छत्तीसगढ़ स्कूल शिक्षा विभाग में एक और निलंबन, हाईकोर्ट की नाराजगी के बाद सरकार ने की बड़ी कार्रवाई

बिलासपुर: छत्तीसगढ़ के स्कूल शिक्षा विभाग में एक और अधिकारी पर निलंबन की गाज गिरी है। मुंगेली के पूर्व प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) और वर्तमान में बिलासपुर संभागीय संयुक्त संचालक शिक्षा कार्यालय में सहायक संचालक के पद पर पदस्थ एलपी डाहिरे को राज्य शासन ने तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। उन पर पेंशन प्रकरणों के निराकरण में लापरवाही, न्यायालय के निर्देशों की अवहेलना और अनुशासनहीनता के आरोप लगाए गए हैं। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट की नाराजगी के बाद शासन ने यह कार्रवाई की है।
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पेंशन प्रकरण में लापरवाही बनी निलंबन की वजह
राज्य शासन की ओर से जारी आदेश के अनुसार, एलपी डाहिरे जब मुंगेली जिले में प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी के पद पर कार्यरत थे, उस दौरान पेंशन प्रकरणों के निराकरण में लापरवाही बरतने की बात सामने आई थी। इसके अलावा न्यायालयीन निर्देशों का पालन नहीं करने और अनुशासनहीनता को भी कार्रवाई का आधार बनाया गया है।
इन्हीं आरोपों के आधार पर छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम, 1966 के नियम 9 (1) (क) के तहत उन्हें निलंबित किया गया है।
निलंबन अवधि में कहां रहेगा मुख्यालय?
निलंबन आदेश में एलपी डाहिरे का मुख्यालय जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय, बिलासपुर निर्धारित किया गया है। उन्हें सक्षम अधिकारी की अनुमति के बिना मुख्यालय छोड़ने की अनुमति नहीं होगी। वहीं, निलंबन अवधि के दौरान उन्हें मूलभूत नियम 53 के तहत नियमानुसार निर्वाह भत्ता दिया जाएगा।
राजेश्वरी त्रिपाठी के परिवार पेंशन प्रकरण से जुड़ा है मामला
दरअसल, यह पूरा मामला राजेश्वरी त्रिपाठी के परिवार पेंशन प्रकरण से संबंधित है। उनके पति की मृत्यु के बाद भी उन्हें परिवार पेंशन का लाभ नहीं मिल पाया था। इसके बाद उन्होंने राज्य शासन के आदेश को चुनौती देते हुए अधिवक्ता के माध्यम से छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट, बिलासपुर में याचिका दायर की थी।
मामले की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने स्कूल शिक्षा विभाग को अपना पक्ष रखने के लिए कई अवसर दिए, लेकिन विभागीय अधिकारियों की ओर से निर्धारित समय में जवाब प्रस्तुत नहीं किया गया। इस पर न्यायालय ने नाराजगी जाहिर की थी।
हाईकोर्ट की सख्ती के बाद विभाग में कार्रवाई
विभाग की ओर से बार-बार अवसर दिए जाने के बावजूद जवाब पेश नहीं होने पर हाईकोर्ट ने स्कूल शिक्षा सचिव को नोटिस जारी कर तलब किया था। कोर्ट ने विभाग से जवाब दाखिल नहीं करने का कारण स्पष्ट करने और शपथ पत्र के साथ जवाब पेश करने का निर्देश दिया था।
इस मामले में इससे पहले भी विभागीय स्तर पर कार्रवाई हो चुकी है। पेंशन प्रकरण में लापरवाही के आरोप में छह कर्मचारियों को निलंबित किया गया था, जिनमें दो प्राचार्य भी शामिल थे। अब इसी मामले में एलपी डाहिरे पर भी निलंबन की कार्रवाई की गई है। हाईकोर्ट की सख्ती के बाद स्कूल शिक्षा विभाग में लगातार हो रही इन कार्रवाइयों को प्रशासनिक लापरवाही के प्रति शासन की सख्ती के रूप में देखा जा रहा है।





