*मानव सेवा ही ईश्वरीय सेवा है इसलिए ईश्वर की प्रसन्नता मनुष्य की प्रसन्नता में देखें – पुनीत शाही बाबा अघोर संत*

जिला रिपोर्टर शक्ति उदय मधुकर
*अघोर पीठ जनसेवा अभेद आश्रम बोईरडीह ने सुदूर पहाड़ी अंचल के गांव रैनखोल में आदिवासी समुदाय के जरूरतमंद लोगों में किया छाता वितरण*

सक्ती अघोर पीठ जनसेवा अभेद आश्रम बोईरडीह द्वारा आश्रम की स्थापना तथा पूज्य श्री गुरूदेव जी के अवतरण दिवस पर सक्ती जिले के सुदूर पहाड़ी अंचल के गांव रैनखोल में 12 जून, शुक्रवार को आदिवासी समुदाय के जरूरतमंद लोगों के बीच छाता वितरण किया। यह पुनीत कार्य अघोर संत बाबा पुनीत शाही के सानिध्य में सम्पन्न हुआ। इस अवसर पर बाबा पुनीत शाही ने रैनखोल में आदिवासी समुदाय के 140 जरूरतमंद लोगों को छाता वितरण किया। इस मौके पर उपस्थित जनसमूह तथा रैनखोल वासियों को संबोधित करते हुए अघोर संत बाबा पुनीत शाही ने कहा मानव सेवा ही ईश्वर की सेवा है। लोग मंदिरों आदि में जाकर ईश्वर को ढूंढ़ते हैं लेकिन हम लोगों ने आप सब लोगों के अंदर उस ईश्वर को देखा है। ईश्वर के दरबार में जाकर , पीठों में जाकर , मंदिरों में जाकर लोग बहुत चढ़ावा चढ़ाते हैं, तरह-तरह के अनुष्ठान आदि करते हैं और प्रसन्न होते हैं कि हमने ईश्वर को प्रसन्न करने के लिए कुछ किया। लेकिन उनके कार्यों से ईश्वर प्रसन्न हुए या नहीं यह नहीं जान पाते हैं। किंतु हम लोगो ने अपने अघोरेश्वर महाप्रभु तथा गुरू जनों के मार्गदर्शन में सीखा है कि मंदिरों में जो मूर्तियां हैं उसकी प्राण प्रतिष्ठा तो किसी न किसी मनुष्य ने ही किया है परंतु मानव रूपी जो मूर्तियां हैं उनकी प्राण प्रतिष्ठा तो साक्षात ईश्वर ने किया है। आप सब इसे प्रेरणा के रूप में लें आप सभी अपने समाज, गांव मुहल्ले में रहने वाले लोगों की प्राण प्रतिष्ठा साक्षात ईश्वर ने की है और आप सब अपने कार्यों से उस ईश्वर को प्रसन्न कर सकते हैं। क्योंकि आज हम देखते हैं कि समाज में लोगों के बीच ईर्ष्या, द्वेष, घृणा तथा नफरत आदि के भाव दिलों में बहुत ज्यादा भर गया है। इससे आप सब जाने-अनजाने अपने ईश्वर को नाराज़ कर रहे हैं। इसीलिए आप सभी से निवेदन है कि आप सब ईश्वर की प्रसन्नता मनुष्य की प्रसन्नता में देखें। अपने दिलों में एक दूसरे के प्रति ईर्ष्या, घृणा, ऊंच-नीच, जात-पात तथा नफरत आदि के भावों को त्यागकर उसकी जगह दिलों में प्रेम, दया, करूणा, मैत्री, सहयोग तथा मानवता के भावों को जगाएं और एक दूसरे का सहयोग करें और अपने ईश्वर को प्रसन्न करें। इसके पहले रैनखोल में अघोर संत बाबा पुनीत शाही के पहुंचने पर रैनखोल ग्रामवासियों ने बड़ी संख्या में इकट्ठा होकर उनका आत्मीय स्वागत अभिनंदन किया किया। इन पलों में उनके साथ उदय मधुकर, योम प्रकाश लहरे, दीपक जायसवाल, देव जायसवाल, उदय धनवार, रेवतीनंदन पटेल, श्रीमती कांता यादव, श्रीमती मांडवी साहू, श्रीमती राजकुमारी चंद्रा, फागू राम कुर्रे सहित अघोर पीठ आश्रम बोईरडीह के भक्तजन भी उपस्थित रहे।





