
Saket Building Collapse: दक्षिण दिल्ली के साकेत मेट्रो स्टेशन के पास शनिवार शाम एक बिल्डिंग गिर गई. इस हादसे में चार लोगों की मौत हो गई. मरने वालों में दो मेडिकल स्टूडेंट ही है. अन्य दो की अभी पहचान सार्वजनिक नहीं हो सकी है.महरौली के पास हुए इस हादसे के बाद बिल्डिंग मालिक पर एक्शन लिया गया है. बिल्डिंग मालिक के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मामला किया है. पुलिस उसकी पकड़ के तलाशी अभियान चला रही है. बिल्डिंग मालिक की पहचान कर्मवीर जेलदार के रूप में हुई है. उसके घर की तस्वीरें भी सामने आई है. जेलदार का घर कोठी जैसा नजर आ रहा है. सीएम रेखा गुप्ता भी घटनास्थल पर पहुंचीं. जिसके बाद उन्होंने कहा कि जितनी भी ऐसी अनअथोराइज बिल्डिंग है, उन सब के खिलाफ कार्रवाई होगी और सारे अफसरों के खिलाफ भी कार्रवाई होगी.”
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मालूम हो कि बिल्डिंग गिरने से वहां भारी मलबा जमा था. जिसे हटाने के लिए जेसीबी की भी मदद ली गई. एनडीआरएफ के साथ-साथ स्थानीय प्रशासन की टीम रेस्क्यू ऑपरेशन चला रही है. इस हादसे में पूरी इमारत मलबे के विशाल ढेर में तब्दील हो गई. पुलिस ने बताया कि अब तक नौ लोगों को बचाया जा चुका है जबकि मलबे के नीचे दबे लोगों की तलाश के लिए कई एजेंसियों द्वारा अभियान चलाया जा रहा है.
बिल्डिंग में थे कोचिंग, कैफे और कई ऑफिस
साकेत मेट्रो स्टेशन के पास सैदुलजाब इलाके में वेस्टर्न मार्ग पर स्थित इस इमारत में एक कोचिंग संस्थान, कैफे और कार्यालय थे तथा तीसरी मंजिल पर निर्माण कार्य जारी था. दिल्ली अग्निशमन सेवा (डीएफएस) के अनुसार, दमकलकर्मियों के पहुंचने से पहले ही स्थानीय और पीसीआर कर्मियों ने तीन लोगों को बचा लिया था जबकि अन्य लोगों को दमकल कर्मियों ने राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की सहायता से बाहर निकाला.
मेस में थे कई छात्र, तभी गिरी बिल्डिंग
दमकल अधिकारियों ने बताया कि तीन मंजिला इमारत पूरी तरह से ढह गई और बगल में अस्थायी टिन की छत वाली कैंटीन पर गिर पड़ी, जहां छात्र भोजन कर रहे थे. हादसे में घायल एक छात्रा के पिता बलवंत यादव ने बताया कि उनकी 25 वर्षीय बेटी नीलम इमारत के बगल वाली कैंटीन में थी, जब इमारत गिरी.
घटना के समय बिल्डिंग में 30-35 लोगों के होने की सूचना
नीलम हाल ही में विदेश से एमबीबीएस की पढ़ाई पूरी कर लौटी थी और साकेत स्थित अराइज मेडिकल अकादमी में स्नातकोत्तर प्रवेश परीक्षा की तैयारी कर रही थी. बलवंत ने बताया, “घटना के समय कैंटीन में लगभग 30 से 35 छात्र मौजूद थे. इनमें से अधिकतर संस्थान में विभिन्न मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्र थे. मेरी बेटी का पैर टूट गया है और उसका इलाज जारी है.”






