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कोरबा RTO में बड़ा फर्जीवाड़ा: मृत व्यक्ति के नाम भेजा नोटिस, एक्सपायर्ड NOC पर कर दिया गाड़ी का ट्रांसफर!

RTO में 'मुर्दे' भी बेच रहे गाड़ियां! इंडसइंड बैंक और दलालों के गठजोड़ का खुलासा, कलेक्टर जनदर्शन पहुंचे शिकायतकर्ता।

 सरकारी खजाने को चपत और ‘दलाल’ चला रहे दफ्तर! जांजगीर DTO की लीपापोती वाली जांच रिपोर्ट पर उठे गंभीर सवाल।

 RTI मांगा तो कहा ‘नस्ती गायब है’, फिर मांगा तो 42 रुपए माँगे और अंत में मुकर गए… RTO कोरबा का बड़ा कारनामा!

 कलेक्टर जनदर्शन में गूंजा RTO फर्जीवाड़ा: ADM स्तर की जांच, FIR और अफसरों पर कड़ी कार्रवाई की मांग।

कोरबा (छत्तीसगढ़)। जिला परिवहन कार्यालय कोरबा एक बार फिर भ्रष्टाचार, दलाली और प्रशासनिक धांधली के गंभीर आरोपों के घेरे में आ गया है। इस बार का मामला इतना चौंकाने वाला है कि मृत व्यक्ति के नाम पर फर्जी नोटिस जारी कर, अमान्य NOC के सहारे वाहन का अवैध नामांतरण कर दिया गया। इस पूरे खेल में RTO अधिकारियों, कर्मचारियों, फाइनेंस कंपनी IndusInd Bank और बिचौलियों का एक बड़ा सिंडिकेट काम कर रहा है।

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मामले की गंभीरता को देखते हुए RTI कार्यकर्ता एवं सजग पत्रकार जितेन्द्र कुमार साहू ने कलेक्टर जनदर्शन टोकन नं. 2050126003652 में शिकायत दर्ज कराई है और कलेक्टर से निष्पक्ष जांच समिति गठित कर दोषियों पर तत्काल अपराध दर्ज करने की मांग की है।

1. मुर्दे के नाम नोटिस भेजने का मास्टरमाइंड खेल

शिकायत के अनुसार, मारुति बलेनो कार क्रमांक CG12AZ-2969 के मूल मालिक स्व. श्री श्याम कमल साहू का निधन वर्ष 2021 में ही हो चुका था। इसके बावजूद RTO स्टाफ और फाइनेंस कंपनी ने इस बात को छिपाए रखा और 2024 में एक मृत व्यक्ति के नाम पर फॉर्म 36 का नोटिस जारी करने का ड्रामा रचा गया। कमाल की बात यह है कि इस नोटिस की कोई पोस्टल रसीद तक मौजूद नहीं है।

2. 90 दिन की NOC… 2 साल बाद कैसे हुई मान्य?

इंडसइंड बैंक द्वारा 06/12/2022 को इस वाहन की NOC जारी की गई थी, जिसकी वैधानिक समय-सीमा केवल 90 दिनों की होती है। लेकिन नियमों को ताक पर रखकर 2024 में इसी एक्सपायर्ड NOC के आधार पर अवैध रूप से फ्रेश रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट और नाम ट्रांसफर का खेल पूरा कर लिया गया।

3. सरकारी खजाने को चपत और दलाली का सीधा सबूत

मोटरयान नियमों के अनुसार नामांतरण में विलंब पर ₹500/- प्रति माह की दर से शास्ति वसूलना अनिवार्य था। लेकिन जांच अधिकारियों ने मनगढंत तर्क देकर पेनल्टी माफ कर दी, जिससे सीधे तौर पर शासकीय राजस्व का नुकसान हुआ।

इसके अलावा, फॉर्म-30 एवं FRC नोटशीट में बाकायदा बिचौलिए/दलाल लालू राठौर का नाम दर्ज है। सवाल यह उठता है कि एक बाहरी प्राइवेट एजेंट सरकारी रिकॉर्ड और फाइलों को प्रस्तुत करने वाला अधिकारी कैसे बन गया?

4. RTI में विरोधाभासी जवाब: जब घिरने लगे तो कहा—”नस्ती गायब है!”

RTI कार्यकर्ता जितेन्द्र साहू ने जब इस फर्जीवाड़े की नस्ती मांगी, तो RTO कोरबा ने अजीबो-गरीब पैंतरे दिखाए।

* पहले कहा गया— “फाइल/नस्ती गायब है”।

* प्रथम अपील के बाद कहा गया— “21 पन्नों की जानकारी के लिए 42 रुपये जमा करें”।

* और जब पैसे जमा करने की बारी आई, तो अचानक धारा 8(1)(j) का हवाला देकर जानकारी देने से ही मना कर दिया गया!

एक ही मामले में बार-बार बयान बदलना यह साबित करता है कि विभाग के भीतर कितना बड़ा घोटाला छिपाने की कोशिश की जा रही है।

कलेक्टर महोदय से की गई प्रमुख मांगें:

* ADM या संयुक्त कलेक्टर की अध्यक्षता में स्वतंत्र जांच: जांजगीर DTO की लीपापोती वाली रिपोर्ट को खारिज कर नई जांच टीम बनाई जाए।

* मूल नस्ती तत्काल ज़ब्त हो: वाहन CG12AZ-2969 की मूल फाइल RTO कार्यालय से तुरंत ज़ब्त की जाए ताकि रिकॉर्ड में हेरफेर न हो सके।

* दोषियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई: मृत व्यक्ति की जानकारी छिपाने, एक्सपायर्ड NOC का उपयोग करने, सरकारी राजस्व को क्षति पहुँचाने वाले RTO शाखा प्रभारी श्री विकास ठाकुर, तत्कालीन परिवहन निरीक्षक, इंडसइंड बैंक के अधिकारियों और दलाल पर नामजद एफआईआर दर्ज की जाए।

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संपादकीय टिप्पणी

यदि अब भी ऐसे गंभीर और दस्तावेजी सबूतों से लैस मामलों में सख्त कार्रवाई नहीं होती है, तो यह माना जाएगा कि प्रशासन में दलालों और भ्रष्ट अधिकारियों की जड़ें बहुत गहरी हैं। अब देखना यह है कि जिला प्रशासन इस ‘मुर्दा घोटाले’ में क्या कड़ा कदम उठाता है!

Preeti Singh

Priti Singh is a senior journalist at INN24 News with extensive experience covering crime, governance, public policy, and regional affairs in Chhattisgarh Her reporting focuses on factual accuracy, administrative accountability, and issues of public interest. Areas of Expertise • India and Chhattisgarh politics and governance • State and regional affairs (Chhattisgarh) • Public administration • Investigative reporting Editorial Responsibility Priti Singh follows strict fact-checking and editorial standards and adheres to INN24 News’ Editorial Policy. 📧 Contact: manni200390@gmail.com Profile Last Updated: 20 January 2026