महादेव सट्टेबाजी केस: सौरभ चंद्राकर रायपुर पहुंचा, CBI कोर्ट में पेशी के बाद अब होगी पूछताछ

रायपुर : छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित महादेव ऑनलाइन सट्टेबाजी ऐप मामले में आरोपी सौरभ चंद्राकर को ओमान से भारत लाए जाने के बाद अब रायपुर पहुंचा दिया गया है। मंगलवार शाम दिल्ली से सीबीआई की टीम उसे लेकर रायपुर पहुंची। करीब 6000 करोड़ रुपये के कथित सट्टेबाजी और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में आरोपी चंद्राकर को रायपुर स्थित विशेष सीबीआई अदालत में पेश किया गया है। अब सीबीआई उससे पूछताछ के लिए रिमांड की मांग कर सकती है।
सौरभ चंद्राकर को हाल ही में ओमान से प्रत्यर्पित कर भारत लाया गया था। इसके बाद दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने दो नवंबर को सीबीआई को उसकी दो दिन की ट्रांजिट रिमांड मंजूर की थी। अदालत ने निर्देश दिया था कि आरोपी को चार नवंबर या उससे पहले रायपुर की विशेष सीबीआई अदालत में पेश किया जाए। इसी आदेश के तहत सीबीआई की टीम उसे लेकर रायपुर पहुंची।
जूस की दुकान पर काम करने से लेकर महादेव ऐप नेटवर्क तक का सफर
सौरभ चंद्राकर की कहानी भी काफी चर्चा में रही है। बताया जाता है कि वह कभी भिलाई में अपने भाई की जूस की दुकान पर काम करता था और करीब 15 हजार रुपये महीने कमाता था। बाद में उसका नाम अंतरराष्ट्रीय ऑनलाइन सट्टेबाजी नेटवर्क से जुड़ गया। जांच एजेंसियों का आरोप है कि उसने अपने सहयोगियों के साथ मिलकर महादेव ऑनलाइन बुक के जरिए बड़े पैमाने पर अवैध सट्टेबाजी का नेटवर्क खड़ा किया।
क्रिकेट और फुटबॉल पर लगवाए जाते थे दांव
जांच एजेंसियों के मुताबिक, महादेव ऐप के जरिए क्रिकेट, फुटबॉल सहित कई खेलों पर ऑनलाइन सट्टा लगवाया जाता था। देशभर में अलग-अलग पैनल और शाखाओं के माध्यम से ग्राहकों को जोड़ा जाता था। सट्टेबाजी से मिलने वाली रकम को कई बैंक खातों के जरिए ट्रांसफर करने और हवाला के माध्यम से विदेश भेजने के आरोप भी हैं। सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय इस पूरे नेटवर्क के वित्तीय लेन-देन की जांच कर रहे हैं।
दुबई में शादी पर खर्च हुए थे करीब 200 करोड़ रुपये
सौरभ चंद्राकर उस समय भी सुर्खियों में आया था, जब संयुक्त अरब अमीरात में उसकी आलीशान शादी की जानकारी सामने आई थी। प्रवर्तन निदेशालय के अनुसार, फरवरी 2023 में आयोजित इस शादी और उससे जुड़े कार्यक्रमों पर करीब 200 करोड़ रुपये खर्च किए जाने का अनुमान है। मेहमानों के लिए चार्टर्ड विमानों की व्यवस्था और भव्य आयोजनों की बात भी जांच के दौरान सामने आई थी। एजेंसी इस खर्च के स्रोत की भी जांच कर रही है।
ओमान से प्रत्यर्पण के बाद भारत लाया गया आरोपी
लंबे समय तक विदेश में रहने के बाद सौरभ चंद्राकर को ओमान में हिरासत में लिया गया। सीबीआई के अनुसार, इंटरपोल के रेड कॉर्नर नोटिस और भारतीय एजेंसियों के प्रयासों के बाद ओमान के अधिकारियों के सहयोग से प्रत्यर्पण की प्रक्रिया पूरी हुई। एक नवंबर 2026 को विशेष सीबीआई टीम उसे भारत लेकर आई थी।
अब सीबीआई की पूछताछ में महादेव ऐप के संचालन, सट्टेबाजी नेटवर्क, कथित हवाला कारोबार, विदेशी संपर्कों और अन्य आरोपियों की भूमिका से जुड़े पहलुओं पर जानकारी जुटाने की कोशिश की जाएगी।
फिलहाल इस मामले में सभी आरोपों का अंतिम निर्धारण न्यायालय में पेश साक्ष्यों और न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर होगा। सौरभ चंद्राकर की रायपुर में पेशी के बाद अब सीबीआई की अगली कार्रवाई पर नजरें टिकी हुई हैं।





