कोरबा में ‘ईरानी गिरोह’ का तांडव: फर्जी पुलिस बनकर दंपती से लूटी सोने की अंगूठियां; मॉर्निंग वॉक पर महिला से चेन स्नेचिंग का प्रयास
सतपाल सिंह के साथ ओम गवेल की खबर...

कोरबा में ‘ईरानी गिरोह’ का तांडव: फर्जी पुलिस बनकर दंपती से लूटी सोने की अंगूठियां; मॉर्निंग वॉक पर महिला से चेन स्नेचिंग का प्रयास..
सुरक्षा पर उठे सवाल: जिले में डेढ़ दशक के भीतर शातिर गिरोह की यह 9वीं बड़ी वारदात, सीसीटीवी फुटेज के बाद भी पुलिस के हाथ खाली।
कोरबा। औद्योगिक नगरी कोरबा में एक बार फिर कुख्यात और बेहद शातिर ‘ईरानी गिरोह’ की धमक से सनसनी फैल गई है। करीब एक महीने की शांति के बाद, इस गिरोह ने शहर में फिर से दस्तक दी है। हालांकि, इस बार बदमाशों ने सिर्फ ठगी नहीं की, बल्कि सरेराह दंपती को अपना शिकार बनाकर सोने की अंगूठियां लूट लीं। इसी दौरान शहर के एक अन्य इलाके में मॉर्निंग वॉक पर निकली महिला से चेन स्नेचिंग की दुस्साहसिक कोशिश भी की गई, जिससे शहर की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
वारदात 1: “आगे मर्डर हुआ है, जेवर छुपा लो…” और चंद सेकंड में गायब हो गई अंगूठियां
दिल दहला देने वाली पहली वारदात दर्री थाना क्षेत्र के सीआईएसएफ (CISF) ऑफिस के पास शुक्रवार को हुई।
क्या है पूरा मामला: बेंदरकोना निवासी धागाराम कर्ष अपनी पत्नी के साथ एक परिचित की रिटायरमेंट पार्टी में शामिल होने बाइक से जा रहे थे।
फर्जी पुलिस का जाल:
रास्ते में बाइक सवार दो अज्ञात बदमाशों ने उनका पीछा किया और खुद को पुलिसकर्मी बताते हुए उन्हें रोका। बदमाशों ने रौबदार आवाज में डराते हुए कहा, “दूर से आवाज दे रहे थे, रुके क्यों नहीं? आगे एक महिला का मर्डर हो गया है, माहौल खराब है।”
हाथ की सफाई और लूट:
बदमाशों ने कर्ष दंपती को सुरक्षा का हवाला देकर पहने हुए जेवर निकालकर जेब में रखने की सलाह दी। जैसे ही धागाराम ने अपनी दो सोने की अंगूठियां निकालीं, बदमाशों ने कहा कि इसकी ‘एंट्री’ करनी होगी और देखने के बहाने अंगूठियां हाथ में लीं। इससे पहले कि दंपती कुछ समझ पाते, बदमाश अंगूठियां लूटकर रफूचक्कर हो गए। बदहवास दंपती ने तुरंत दर्री थाने में इसकी शिकायत दर्ज कराई है।
वारदात 2:
एमपी नगर में मॉर्निंग वॉक कर रही महिला पर हमला
अभी दर्री की घटना की गूंज शांत भी नहीं हुई थी कि शहर के पॉश इलाके एमपी नगर मुख्यमार्ग पर दूसरी वारदात को अंजाम दिया गया। सुबह के वक्त कांता बर्नवाल नाम की महिला अपनी बेटी के साथ वॉक पर निकली थीं। इसी दौरान घात लगाए बाइक सवार बदमाशों ने उनके गले से सोने की चेन झपट ली। झटका इतना तेज था कि महिला सड़क पर गिर पड़ीं और घायल हो गईं। हालांकि, महिला की बहादुरी और शोर मचाने के कारण बदमाश चेन पूरी तरह खींचने में नाकाम रहे और भाग निकले।
कद-काठी पुलिस जैसी…
आखिर क्यों उठ रही है ‘ईरानी गिरोह’ पर उंगली?
दर्री में जिस पैंतरे (Modus Operandi) का इस्तेमाल किया गया, वह हूबहू देश के सबसे शातिर ‘ईरानी गिरोह’ से मेल खाता है।
1. पुलिस जैसा हुलिया:
चश्मदीदों के मुताबिक, आरोपियों की कद-काठी और बात करने का तरीका बिल्कुल पुलिस के जवानों जैसा था, जो इस गिरोह की मुख्य पहचान है।
2. पुरानी हिस्ट्री:
ठीक एक महीने पहले भी सुभाष चौक के पास एक रिटायर्ड बालको कर्मचारी से इसी तर्ज पर फर्जी पुलिस बनकर लाखों की ठगी की गई थी।
3. 9वीं वारदात:
पिछले 15 सालों (डेढ़ दशक) के रिकॉर्ड को खंगालें तो कोरबा जिले में ईरानी गिरोह द्वारा अंजाम दी गई यह 9वीं बड़ी वारदात है।
इनसाइड स्टोरी:
जानिए क्या है यह ‘ईरानी गिरोह’ और कैसे करता है शिकार?
इतिहास की जड़ें:
माना जाता है कि इस समुदाय के पूर्वज 14वीं-15वीं शताब्दी में फारस (वर्तमान ईरान) से भारत आकर बसे थे। समय के साथ इनके कुछ आपराधिक तत्वों ने संगठित होकर गिरोह का रूप ले लिया।
मुख्य ठिकाने:
वर्तमान में इस गिरोह के मुख्य नेटवर्क मध्य प्रदेश (भोपाल का ईरानी डेरा), महाराष्ट्र (ठाणे का अंबिवली) और आंध्र प्रदेश के कुछ इलाकों से संचालित होते हैं।
ठगी का स्टाइल:
यह गिरोह देश के अलग-अलग राज्यों में घूम-घूम कर वारदात करता है। इनके निशाने पर अक्सर बुजुर्ग, महिलाएं या अकेले जा रहे व्यापारी होते हैं। ये खुद को पुलिस, सीबीआई (CBI) या ईडी (ED) का अफसर बताकर लोगों को चेकिंग या क्राइम का डर दिखाते हैं और पलक झपकते ही असली जेवर पार कर देते हैं।
पुलिस की अपील:
पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि सड़क पर चलते हुए यदि कोई खुद को पुलिसकर्मी बताकर जेवर उतारने को कहे, तो झांसे में न आएं। तुरंत नजदीकी पुलिस स्टेशन या हेल्पलाइन नंबर पर सूचना दें।





