
मुंबई/नई दिल्ली: मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ 2 अक्टूबर को मुंबई और दिल्ली में प्रदर्शन किए गए। मुंबई में कॉकरोज जनता पार्टी (CJP) के नेताओं समेत करीब 500 प्रदर्शनकारियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। वहीं, दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की अनुमति नहीं मिलने के बावजूद प्रदर्शनकारी जुटे, जिसके बाद पुलिस ने तीन एफआईआर दर्ज की हैं।
प्रदर्शनों को देखते हुए दोनों शहरों में पुलिस ने सुबह से ही सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी थी।
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मुंबई में CJP नेताओं समेत 500 पर केस
मुंबई के शिवाजी पार्क मैदान में बिना अनुमति प्रदर्शन करने के मामले में CJP नेताओं समेत करीब 500 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस के मुताबिक, 2 अक्टूबर को शाम करीब 4 बजे से 7 बजे के बीच बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी मैदान में जुटे थे।
आरोप है कि अनुमति नहीं मिलने के बावजूद प्रदर्शनकारियों ने सभा की, नारेबाजी की और सार्वजनिक सड़क पर तेज आवाज में लाउडस्पीकर का इस्तेमाल किया। इस मामले में शिवाजी पार्क पुलिस स्टेशन में केस दर्ज किया गया है।
अभिजीत दीपके समेत कई नेताओं के नाम
एफआईआर में CJP के फाउंडर अभिजीत दीपके के अलावा अजिंक्य शिंदे, प्रणय अहिरे, आशुतोष रांका, सौरभ दास, आफरीन नवाज, सोम्या कोरडे, अंकित भारद्वाज, विजय मळगी और योगेश इंगले समेत अन्य लोगों के नाम शामिल हैं।
इस प्रदर्शन में बॉलीवुड अभिनेता नसीरुद्दीन शाह, अभिनेत्री शबाना आजमी और संगीतकार विशाल ददलानी भी शामिल हुए थे। मुंबई पुलिस के अनुसार, आयोजकों को प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी गई थी, इसके बावजूद बड़ी संख्या में लोग वहां पहुंचे।
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दिल्ली में जंतर-मंतर पर भी पुलिस कार्रवाई
दिल्ली में भी 2 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारी पहुंचे थे। नई दिल्ली जिला प्रशासन ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए धारा 163 लागू की थी और प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी गई थी।
पुलिस के मुताबिक, इसके बावजूद आम आदमी पार्टी, वामपंथी दलों और आइसा से जुड़े कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया और बैरिकेड्स पार करने की कोशिश की। दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था पहले से कड़ी कर रखी थी। प्रदर्शन के संबंध में पुलिस ने तीन एफआईआर दर्ज की हैं।
प्रदर्शनकारी मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे थे।





