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Chhattisgarh Open Jail: छत्तीसगढ़ में तैयार हुई 200 बंदियों की ओपन जेल, सरकार ने लागू किए नए नियम

Chhattisgarh Open Jail : छत्तीसगढ़ में जेलों में बढ़ती भीड़ और लंबे समय से सजा काट रहे बंदियों के पुनर्वास को लेकर सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। बेमेतरा जिले के पथर्रा गांव में 200 बंदियों की क्षमता वाली ओपन जेल तैयार हो चुकी है। राज्य सरकार ने 14 जुलाई 2026 को अधिसूचना जारी कर इस ओपन जेल की स्थापना औपचारिक रूप से कर दी है। इसके संचालन और प्रबंधन के लिए छत्तीसगढ़ ओपन जेल (संचालन एवं प्रबंधन) नियम, 2026 भी लागू कर दिए गए हैं।

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Open Jail Rules 2026: 13 अगस्त को लागू हुए नए नियम

सरकार ने ओपन जेल के संचालन और प्रबंधन से जुड़े नियमों को 13 अगस्त 2026 को अधिसूचित किया। इन नियमों के लागू होने के बाद अब पथर्रा में तैयार ओपन जेल को संचालित करने का रास्ता साफ हो गया है। यहां पात्र बंदियों को सामान्य जेल की तुलना में अधिक खुला और सुधारात्मक वातावरण उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जाएगी।

हाई कोर्ट की पहल के बाद तेज हुई प्रक्रिया

छत्तीसगढ़ में ओपन जेल की पहल के पीछे हाई कोर्ट की अहम भूमिका रही है। जेलों की स्थिति से जुड़े आंकड़ों के आधार पर हाई कोर्ट ने स्वत: संज्ञान लेते हुए इसे जनहित याचिका के रूप में लिया था। सामने आए आंकड़ों ने जेलों में क्षमता से अधिक बंदियों की गंभीर स्थिति को उजागर किया था। प्रदेश की जेलों में कुल 15,485 बंदियों की क्षमता है, जबकि करीब 19,476 बंदी निरुद्ध हैं। यानी जेलों में क्षमता से 3,991 ज्यादा बंदी रह रहे हैं। ऐसे में ओपन जेल को भीड़ कम करने और पात्र बंदियों के पुनर्वास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

20 साल से ज्यादा सजा वाले 340 कैदी

हाई कोर्ट के सामने रखे गए आंकड़ों के अनुसार प्रदेश की जेलों में 340 ऐसे दोषसिद्ध बंदी हैं, जिन्हें 20 साल से ज्यादा की सजा मिली है और जिनकी अपील सुप्रीम कोर्ट तक खारिज हो चुकी है। इसके अलावा 1,843 बंदी ऐसे हैं, जिनके पास बढ़ई, प्लंबर, पेंटर, माली और किसान जैसे हुनर हैं। वहीं, जेलों में 504 बुजुर्ग बंदी भी हैं। चार बंदियों के जेल से भागने की कोशिश के मामले भी सामने आए हैं। इन परिस्थितियों को देखते हुए ऐसे बंदियों के लिए सुधार, रोजगार और पुनर्वास आधारित व्यवस्था की जरूरत लंबे समय से महसूस की जा रही थी।

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82 बच्चे भी जेल में रह रहे

आंकड़ों में यह भी सामने आया कि महिला बंदियों के साथ 82 बच्चे जेल परिसर में रह रहे हैं। ओपन जेल और सुधारात्मक व्यवस्थाओं को बढ़ावा देने का उद्देश्य केवल जेलों की भीड़ कम करना ही नहीं, बल्कि बंदियों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने और उनके पुनर्वास की संभावनाओं को मजबूत करना भी है। पथर्रा की 200 क्षमता वाली ओपन जेल के संचालन के लिए नियम लागू होने के बाद अब इसके वास्तविक संचालन की प्रक्रिया आगे बढ़ने की उम्मीद है।

 

Preeti Singh

Priti Singh is a senior journalist at INN24 News with extensive experience covering crime, governance, public policy, and regional affairs in Chhattisgarh Her reporting focuses on factual accuracy, administrative accountability, and issues of public interest. Areas of Expertise • India and Chhattisgarh politics and governance • State and regional affairs (Chhattisgarh) • Public administration • Investigative reporting Editorial Responsibility Priti Singh follows strict fact-checking and editorial standards and adheres to INN24 News’ Editorial Policy. 📧 Contact: manni200390@gmail.com Profile Last Updated: 20 January 2026