दीपका प्रबंधन पर षड्यंत्र पूर्वक खाता संयोजन नीति थोपने का आरोप…

कोरबा जिले SECL दीपका क्षेत्र द्वारा सन् 1988 में बनाई गई नीति का उल्लंघन और CBA की धारा 9 (1) प्रकाशन के बाद अर्जित भूमि का फर्जी तरीके से शपथ पत्र मांगकर खाता संयोजन कर रोजगार से वंचित करने पर ४ बेरोजगार व्यक्ति प्रकाश कुमार कोर्राम,भागीरथी यादव,रामाधार यादव और सागर कुमार जायसवाल ने दीपका प्रबंधन को पत्र लिखकर दीपका खदान के मलगांव फेस पर अनिश्चितकालीन आमरण अनशन की चेतवानी दी है। दीपका प्रबंधन को लिखे पत्र में यह कहा गया है की अनुसार भारत सरकार कोयला मंत्रालय द्वारा कोयला धारक क्षेत्र (अर्जन एवं विकास) अधिनियम 1957 के अधिनियम की धारा 9 ( 1 ) के तहत् एस. ओ. क्र. 1562 दिनांक 19/04/1986 को अधिसूचना जारी कर एसईसीएल दीपका क्षेत्र में विभिन्न ग्रामों का भूमि अर्जन किया गया था। दिनांक 25/11/1988 को परियोजना स्तर पर रोजगार, पूर्नवास, मुआवजा सहित दी जाने वाली सुविधाओं के लिए सभी जनप्रतिनिधि (विधायक गण ) जिला प्रशासन एवं एस.ई.सी.एल.के. अधिकारी एवं किसानों के मध्य बैठक कर नियम बनाया गया था। इस नियम में स्पष्ट तौर पर हर खाते में एक रोजगार एवं बड़े खातो में हर तीन एकड़ में एक रोजगार का प्रावधान रखा गया है।हमारे द्वारा नियमानुसार आज से 10-12 वर्ष पहले जमीन के एवज में रोजगार के लिए नामाकन दाखिल किया गया, एस.ई.सी.एल. दीपका क्षेत्र द्वारा रोजगार संबंधित प्रक्रियाओं को पूर्ण करने एवं रोजगार पात्रता जांच कराने के लिए अनुविभागीय अधिकारी राजस्व कटघोरा व जिला प्रशासन कोरबा को भेजा गया था, जिस पर सम्पूर्ण दस्तावेजो का सत्यापन कर रोजगार के लिए पात्रता हेतु अनुसंशा किया गया है। सम्पूर्ण प्रक्रिया पूर्ण करने के बाद कुछ माह पहले हमे जानकारी दिया गया की जिस खाते पर हमारे द्वारा रोजगार के लिए नामांकन दाखिल किया 9418/03 गया है, उक्त खाता को अन्य खाते के साथ जोड़कर एक व्यक्ति रोजगार दिया गया है। हमारे द्वारा खाता संयोजन किस पॉलिसी नियम या नीति के तहत किया गया है जानकारी मांगने पर जानकारी नहीं दिया गया बल्कि गुमराह करते आ रहे हैं की शपथ पत्र के आधार खाता जोड़ा गया है, इससे स्पस्ट है। प्रबंधन के पास के कोई पॉलिसी नहीं थी । एस.ई.सी.एल दीपका क्षेत्र के अधिकारीयों द्वारा सन् 1990-91 में शपथ पत्र के आधार पर एक एकड़ का प्रावधान बताकर इस प्रकार का नियम था ही नहीं, शपथपत्र मांगकर अलग अलग गांवों के अलग अलग, तीन व्यक्तियों के खातों को संयोजन कर एक व्यक्ति को रोजगार दिया गया है, जोकि तत्कालिन नियम सन 1988 में बने प्रत्येक खाते में रोजगार और CBA धारा 9 ( 1 ) का सीधा उलंघन है और नामांकित व्यक्ति द्वारा नामांकन में एक ही खाते का खसरा, रकबा व खाता नं उल्लेखित है। एस.ई. सी. एल. दीपका क्षेत्र के अधिकारी व कर्मचारी के द्वारा षडयंत्र पूर्वक खाता संयोजन कर उक्त खाते पर किसी अन्य व्यक्ति को रोजगार प्रदान करने की योजना बनाई गई थी। हमारे द्वारा रोजगार मांगे जाने पर एस.ई.सी.एल दीपका द्वारा लगातार गुमराह कर व मनगढ़ंत कहानी बनाकर रोजगार से वंचित कर मानसिक, आर्थिक एवं शारीरिक रूप प्रताड़ित कर रहा है। उक्त संबंध में दीपका प्रबंधन और एसईसीएल मुख्यालय बिलासपुर को बार बार अवगत कराने पर भी कार्यवाही नहीं किया जा रहा है।भूमि अधिग्रहण की अधिसूचना के बाद जन्मे व्यक्तियों को रोजगार से वंचित कर रहे हैं। भू अर्जन की अधिसूचना के बाद जन्म लेने वाले आश्रितों को रोजगार देने के संबन्ध में माननीय कलेक्टर जिला कोरबा महोदय की अध्यक्षता में अलग अलग तिथियों पर बैठक में हुए निर्णय को अध्यक्ष सह प्रबंध निदेशक एसईसीएल मुख्यालय बिलासपुर को एक माह के भीतर कार्यवाही करने हेतु निर्देशित किया गया था कि उतराधिकार अधिनियम के अंतर्गत भूमि अधिग्रहण के बाद जन्मे हुए पुत्र या पुत्री को रोजगार संबंधित अधिकार प्राप्त होते हैं, उन्हें रोजगार से वंचित नहीं किया जा सकता एवं जिन भूस्वामी की भूमि अधिग्रहण किया जा चुका है और उनके व्यवस्थापन हेतु रोजगार उपलब्ध कराया जा रहा है उन पर संशोधित कानून लागू नहीं होंगे। एसईसीएल द्वारा लगातार किसान विरोधी नीति तैयार कर हमें रोजगार से वंचित कर मानसिक, आर्थिक एवं शारीरिक रूप से परेशान है। जमीन अधिग्रहण होने के बाद हमारे लिए जीवकोपार्जन की समस्या उत्पन्न हो गई है। 25/11/1988 में बने नियम एक खाते में एक रोज़गार का सत प्रतिशत पालन कर अर्जित भूमि के एवज में हमे रोजगार प्रदान किया जाए।हम पर किसान विरोधी संशोधित नियम या ब्रिज ऑफ एग्रीमेंट बनाकर जबरन थोपकर रोजगार से वंचित कर हमारे जिंदगी के साथ खिलवाड़ करना बन्द करें। हमारे द्वारा एसईसीएल प्रबंधन से रोजगार मांगते वर्षों बीत गए लेकिन रोजगार के नाम पर सिर्फ आश्वासन दिया गया किसी प्रकार से कार्यवाही नहीं किया गया है। अत आपसे निवेदन करते है की CBA धारा 9(1) का प्रकाशन दिनांक 19/04/1986 के बाद नियम विरुद्ध खाता संयोजन को निरस्त करे और सन् 25/01/1988 में बने नीति प्रत्येक खाते में रोजगार का पालन करते हुए हमें रोजगार प्रदान किया जाये। अन्यथा मजबुर होकर 01/09/23 को मलगांव फेस में अनिश्चितकालिन आमरण अनशन किया जाएगा जिसका समूर्ण जवाबदारी एसईसीएल की होंगी। देखें पत्र की प्रतिलिपि…..

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