Chhattisgarh

सुनियोजित षड्यंत्र! अधिकारियों और नेताओं के बच्चों के लिए CGPSC परीक्षा में किया पेपर लीक

रायपुर: सीजीपीएससी भर्ती परीक्षा 2021 के घोटाला में सुनियोजित तरीके से पेपर लीक कराया गया। पूर्व अध्यक्ष टामन सिंह सोनवानी, पूर्व सचिव जीवन किशोर ध्रुव समेत अन्य प्रशासनिक अधिकारियों और नेताओं के बेटे-बेटियों के लिए प्रश्न पत्र लीक कराने में टामन सिंह सोनवानी ने पूर्व परीक्षा नियंत्रक आरती वासनिक के साथ मिलकर षड्यंत्र किया। सीबीआई के आरोप पत्र के अनुसार सीजीपीएससी 2020 के लिए तैयार किए गए प्रश्न पत्र के एक सेट को आरती वासनिक ने पूरे एक साल तक दबाकर रखा। सरकारी रिकॉर्ड में इसकी एंट्री नहीं हुई और बाद में उसी प्रश्न पत्र का इस्तेमाल सीजीपीएससी 2021 की मुख्य परीक्षा में किया गया।

Home Loan @ 7.45%

CG Murder Case: महिला का शव बिस्तर पर खून से सना मिला, दो दिनों से घर में देवर के साथ थी

यह पेपर पहले से ही लीक हो चुका था। प्रश्न पत्र लीक होने की जानकारी टामन सिंह सोनवानी के रिश्तेदारों को पहले से थी। इसका पर्दाफाश उनके भतीजे विनीत खेबर और उसकी पत्नी स्वेता के बीच हुई वाट्सएप चैटिंग से हुआ है। इसी चैटिंग के जरिए सीबीआइ ने अपनी जांच आगे बढ़ाई। पूर्व सचिव जीवन किशोर ध्रुव ने बेटे सुमित ध्रुव को प्रश्नपत्र और माडल उत्तर पहले ही उपलब्ध कराए, जिससे वह डिप्टी कलेक्टर पद पर चयनित हुआ। तलाशी में उनके घर से पेपर और उत्तरों की फोटोकॉपी मिली। सोनवानी ने बहू मीशा कोसले और दीपा आदिल को लाभ पहुंचाया, वहीं नेहा और निखिल खलखो का चयन भी संदिग्ध पाया गया।

सीबीआई को जांच में केवल सीजीपीएससी-2021 ही नहीं, बल्कि पांच साल के भीतर हुई कई भर्ती परीक्षाओं में भी प्रश्नपत्र लीक होने का पता चला है। सीबीआई इसका जल्द ही राजफाश करेगी। वर्ष 2020 की प्रारंभिक और मुख्य परीक्षा से पहले ही प्रश्नपत्र प्राप्त होने पर अध्यक्ष सोनवानी ने अपने रिश्तेदारों, करीबियों तक इसे पहुंचाया। वर्ष 2021 की परीक्षा में सचिव जीवन किशोर ध्रुव के पुत्र सुमित ध्रुव डिप्टी कलेक्टर बने, जबकि सोनवानी ने अपने बेटे नितेश, बहू निशा कोसले, भतीजे साहिल सोनवानी, भाभी दीपा आडिल और अन्य को विभिन्न पदों पर चयनित करवाया। सीबीआई ने 15 जुलाई 2024 को ध्रुव के भिलाई स्थित निवास पर छापेमारी व तलाशी के दौरान वर्ष 2021 की मुख्य परीक्षा के पेपर नंबर सात और पेपर दो के अभ्यास उत्तर बरामद करने का उल्लेख भी आरोप पत्र में किया है। फिलहाल सभी आरोपित रायपुर जेल में बंद हैं। सीबीआइ ने अभ्यर्थियों के घरों से हार्ड डिस्क और पेन ड्राइव बरामद की। साथ ही, उनके और स्वजनों के बैंक खातों की जांच की गई। पीएससी अधिकारियों और अभ्यर्थियों के बीच पांच साल की काल डिटेल और लोकेशन रिकार्ड खंगाले गए, ताकि पता चल सके कि परीक्षा के दौरान कितनी बार संपर्क हुआ और मुलाकातें हुईं। जांच टीम ने प्रश्नपत्र छापने वाली प्रिंटिंग प्रेस एकेडी प्रिंटर्स पर भी छापा मारकर मालिक और कर्मचारियों के बयान दर्ज किए। यहां के संचालक अरुण कुमार द्विवेदी आरोपित अधिकारियों के संपर्क में रहे।

शक्ति में बैटरी चलीत रावण की झांकी देखने पहुंचे लोगों की लगी भीड़ , तो वही रावण की झांकी देख कर ,हुनरबाज रावण बनाने वाले अमित तंबोली को लोगो ने खूब सराहा

पूर्व सहायक परीक्षा नियंत्रक ललित गणवीर और पूर्व परीक्षा नियंत्रक आरती वासनिक के साथ पिछले वर्षों में चयनित हुए अभ्यर्थियों के स्वजन से हुई बातचीत, वाट्सएप चैटिंग व अन्य पर जांच जारी है। अभी केवल टामन और जीवन किशोर ध्रुव के करीबियों के बारे में सीबीआई ने पता की है। अब जांच की सुईं ललित गणवीर और आरती वासनिक समेत तत्कालीन समय में राज्यपाल के सचिव रहे अधिकारियों की भी चयनित अभ्यर्थियों से करीबी होने पर जांच जारी है।

Preeti Singh

Priti Singh is a senior journalist at INN24 News with extensive experience covering crime, governance, public policy, and regional affairs in Chhattisgarh Her reporting focuses on factual accuracy, administrative accountability, and issues of public interest. Areas of Expertise • India and Chhattisgarh politics and governance • State and regional affairs (Chhattisgarh) • Public administration • Investigative reporting Editorial Responsibility Priti Singh follows strict fact-checking and editorial standards and adheres to INN24 News’ Editorial Policy. 📧 Contact: manni200390@gmail.com Profile Last Updated: 20 January 2026