*’एक रक्षासूत्र जवानों के नाम अभियान : सक्ती पहुंची भारतीय सेना की ‘आर्मी वैन*’
*भाजपा महिला मोर्चा, मारवाड़ी महिला मंच की बहनों सहित स्कूली छात्र -छात्राओं ने जवानों को बांधी राखी*


जिला रिपोर्टर सक्ती- उदय मधुकर
*देश की सरहदों में भारत मां की रक्षा में तैनात फौजी भाईयों को भी भेजी राखियां*
सक्ती :: देश के वीर जवानों के प्रति सम्मान, स्नेह और कृतज्ञता व्यक्त करने के उद्देश्य से चलाई जा रही विशेष अभियान ‘एक रक्षा सूत्र—जवानों के नाम’ के तहत भारतीय सेना की आर्मी वैन आज 11 अगस्त 2026 को सक्ती पहुंची। इस अवसर पर सक्ती नगर के हृदय स्थल कहे जाने वाले अग्रसेन चौक में भाजपा महिला मोर्चा जिलाध्यक्ष धनेश्वरी साहू के साथ मोर्चा की सभी बहनों ने वेन में पहुंचे वीर जवानों का आत्मीय अभिनंदन किया। इस मौके पर मारवाड़ी महिला मंच की महिलाओं सहित स्काउट गाइड तथा स्कूली छात्र -छात्राएं बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। इस अवसर पर सभी महिलाओं ने आर्मी के जवानों को राखी बांधी और उन्हें अपनी शुभकामनाएं दीं तथा देश की सीमाओं की रक्षा कर रहे वीर सैनिकों के लिए रक्षा सूत्र भी भेजा। इस अवसर पर आर्मी वेन में सक्ती पहुंचे आपरेशन सिपाही रक्षासूत्र के संयोजक पूर्व सैनिक महेंद्र प्रताप सिंह राणा ने मीडिया को बताया कि यह अभियान पिछले चार सालों से चल रहा है और इन चार सालों में हमने लगभग 27 लाख 92000 भारतीय सैनिकों को छत्तीसगढ़ की मिट्टी से तिलक कर विश्व में देशप्रेम का उदाहरण प्रस्तुत किया है। इसका उद्देश्य देश के लोगों को देश की जनता से जोड़ना है। यहां बात छत्तीसगढ़ की करें तो बस्तर दंतेवाड़ा से जब से यह अभियान शुरू हुआ है लोगों में हर जगह अभियान को लेकर भारी उत्साह है और अब तक हमने 13 लाख से अधिक रक्षासूत्र संग्रहित कर लिया है। इस अवसर पर भाजपा जिलाध्यक्ष टिकेश्वर गबेल, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती द्रौपदी चंद्रा, भाजपा जिला उपाध्यक्ष अन्नपूर्णा राठौर महामंत्री महिला मोर्चा शीला डनसेना, मारवाड़ी महिला मंच के अध्यक्ष के साथ उनकी पूरी टीम, स्काउट गाइड के बच्चे तथा स्कूली छात्र -छात्राएं बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
*आपरेशन सिपाही रक्षासूत्र अभियान -2026 क्या है?*
बात आपरेशन सिपाही रक्षासूत्र की करें तो यह अभियान देश की सीमाओं में तैनात सिपाहियों को समर्पित है। इस अभियान के तहत देश की सीमाओं पर तैनात वीर सैनिकों के प्रति सम्मान, स्नेह और कृतज्ञता व्यक्त करने का अनूठा अभियान है। इसके तहत लोग, स्कूल के बच्चे और महिलाएं अपने हाथों से राखी बना कर फौजी भाईयों को भेजते हैं।






