वीरगति को सलाम: शहीद SI मूलचंद कंवर के घर पहुंची कुसमुंडा पुलिस, कहा – परिवार अकेला नहीं, पूरा विभाग साथ है…
सतपाल सिंह

वीरगति को सलाम: शहीद SI मूलचंद कंवर के घर पहुंची कुसमुंडा पुलिस, कहा – परिवार अकेला नहीं, पूरा विभाग साथ है…
कोरबा जिले की कुसमुंडा पुलिस शहीद सब इंस्पेक्टर मूलचंद कंवर के घर पहुंची। पुलिस टीम ने शहीद के परिजनों से मुलाकात कर न सिर्फ उनका हालचाल जाना, बल्कि ये भरोसा भी दिलाया कि दुख की हर घड़ी में पूरा पुलिस परिवार उनके साथ खड़ा है।
शहीद मूलचंद कंवर ने छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित क्षेत्र में कर्तव्य निभाते हुए नक्सलियों से लोहा लेते हुए अपने प्राणों की आहुति दी थी। उनका बलिदान आज भी पूरे देश के पुलिस बल के लिए प्रेरणा है कि कैसे विषम परिस्थितियों में भी एक जवान देश और समाज की सुरक्षा के लिए सीना तान कर खड़ा रहता है।
पुलिस ने कहा – आप अकेले नहीं हैं
शहीद के गृहग्राम घना डबरी पहुंची टीम में उप निरीक्षक आयुब अंसारी, सहायक उप निरीक्षक घनश्याम सिंह राजपूत और आरक्षक विनोद पाटले शामिल थे। उन्होंने परिजनों से आत्मीयता से बातचीत की, उनके स्वास्थ्य और मौजूदा जरूरतों के बारे में जानकारी ली।
टीम ने स्पष्ट कहा – “मूलचंद कंवर सिर्फ एक नाम नहीं, हमारे विभाग की शान हैं। उनका परिवार हमारे परिवार का हिस्सा है। किसी भी जरूरत पर पहला कदम पुलिस विभाग का होगा।”
इस संवेदनशील पहल के दौरान क्षेत्र के जनपद सदस्य फुलचंद कश्यप और बाता पंचायत के सरपंच कृष्ण कुमार गांधी भी मौजूद रहे। सभी ने शहीद के चित्र पर श्रद्धा सुमन अर्पित करते हुए उनके त्याग को नमन किया।
घना डबरी से निकला देश का वीर
कोरबा के छोटे से गांव घना डबरी में जन्मे मूलचंद कंवर ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा बाता के पूर्व माध्यमिक विद्यालय से ली थी। गांव की गलियों से निकलकर खाकी वर्दी तक का उनका सफर और फिर देश के लिए सर्वोच्च बलिदान देना, आज भी क्षेत्र के युवाओं के लिए सबसे बड़ी प्रेरणा है। गांव के लोग आज भी गर्व से कहते हैं – “हमारा मूलचंद शहीद हुआ है।”
कुसमुंडा पुलिस की यह पहल सिर्फ एक औपचारिकता नहीं, बल्कि एक संदेश है कि देश अपने वीरों को और उनके परिवारों को कभी नहीं भूलता। शहीदों की शहादत कागजों में नहीं, लोगों के दिलों में जिंदा रहती है।























































