अमेरिका का ईरान पर बड़ा हमला! 5 तेल टैंकर तबाह, युद्धपोत पर मिसाइल हमले के बाद बढ़ा तनाव

अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बढ़ता ही जा रहा है। अमेरिकी सेना ने दावा किया है कि ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) द्वारा अमेरिकी नौसैनिक पोत को दो बार बैलिस्टिक मिसाइलों से निशाना बनाए जाने के जवाब में अमेरिका ने ईरान के पांच कच्चे तेल के टैंकरों को नष्ट कर दिया। अमेरिका की ओर से यह कार्रवाई तब की गई, जब ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने पिछले दो दिनों में दो बार एक अमेरिकी नौसेना के युद्धपोत को बैलिस्टिक मिसाइलों से निशाना बनाने की कोशिश की। अमेरिकी सेंट्रल कमांड CENTCOM के अनुसार, अमेरिकी युद्धपोत ने दोनों मिसाइल हमलों को सफलतापूर्वक विफल कर दिया और क्षेत्रीय जलक्षेत्र में अपना अभियान जारी रखा। इस घटना में किसी भी अमेरिकी सैनिक को चोट नहीं आई।
Women’s Asia Cup 2026: एशिया कप में फिर भिड़ सकते हैं भारत-पाकिस्तान! सेमीफाइनल की चारों टीमें तय
CENTCOM ने बताया कि अमेरिकी बलों ने IRGC के कथित तेल तस्करी नेटवर्क से जुड़े पांच जहाजों को निशाना बनाया। इनमें M/T Kaviz, M/T Charminar, M/T Horizon 1 और M/T Riesco शामिल हैं, जिन्हें ओमान की खाड़ी में निशाना बनाया गया। वहीं, M/T Derya पर ईरान के खार्ग द्वीप के पास कार्रवाई की गई। अमेरिकी सेना के अनुसार, हमले से पहले जहाजों के चालक दल को उन्हें खाली करने का आदेश दिया गया था। इसके बाद हमले कर टैंकरों को संचालन के लिहाज से निष्क्रिय कर दिया गया।
CENTCOM forces destroyed five Iranian crude oil carriers, Sept. 8, after the Islamic Revolutionary Guard Corps (IRGC) targeted a U.S. Navy warship with ballistic missiles twice over the past two days. The U.S. warship successfully evaded the attempted Iranian attacks and… pic.twitter.com/Gi8a2tloN1
— U.S. Central Command (@CENTCOM) September 8, 2026
अमेरिका ने लगाया ‘शैडो फ्लीट’ चलाने का आरोप
CENTCOM ने ईरान पर अरबों डॉलर के कथित “शैडो फ्लीट” नेटवर्क के जरिए IRGC और उसके क्षेत्रीय सहयोगी समूहों को आर्थिक मदद पहुंचाने का आरोप लगाया है। अमेरिकी कमांड के मुताबिक, इन टैंकरों का इस्तेमाल तेल की अवैध ढुलाई और उससे मिलने वाले राजस्व को IRGC तक पहुंचाने के लिए किया जाता है।
5 सितंबर को भी तीन टैंकरों पर हुई थी कार्रवाई
अमेरिका की यह कार्रवाई पहली नहीं है। CENTCOM ने कहा कि 5 सितंबर को भी अमेरिकी बलों ने तीन ईरानी कच्चे तेल के टैंकरों को नष्ट किया था। अमेरिकी सेना का आरोप था कि इससे पहले IRGC ने एक अमेरिकी विमानवाहक पोत और एक गाइडेड-मिसाइल विध्वंसक को निशाना बनाने की कोशिश की थी। CENTCOM का कहना है कि अमेरिकी नौसैनिक पोतों पर ईरान के हालिया सभी हमले या हमले के प्रयास विफल रहे हैं।
छत्तीसगढ़ में उमस से लोग परेशान, 10 सितंबर से बढ़ेगी बारिश की रफ्तार; 12 से भारी बारिश के आसार
ईरानी मीडिया का अलग दावा
हालांकि, ईरान के सरकारी मीडिया ने अमेरिकी दावे से अलग जानकारी दी है। रिपोर्टों के मुताबिक, हालिया अमेरिकी हमलों में दो ईरानी तेल टैंकरों को नुकसान पहुंचा- एक जास्क के पास और दूसरा खार्ग द्वीप के नजदीक। ईरानी रिपोर्टों में कहा गया है कि दोनों जहाजों के चालक दल को सुरक्षित निकाल लिया गया और किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।






