कोरबा मे शिकायत के 24 घंटे बाद भी FIR नहीं, क्या किसी दबाव में हैं CSEB चौकी प्रभारी?

छत्तीसगढ़/कोरबा : कोरबा CSEB पुलिस चौकी क्षेत्र में एक व्यापारी के साथ दुकान में घुसकर मारपीट तोड़फोड़ और जान से मारने की धमकी देने का गंभीर मामला सामने आया है। घटना के 24 घंटे से अधिक का समय बीत जाने के बाद भी पुलिस द्वारा अब तक प्राथमिकी FIR दर्ज नहीं की गई है, जिससे पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, प्रार्थी अमन सोनी श्री राम जानकी मंदिर के सामने बुधवारी कोरबा ने 15 जुलाई 2026 को CSEB चौकी में लिखित शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत के मुताबिक बुधवारी बाजार निवासी कैलाश अग्रवाल ने प्रार्थी की दुकान एम डिजिटल कंप्यूटर में जबरन घुसकर गाली-गलौज और हाथापाई की। आरोप है कि अनावेदक कैलाश अग्रवाल ने दुकान के रैक का कांच और वहां रखे लैपटॉप तोड़ दिए। पीड़ित ने बताया कि उनका कैलाश अग्रवाल के पुत्र के साथ पैसों के लेनदेन का विवाद है, जिसे लेकर उन्होंने न्यायालय में धारा 138 चेक बाउंस का मामला दर्ज के सम्बन्ध के विधिक सुचना वकील के माध्यम से दिया गया है। इसी शिकायत को वापस लेने का दबाव बनाने के लिए अनावेदक द्वारा इस वारदात को अंजाम दिया गया।
घटना के 24 घंटे बीत जाने के बाद भी पुलिस द्वारा अपराध पंजीबद्ध न करना क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार CSEB चौकी प्रभारी राजेश तिवारी इस मामले में अपराध दर्ज करने के लिए कोरबा सीएसपी CSP से मार्गदर्शन लेने की बात कह रहे हैं। इस स्थिति ने कई गंभीर सवालों को जन्म दे दिया है l क्या किसी संज्ञेय अपराध की लिखित शिकायत मिलने के बाद भी चौकी प्रभारी को FIR दर्ज करने के लिए उच्च अधिकारियों से मार्गदर्शन की आवश्यकता है? क्या पुलिस किसी राजनीतिक या रसूखदार दबाव में काम कर रही है? दुकान में घुसकर तोड़फोड़ और मारपीट जैसी स्पष्ट घटना पर भी तत्काल कार्रवाई न होना क्या पुलिस की शिथिलता को नहीं दर्शाता?
पीड़ित अमन सोनी का कहना है कि इस घटना के बाद से उनका पूरा परिवार डरा हुआ और असुरक्षित महसूस कर रहा है। उन्होंने पुलिस प्रशासन से तत्काल निष्पक्ष कार्रवाई करते हुए अनावेदक के खिलाफ मामला दर्ज करने की मांग की है। अब देखना यह होगा कि कोरबा पुलिस इस मामले में कब तक संज्ञान लेती है या पीड़ित को न्याय के लिए ऐसे ही चौकी के चक्कर काटने पड़ेंगे।






