बिल्हा में नहर परियोजना पर विवाद, किसान की जमीन से 20 डिसमिल भूमि शामिल होने का आरोप

बिल्हा वार्ड क्रमांक 13 नगर पंचायत बिल्हा मेन रोड़ मंगल संस्कृतिक भवन के बाजू से अरपा भैंस झार परियोजना के अंतर्गत नहर का निर्माण किया गया है जिसमें बिल्हा किसान रूपचंद अग्रवाल स्वामित्व भूमि 54 ।7 रकबा 77 डिसमिल से निकालकर 20 डेसिमल नहर में शामिल किया गया है बचत भूमि 58 डिसमिल जो किसान की जमीन है पर किंतु आज दिनांक तक राजस्व विभाग एवं नहर परियोजना विभाग द्वारा सीमांकन न कर किसान रूपचंद अग्रवाल को नहीं बताया गया है कि आपकी बचत भूमि कहां पर है नहर विभाग के अधिकारियों को किसान द्वारा बार-बार बोले जाने के बाद भी सीमांकन नहीं कराया गया.
वही आज पीडब्ल्यूडी अधिकारी इंजीनियर द्वारा किसान की निजी भूमि पर बिना किसी सुचना दिये जेसीबी लगाकर वहां रोड का निर्माण कराया जा रहा था जिसे किसान रोक कर जीस पर किसान द्वारा अपनी बचत भूमि के चारों ओर गधडा करवा कर अपनी बचत भुमी को सुरक्षित कर था फिर से पी डब्ल्यू ई इंजीनियर तिवारी जी द्वारा किसान की जमीन पर पहुंचकर उसे गड्ढे को जेसीबी से पटवाया गया और कहां है कि मुझे तहसीलदार ने बोला है जब तहसीलदार को बुलाया गया तो उन्होंने कहा है कि मैं निवेदन करने के लिए बोला था वहां गड्ढा को पाटने के लिए नहीं बोला था किसान द्वारा तहसीलदार से निवेदन करने पर सीमांकन करवाने की अनुमति लेना चाहा पर पीडब्ल्यूडी इंजीनियर द्वारा तहसीलदार को बोला कि आज ही वहां रोड बनेगी और सीमांकन में तीन-चार दिन लग जाएगा.
जिस पर बिना किसी निर्णय के वहां से तहसीलदार चला गया पीडब्ल्यूडी इंजीनियर द्वारा खुले आम बदमाशी की जा रही है किस को परेशान किया जा रहा है मानसिक प्रताड़ना की जा रही है सरे आम में रोड पर आम लोगों के बीच यह सब देखा गया है कि किस तरह से पीडब्ल्यूडी इंजीनियर द्वारा किसान की निजी भूमि पर अतिक्रमण कर रहा था जिसका विरोध किसान के द्वारा किया गया पर तहसीलदार द्वारा निर्णय नहीं लिया गया माननीय कलेक्टर महोदय से एवं एसडीएम महोदय से निवेदन किसान द्वारा प्रेस के माध्यम से किया जा रहा है कि उसकी बचत भूमि पर किसी प्रकार का निर्माण न कराया जाए एवं मुझे न्याय दिलाया जाए वहां पर मंगल स्पंज आयरन डोलोमाइट के बड़े-बड़े उद्योगपति विराजमान है उनको रास्ता देने के लिए रोड का निर्माण कराया जा रहा है जबकि सबके पास उनकी अपनी निजी भूमि है उसे पर गाड़ियां वह अपने ट्रक अपने संसाधन चलाए जा सकते हैं.
अधिकारियों का दबाव से ऐसा लगता है कि उद्योगपति अधिकारियों के ऊपर भारी है एवं इससे साफ दिखता है कि कहीं ना कहीं इसमें उनका मुंह बंद कर दिया गया है अधिकारियों का जिसे निजी किसान की जमीन को रोड बनाकर मानसिक परेशान किया जा रहा है खेती करना है जिससे किसी गाय जानवर न आ जाए किसान अपनी निजी भूमि को खोदकर चिरो तरफ़ घेरा कर सुरक्षित कर रहा था उसको पीडब्ल्यूडी इंजीनियर तिवारी जी द्वारा बर्बाद कर दिया जा रहा है उसके खेत को और जिद्दी में अडा हुआ है वह बड़े अधिकारियों को भी नहीं सुन रहा है इस माननीय कलेक्टर महोदय से निवेदन है कि सज्ञांन में लेते हुए इस पर तत्काल कार्रवाई करने की कृपा करें






