
कुसमुंडा में महिलाओं ने वट सावित्री व्रत पूजा की 
आदर्श नगर शिव शनि देव मंदिर कुसमुंडा में महिलाओं द्वारा अखंड सौभाग्य और अटूट विश्वास का महापर्व वट सावित्री व्रत पूजा विधि विधान से संपन्न किया गया यह व्रत सुहागिन महिलाओं के लिए केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि अपने जीवनसाथी के प्रति अगाध प्रेम, समर्पण और दृढ़ संकल्प का प्रतीक है।वट वृक्ष का महत्व और वैज्ञानिक दृष्टिकोण – इस दिन महिलाएं सोलह श्रृंगार कर पारंपरिक परिधानों में वट (बरगद) वृक्ष की पूजा करती हैं।
धार्मिक मान्यता:
बरगद के पेड़ में ब्रह्मा, विष्णु और महेश (त्रिदेव) का वास माना जाता है। महिलाएं इसके चारों ओर सूत का धागा लपेटकर परिक्रमा करती हैं और अपने अखंड सौभाग्य की कामना करती हैं।
वैज्ञानिक महत्व:
बरगद का वृक्ष सबसे दीर्घायु होता है और प्रचुर मात्रा में ऑक्सीजन देता है। इसकी पूजा करना पर्यावरण के प्रति हमारे पूर्वजों के सम्मान और दूरदर्शिता को भी दर्शाता है।























































