अखिल भारतीय हिंदू परिषद के तत्वावधान में पावन सावन माह के प्रथम सोमवार के शुभ अवसर पर ग्राम हांफा स्थित मौली माता प्रांगण में भव्य एवं अलौकिक पार्थिव शिवलिंग रुद्राभिषेक कार्यक्रम का सफ़ल आयोजन किया गया

बिलासपुर-अखिल भारतीय हिंदू परिषद के तत्वावधान में भव्य पार्थिव शिवलिंग रुद्राभिषेक कार्यक्रम संपन्न
121 यजमानों ने एक साथ किया भगवान भोलेनाथ का अभिषेक, भक्तिमय हुआ वातावरण
अखिल भारतीय हिंदू परिषद के तत्वावधान में पावन सावन माह के प्रथम सोमवार के शुभ अवसर पर ग्राम हांफा स्थित मौली माता प्रांगण में भव्य एवं अलौकिक पार्थिव शिवलिंग रुद्राभिषेक कार्यक्रम का सफ़ल आयोजन किया गया। यह धार्मिक आयोजन आचार्य अवधेश तिवारी एवं अखिल भारतीय हिंदू परिषद के प्रदेश उपाध्यक्ष उत्कर्ष सिंह गरेवाल के कुशल नेतृत्व में गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ।
सावन के पहले सोमवार का विशेष महत्व देखते हुए आयोजित इस कार्यक्रम में श्रद्धालुओं का अपार उत्साह देखने को मिला। मुख्य आकर्षण के रूप में 121 यजमानों ने सामूहिक रूप से उपस्थित होकर वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पार्थिव शिवलिंग बनाकर भगवान आशुतोष का पूर्ण निष्ठा और भक्ति भाव के साथ रुद्राभिषेक एवं पूजन-अर्चन किया।
वैदिक रीति-रिवाज और विद्वान आचार्यों का सानिध्य
कार्यक्रम का शुभारंभ प्रातः काल सामूहिक पार्थिव शिवलिंग निर्माण के साथ हुआ। तत्पश्चात, पूज्य आचार्य अवधेश तिवारी के मुख्य आचार्यत्व में तथा सहयोगी आचार्यों—पंडित अमित उपाध्याय एवं पंडित रोशन दुबे—के सानिध्य में रुद्राभिषेक का कार्य विधि-विधान से पूर्ण कराया गया।
पूजन के दौरान आचार्यों द्वारा किए गए सस्वर वेदोक्त रुद्री पाठ से संपूर्ण परिसर शिवभक्ति के आनंद में सराबोर हो उठा। दुग्ध, जल, बेलपत्र, धतूरा, भस्म एवं विभिन्न दिव्य औषधियों से पार्थिव शिवलिंग का अभिषेक किया गया तथा विश्व कल्याण, सुख-समृद्धि एवं शांति की कामना की गई।
धर्म संदेश और प्रवचन
रुद्राभिषेक के पश्चात आयोजित धर्म सभा को संबोधित करते हुए आचार्य अवधेश तिवारी ने सावन माह और शिवलिंग पूजन के आध्यात्मिक महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा, “श्रावण मास में पार्थिव शिवलिंग का निर्माण और रुद्राभिषेक करने से कोटि जन्मांतर के पापों का नाश होता है। भगवान शिव केवल भाव के भूखे हैं और मात्र जल व बेलपत्र अर्पित करने से ही अपने भक्तों पर प्रसन्न होकर मनवांछित फल प्रदान करते हैं।”
वहीं अखिल भारतीय हिंदू परिषद के प्रदेश उपाध्यक्ष उत्कर्ष सिंह गरेवाल ने अपने संबोधन में कहा कि इस प्रकार के आयोजनों का मुख्य उद्देश्य सनातन संस्कृति का संरक्षण, संवर्धन और समाज में धार्मिक चेतना को जागृत करना है। उन्होंने सभी यजमानों, श्रद्धालुओं और सहयोगी कार्यकर्ताओं का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि अखिल भारतीय हिंदू परिषद भविष्य में भी इस प्रकार के सांस्कृतिक व धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन निरंतर करती रहेगी।
महाआरती और प्रसाद वितरण के साथ समापन
कार्यक्रम के अंतिम चरण में 121 यजमानों एवं सैकड़ों श्रद्धालुओं ने मिलकर भगवान शिव की दिव्य महाआरती उतारी। हर-हर महादेव और जय शिव शंभू के गगनभेदी जयकारों से वातावरण गूंज उठा। आरती के उपरांत सभी उपस्थित भक्तों के बीच महाप्रसाद का वितरण किया गया।
इस अवसर पर अखिल भारतीय हिंदू परिषद के अनेक पदाधिकारी, स्थानीय गणमान्य नागरिक, माताएं-बहनें एवं बड़ी संख्या में शिवभक्त उपस्थित रहे। सभी ने इस अलौकिक धार्मिक आयोजन की भूरि-भूरि प्रशंसा की और आयोजकों को साधुवाद दिया।






