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चक्रवात ‘अर्नब’ का साया: कोरबा में बदला मौसम का मिजाज, जिला प्रशासन हाई अलर्ट पर

प्रीति सिंह के साथ ओम गवेल की खबर

चक्रवात ‘अर्नब’ का साया: कोरबा में बदला मौसम का मिजाज, जिला प्रशासन हाई अलर्ट पर
कोरबा। बंगाल की खाड़ी में उठे भीषण चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ (Cyclone Arnab) का असर अब छत्तीसगढ़ के मैदानी इलाकों में भी साफ दिखने लगा है। ऊर्जाधानी कोरबा में मंगलवार से ही मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया है। आसमान में सुबह से ही घने काले बादल छाए हुए हैं, ठंडी हवाएं चल रही हैं और तापमान में भी भारी गिरावट दर्ज की गई है। मौसम विभाग (IMD) की चेतावनी के अनुसार, इस चक्रवात के प्रभाव से 28 और 29 अक्टूबर को जिले में तेज आंधी-तूफान के साथ भारी बारिश होने की प्रबल आशंका है।
प्रशासन मुस्तैद: कलेक्टर ने ली आपातकालीन बैठक
चक्रवात के संभावित खतरे को भांपते हुए कोरबा जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गया है। कलेक्टर कुणाल दुदावत ने सोमवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सभी आपदा प्रबंधन से जुड़े विभागों की एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक ली। बैठक में राजस्व, स्वास्थ्य, विद्युत, नगरीय निकाय, जनपद पंचायत और पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।
कलेक्टर ने सभी अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में मुस्तैद रहें और आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए सभी जरूरी संसाधन तैयार रखें। आपदा प्रबंधन की टीमों और सभी प्रभारियों को 24 घंटे अपने मोबाइल फोन चालू रखने के निर्देश दिए गए हैं ताकि किसी भी संकट की स्थिति में तत्काल राहत पहुंचाई जा सके।
कोटवारों के जरिए गांवों में कराई जा रही मुनादी
प्रशासनिक अमला ग्रामीण और संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जमीन पर उतर चुका है। राजस्व अधिकारियों और तहसीलदारों को निर्देश दिए गए हैं कि वे कोटवारों के माध्यम से गांवों में मुनादी (ढोल बजाकर घोषणा) कराएं, जिससे ग्रामीण समय रहते सतर्क हो सकें। जलभराव वाले निचले इलाकों और जोखिम वाले स्थानों पर विशेष नजर रखी जा रही है। प्रशासन ने आश्वस्त किया है कि बाढ़ या जलभराव की स्थिति निर्मित होने पर लोगों को तुरंत सुरक्षित राहत शिविरों में पहुंचाया जाएगा।
आम जनता और किसानों के लिए जरूरी गाइडलाइन
मौसम विभाग और स्थानीय प्रशासन ने आम नागरिकों से मौसम की आधिकारिक चेतावनियों का पालन करने की अपील की है। तेज हवाओं और आंधी के दौरान लोगों को जर्जर मकानों, बड़े पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने की सलाह दी गई है।
इसके साथ ही, कृषि मौसम वैज्ञानिकों ने धान की कटाई कर रहे किसानों के लिए विशेष रूप से सतर्क रहने की चेतावनी जारी की है। किसानों को सलाह दी गई है कि वे फिलहाल धान की कटाई रोक दें और जो फसल पहले ही काटी जा चुकी है, उसे खलिहानों में सुरक्षित रखकर तिरपाल या प्लास्टिक से अच्छी तरह ढक दें, ताकि भारी बारिश से नुकसान न हो।
आने वाले 48 घंटे कोरबा सहित पूरे बिलासपुर संभाग और मध्य छत्तीसगढ़ के लिए बेहद संवेदनशील हैं, जिसके चलते नागरिकों से संयम और पूरी सावधानी बरतने का आग्रह किया गया है।

Om Gavel Bureau Korba

State Affairs Reporter Om Gavel is a state and local affairs reporter focusing on administration, development projects, and civic issues, local news in Chhattisgarh. His work highlights grassroots concerns and governance-related developments and all local activity in concern with crime and administration. Areas of Expertise • State administration • Infrastructure and development • Civic and public issues • Field reporting and all local issue Editorial Responsibility Om Gavel follows source verification guidelines and ensures responsible, fact-based reporting. 📧 Contact: humara.kusmunda.omgavel@gmail.com Profile Last Updated: 16 January 2026