Flydubai Flight Incident: कैप्टन स्मित मच्छार ने बताया फ्लाइट का सबसे डरावना पल, को-पायलट हम्मामी के व्यवहार पर भी किया खुलासा

Flydubai Flight Incident: 30 सितंबर 2026 को फ्लाईदुबई की एक उड़ान में कथित हमले के बावजूद विमान को बड़ी दुर्घटना से बचाने वाले कैप्टन स्मित मच्छार ने उस भयावह घटना को याद किया है। उन्होंने बताया कि कॉकपिट का दरवाजा खोलने से पहले को-पायलट ने उन पर कई बार हमला किया, जिससे उनकी नजर धुंधली पड़ गई थी। UAE के सरकारी अखबार ‘द नेशनल’ को दिए इंटरव्यू में कैप्टन ने बताया कि हमले के दौरान वह लगभग बेहोश हो गए थे और विमान के तेजी से नीचे जाने पर उन्हें सबसे ज्यादा डर लगा।
पहली चोट लगी तो लगा विमान के ढांचे में कुछ टूट गया
कैप्टन स्मित मच्छार ने घटना को याद करते हुए बताया कि जब उनके सिर पर पहली बार वार हुआ, तो उन्हें लगा कि विमान के ढांचे में कुछ बड़ा टूटकर उनके सिर पर गिरा है। चोट लगने के कारण वह लगभग कंट्रोल कॉलम पर गिर पड़े थे।
उन्होंने बताया कि कुछ ही सेकंड में जब लगातार वार होने लगे, तब उन्हें एहसास हुआ कि हमला करने वाला कोई और नहीं, बल्कि उनका को-पायलट था। अचानक हुए इस हमले से वह संभल नहीं पा रहे थे।
लगातार हमलों से धुंधली पड़ गई नजर
कैप्टन मच्छार के मुताबिक, उन्होंने सबसे पहले अपनी सीट बेल्ट खोली और सिर पर पड़ रहे वारों को रोकने की कोशिश की। हमले का असर इतना गंभीर था कि कुछ ही देर में उन्हें ठीक से दिखाई देना बंद हो गया। उन्हें केवल चीजों की धुंधली रूपरेखा नजर आ रही थी।
इसके बावजूद उन्होंने कॉकपिट का दरवाजा खोलने के लिए हाथ बढ़ाया और अपने साथियों को मदद के लिए पुकारने लगे। उन्होंने बताया कि इसी दौरान वह बेहोश होकर कॉकपिट में मुंह के बल गिर पड़े।
विमान के नीचे जाने और इंजन की आवाज धीमी पड़ने से लगा डर
कैप्टन स्मित मच्छार ने बताया कि घटना के दौरान विमान तेजी से नीचे की ओर जाने लगा था। उनके अनुसार, उस समय सबसे डरावनी चीज इंजन की आवाज का धीमा पड़ना था।
उन्होंने इस अनुभव को याद करते हुए कहा कि विमान के नीचे जाने और इंजन की आवाज बदलने से उन्हें स्थिति की गंभीरता का एहसास हुआ। उस वक्त उनके लिए खुद को संभालना और मदद पहुंचने तक हालात का सामना करना बेहद मुश्किल था।
को-पायलट पर नहीं था कोई शक
कैप्टन मच्छार ने कहा कि उन्हें को-पायलट के व्यवहार पर पहले से कोई संदेह नहीं था। उन्होंने बताया कि अगर जमीन पर या उड़ान से पहले किसी तरह का संकेत मिला होता, तो वह निश्चित रूप से कुछ कदम उठाते।
उनकी इस टिप्पणी से पता चलता है कि घटना उनके लिए कितनी अप्रत्याशित थी। फिलहाल वह अबू धाबी के जायद मिलिट्री अस्पताल में भर्ती हैं और स्वास्थ्य लाभ कर रहे हैं।
रायपुर के गरबा महोत्सव में पहुंचीं कंगना रनौत, सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने किया स्वागत
इजरायल के राष्ट्रपति ने दिया नागरिक वीरता सम्मान का न्योता
इस घटना के बाद कैप्टन स्मित मच्छार की बहादुरी की चर्चा भी हो रही है। खबर के मुताबिक, इजरायल के राष्ट्रपति इसाक हर्जोग ने उन्हें देश के सर्वोच्च नागरिक वीरता सम्मान से सम्मानित करने के लिए आमंत्रित किया है।
कठिन परिस्थितियों के बीच विमान को सुरक्षित रखने के उनके प्रयासों को सराहा जा रहा है। घटना से जुड़े आरोपों और जांच के निष्कर्षों के बारे में आधिकारिक जानकारी के आधार पर ही अंतिम स्थिति स्पष्ट होगी।





