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AC की हवा राहत के साथ बन सकती है आफत, सिरदर्द और गले की खराश से ऐसे करें बचाव

नई दिल्ली : भीषण गर्मी में एकदम से घर या ऑफिस के एसी में जाकर बैठना राहत जरूर दे सकता है, लेकिन यह बीमारी की जड़ भी है। एसी वाले वातावरण में नमी का कम होना, ठंडी हवा और अंदर की उसी हवा का बार-बार सर्कुलेट होना सेहत के लिए हानिकारक साबित हो सकता है।

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यह कुछ ऐसा ही है जैसे जब मौसम बदलता है तो मामूली सर्दी-जुकाम और बुखार होने लगता है। ठीक वैसे ही कई बार एसी में बैठने से शरीर अचानक से गर्मी से ठंड वाले तापमान को झेल नहीं पाता और इसके प्रभाव देखने को मिलते हैं।

एसी कैसे बीमार कर सकता है?

एसी में बहुत से फंक्शन होते हैं जो अंदर के वातावरण में मौजूद हवा के गुणवत्ता में बदलाव कर सकते हैं। ये बदलाव अच्छे भी होंगे तो भी सर्दी-जुकाम की वजह बन सकते हैं। एयर कंडीशनर में ज्यादा रहने से कई प्रभाव देखने को मिलते हैं:

सांस की नली में ड्राइनेस

एसी की ठंडी हवा सांस की नली को ड्राई कर सकती है जिसकी वजह से खांसी, सीने में अकड़न, सांस लेने में परेशानी और गले में खराश हो सकती है। यह स्थिति अस्थमा के मरीजों के लिए ज्यादा संवेदनशील होती है। वहीं, इससे सांस से जुड़ी एलर्जी होने का खतरा भी रहता है।

त्वचा का रूखापन

तापमान का कम होना वातावरण में नमी को भी कम कर देता है, नतीजतन त्वचा का रूखापन बढ़ जाता है। अगर आप लंबे समय तक एसी में बैठते हैं तो त्वचा के ड्राई होने के साथ फटे होंठ, नाक से खून निकलना, आंखों में जलन और रूखापन जैसी समस्या हो सकती है।

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शरीर में पानी की कमी

एसी के चलते शरीर जल्दी से डिहाइड्रेट हो जाता है, इसकी वजह से सिर दर्द, थकान, बदन दर्द और मुंह के सूखने की दिक्कत हो सकती है। इसे बचने के लिए हर थोड़ी देर में पानी पीते रहने की जरूरत है।

कैसे बचाव करें?

  1. समय-समय पर एसी के फिल्टर बदलते रहें और मेंटेनेंस कराते रहें।

  2. एसी के साथ ही एयर प्योरिफायर लगाना बेहतर विकल्प।

  3. प्यास न लगने पर भी पानी पीएं, यह आदत शरीर डिहाइड्रेट नहीं होने देगी।

  4. बाहर की गर्मी और कमरे के तापमान में ज्यादा अंतर न रखें।

  5. एसी की हवा सीधे शरीर पड़ने दें, इससे बदन दर्द खासकर जोड़ों में दर्द हो सकता है।

Preeti Singh

Priti Singh is a senior journalist at INN24 News with extensive experience covering crime, governance, public policy, and regional affairs in Chhattisgarh Her reporting focuses on factual accuracy, administrative accountability, and issues of public interest. Areas of Expertise • India and Chhattisgarh politics and governance • State and regional affairs (Chhattisgarh) • Public administration • Investigative reporting Editorial Responsibility Priti Singh follows strict fact-checking and editorial standards and adheres to INN24 News’ Editorial Policy. 📧 Contact: manni200390@gmail.com Profile Last Updated: 20 January 2026