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गेवरा CGM दफ्तर में 1 घंटे के धरने के आगे झुका प्रबंधन; अजय जायसवाल की चेतावनी के बाद दिवाली से पहले बोनस और हाई पावर कमेटी दर पर वेतन देने की मांगें मंजूर

सतपाल सिंह

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गेवरा CGM दफ्तर में 1 घंटे के धरने के आगे झुका प्रबंधन; अजय जायसवाल की चेतावनी के बाद दिवाली से पहले बोनस और हाई पावर कमेटी दर पर वेतन देने की मांगें मंजूर..

 

गेवरा (कोरबा)। एसईसीएल (SECL) गेवरा मुख्य महाप्रबंधक कार्यालय में गुरुवार को उस वक्त हाई-वोल्टेज ड्रामा देखने को मिला, जब पूर्व जिला पंचायत उपाध्यक्ष व कांग्रेस नेता अजय जायसवाल की अगुवाई में पहुंचे भू-विस्थापित श्रमिक मुख्य महाप्रबंधक (CGM) अशोक कुमार की अनुपस्थिति पर भड़क गए। इसे श्रमिकों का अपमान बताते हुए जायसवाल गेट पर ही धरने पर बैठ गए और गेट पूरी तरह जाम कर दिया। आनन-फानन में महाप्रबंधक को कार्यालय पहुंचना पड़ा, जिसके बाद हुई मैराथन बैठक में प्रबंधन निजी ठेका कंपनी पीएनसी (PNC) सहित अन्य कंपनियों के श्रमिकों की सभी प्रमुख मांगों को जल्द पूरा करने पर सहमत हो गया।

गेट जाम होते ही आनन-फानन में पहुंचे महाप्रबंधक

गौरतलब है कि वेतन विसंगति, बोनस, दो महीने के लंबित वेतन और भर्ती में स्थानीय बेरोजगारों को प्राथमिकता देने जैसी मांगों को लेकर श्रमिकों ने 27 अक्टूबर को खदान में 6 घंटे काम ठप कर आंदोलन किया था। इसके बाद प्रबंधन ने 29 अक्टूबर को दोपहर 12 बजे CGM कार्यालय में बैठक बुलाई थी। तय समय पर जब अजय जायसवाल और श्रमिक पहुंचे, तो मुख्य महाप्रबंधक वहां मौजूद नहीं थे। अधिकारियों ने जब उनके बिना ही मीटिंग शुरू करने की बात कही, तो जायसवाल ने इसे श्रमिकों का अपमान करार दिया और गेट पर धरने पर बैठ गए। लगभग 1 घंटे तक गेट जाम रहने के बाद महाप्रबंधक अशोक कुमार को मजबूरन दफ्तर आना पड़ा।

चेतावनी: शोषण की पुनरावृत्ति हुई तो दोबारा ठप होगी खदान

महाप्रबंधक की मौजूदगी में शुरू हुई इस बैठक में प्रबंधन और निजी ठेका कंपनियों के आला अधिकारी शामिल हुए। बैठक के दौरान कांग्रेस नेता अजय जायसवाल ने दो महीने से रुके वेतन, सुरक्षा उपकरणों की कमी, आई-कार्ड और पेमेंट स्लिप न मिलने तथा स्थानीय भू-विस्थापितों के शोषण का मुद्दा कड़े शब्दों में उठाया। उन्होंने मुख्य महाप्रबंधक को साफ चेतावनी दी कि यदि हाई पावर कमेटी के नियमों का कड़ाई से पालन नहीं हुआ या श्रमिकों के शोषण की पुनरावृत्ति हुई, तो दोबारा खदान बंद कर उग्र आंदोलन किया जाएगा।

इन प्रमुख मांगों पर बनी सहमति:

• हाई पावर कमेटी दर: भू-विस्थापित श्रमिकों को हाई पावर कमेटी के दिशा-निर्देशों के अनुसार पूरा पेमेंट और हर महीने अनिवार्य रूप से पेमेंट स्लिप दी जाएगी।

• दिवाली बोनस: त्योहार को देखते हुए सभी कर्मचारियों को दिवाली से पहले बोनस का भुगतान सुनिश्चित किया जाएगा।

• स्थानीय को प्राथमिकता: नई भर्ती प्रक्रियाओं में स्थानीय बेरोजगारों और भू-विस्थापितों को पहली प्राथमिकता मिलेगी।

• सुरक्षा और आई-कार्ड: सभी श्रमिकों को आई-कार्ड जारी होंगे और कार्यस्थल पर पुख्ता सुरक्षा उपकरण मुहैया कराए जाएंगे।

बैठक में ये रहे मौजूद

इस महत्वपूर्ण बैठक में बांकी मोंगरा के नेता प्रतिपक्ष मधुसूदन दास, सांसद प्रतिनिधि शेत मसीह, कमलेश प्रजापति, गोविंदा सारथी, विक्की राज, अनिल कुमार, संतोष यादव, सुजीत महंत, राजकुमार पटवा, राकेश राजपूत सहित पीएनसी व अन्य निजी कंपनियों में कार्यरत भारी संख्या में भू-विस्थापित श्रमिक उपस्थित रहे।

Om Gavel Bureau Korba

State Affairs Reporter Om Gavel is a state and local affairs reporter focusing on administration, development projects, and civic issues, local news in Chhattisgarh. His work highlights grassroots concerns and governance-related developments and all local activity in concern with crime and administration. Areas of Expertise • State administration • Infrastructure and development • Civic and public issues • Field reporting and all local issue Editorial Responsibility Om Gavel follows source verification guidelines and ensures responsible, fact-based reporting. 📧 Contact: humara.kusmunda.omgavel@gmail.com Profile Last Updated: 16 January 2026