौज ।
03. BNS धारा 3(5):- सामूहिक रूप से अपराध को अंजाम देना ।
04. SC/ST एक्ट धारा 3(1)(ध):- सार्वजनिक रूप से जातिगत अपमान और प्रताड़ना ।
*मैनेजर विकास दुबे का विवादित इतिहास*
हैरानी की बात यह है कि आरोपी मैनेजर विकास दुबे के विरुद्ध पूर्व में भी 26 से अधिक शिकायतें पुलिस अधीक्षक कार्यालय और स्थानीय थानों में लंबित हैं भू-विस्थापितों और ग्रामीणों का आरोप है कि कंपनी प्रबंधन के संरक्षण के कारण अब तक इन पर कोई ठोस कार्यवाही नहीं हुई है ग्रामीणों ने मांग की है कि पुरानी शिकायतों की भी निष्पक्ष जांच कर कड़ी दंडात्मक कार्यवाही की जाए ।
*पीड़ितों की मांग*
हम गरीब और अनुसूचित वर्ग के लोग हैं हमारी जमीनें SECL ने ली हैं हमें हक मिलना चाहिए था लेकिन यहाँ रसूखदार हमें लूट रहे हैं और अपमानित कर रहे हैं हमारी मांग है कि दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी हो ।






