सरस्वती शिशु मंदिर कुसमुंडा में गुरु पूर्णिमा उत्सव मनाया गया

सरस्वती शिशु मंदिर कुसमुंडा में गुरु पूर्णिमा उत्सव मनाया गया 
सरस्वती शिशु मंदिर उच्चतर माध्यमिक विद्यालय कुसमुंडा में दिनांक 29 जुलाई दिन बुधवार को प्रार्थना सभा में गुरु पूर्णिमा का पर्व श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया।
महर्षि वेदव्यास जयंती के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम में संस्था के प्राचार्य श्री चिंतामणि कौशिक ने गुरु शिष्य के परंपरा के महत्व पर विशेष संदेश दिया।
विद्यालय के कन्या भारती प्रमुख श्रीमती तनु मुखर्जी दीदी जी ने —-गुरुदेव दया करके, अपना लेना मुझे——गुरु शिष्य महिमा का बखान किया।
कक्षा द्वादश की बहन आकांक्षा कश्यप ने–अपने भाषण में कहा कि –जीवन में गुरु का स्थान सबसे ऊपर होता है क्योंकि वे अज्ञान का अंधकार मिटाकर ज्ञान का प्रकाश फैलाते हैं, सही गलत का भेद सिखाते हैं और हमें एक अच्छा इंसान बनाते हैं।
कक्षा एकादश और द्वादश की बहन –लेखा, हर्षिता, नमिता, कामिनी, आरती, नम्रता, दिशा, श्रुति, और अंकिता ने–गुरु में संसार समाया , उनका है आशीष पाया—प्रभु ने खुद से भी ऊंचा गुरु का है स्थान बताया है—यह गुरुवर तो ज्ञान के सागर है इनसे ही जन्नत है—-सामूहिक नृत्य प्रस्तुत की।
इस गुरु पूर्णिमा के अवसर पर समस्त आचार्य परिवार के सहयोग से कार्यक्रम सफल रहा।






