
नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज ‘नशा मुक्त युवा, विकसित भारत’ अभियान की शुरुआत की। देशभर में आयोजित इस कार्यक्रम में 28 हजार से ज्यादा स्थानों से एक करोड़ से अधिक युवा जुड़ रहे हैं। प्रधानमंत्री के संबोधन से पहले देशभर के युवाओं ने एक साथ नशा मुक्त भारत बनाने की शपथ ली। पीएम मोदी ने अपने भाषण की शुरुआत में कहा कि हम एक महान संकल्प के लिए एकजुट हुए हैं। सभी संत, सभी राज्यपाल, सभी मुख्यमंत्री और जनप्रतिनिधि, 28 हजार स्थानों से जुड़े 1 करोड़ से ज्यादा युवा साथी, इस शुभ संकल्प के लिए अभिनंदन। पीएम मोदी ने कहा कि जिस अभियान के हम साक्षी बन रहे हैं वह व्यक्ति, परिवार, समाज और सबसे बड़ी बात है कि यह अभियान राष्ट्र के लिए है। विकसित भारत संकल्प के लिए नशा मुक्त युवा होना जरूरी है। यह नाम ही संकल्प को स्पष्ट करता है। देश ने विकसित भारत का लक्ष्य तय किया है तो देश का युवा तन से स्वस्थ हो, मन से स्वस्थ हो, आत्मविश्वास से भरपूर हो और ड्रग्स जैसी घातक आदत से दूर रहे, यही इस अभियान का उद्देश्य है, इसलिए हम सबको यह संकल्प लेना है कि युवा नशे के खतरे को समझे और उससे दूर रहे।
#WATCH | PM Narendra Modi says, "The campaign we are witnessing today is for the individual, the family, and society; above all, it is for the nation. The very name of this movement—the 'Drug-Free Youth' initiative under the Viksit Bharat Sankalp Abhiyan — clarifies its resolve.… pic.twitter.com/sgPzrQ80yo
— ANI (@ANI) August 2, 2026
जो नशे को परास्त करता है वह योद्धा होता है-पीएम मोदी
हमें हर एक युवा को नशे के चंगुल में फंसने से बचाना है। हमारी प्रोफेसरों से अपील है कि वे अपने कॉलेज में भी नशे के खिलाफ मुहिम चलाएं। युवाओं को नशे की गिरफ्त से निकालें। जो युवा नशे को परास्त करके निकलता है वो योद्धा होता है, समाज को उनका सम्मान करना चाहिए। ड्रग्स से जुड़ा उसका अतीत उसकी पहचान नहीं हो सकती। नशे के कारोबारियो पर सख्ती के साथ कार्रवाई हो रही है।
कई राज्यों के मुख्यमंत्री और राज्यपाल भी कार्यक्रम में मौजूद
कार्यक्रम में पूज्य अम्मा, गुरुदेव श्री श्री रविशंकर, पूज्य दाजी, डॉ. चिन्मय पंड्या और स्वामी ब्रह्मविहारीजी समेत पांच प्रमुख आध्यात्मिक गुरु शामिल हैं। इसके अलावा कई राज्यों के मुख्यमंत्री और राज्यपाल भी कार्यक्रम में मौजूद हैं। यह अभियान 125 से अधिक आध्यात्मिक संगठनों, स्कूल-कॉलेजों, संस्थानों, सार्वजनिक संगठनों और औद्योगिक संघों के सहयोग से आयोजित किया जा रहा है। ब्रह्माकुमारीज, इस्कॉन, चिन्मय मिशन और ऑरोविले के वरिष्ठ प्रतिनिधि भी कार्यक्रम में शामिल हैं।
खुद पीएम मोदी ने भी इस संबंध में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट किया है। उन्होंने लिखा कि ‘नशा मुक्त युवा के लिए विकसित भारत संकल्प अभियान’ का मकसद हमारे युवाओं को नशे की लत से दूर रहने और समाज में अच्छे बदलाव लाने के लिए प्रेरित करना है। यह 100 हफ़्ते के देश भर में जन भागीदारी कैंपेन की शुरुआत होगी, जिसमें हर रविवार को जागरूकता फैलाने और इस मकसद के लिए समाज को एकजुट करने के लिए एक्टिविटीज़ की जाएंगी। इसमें 10,000 से ज़्यादा जगहों से युवा हिस्सा लेंगे, साथ ही MYBharat और NSS के वॉलंटियर, स्कूल, कॉलेज, यूनिवर्सिटी, यूथ क्लब, NGO और आध्यात्मिक संगठन भी हिस्सा लेंगे।
‘नशा मुक्त युवा- विकसित भारत संकल्प अभियान’ पहल का उद्देश्य युवाओं को नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित करना और उन्हें अपने समुदायों में सकारात्मक सामाजिक परिवर्तन के दूत बनने के लिए प्रोत्साहित करना है। एक आधिकारिक बयान में हा गया कि इस पहल के साथ ही मादक पदार्थों के सेवन के विरुद्ध 100 सप्ताह तक चलने वाले राष्ट्रव्यापी जन भागीदारी अभियान की शुरुआत होगी। इस अभियान के तहत, नशामुक्त समाज के निर्माण में जागरूकता बढ़ाने और जनभागीदारी को प्रोत्साहित करने के लिए देश भर में हर रविवार को साप्ताहिक गतिविधियां आयोजित की जाएंगी।
CG Liquor Scam: भिलाई में EOW की बड़ी कार्रवाई, दो CA के ठिकानों पर छापेमारी; कई अहम दस्तावेज जब्त
बयान के मुताबिक, इन गतिविधियों में खेलों का आयोजन, वाकाथॉन, ध्यान सत्र, सांस्कृतिक कार्यक्रम, जागरूकता अभियान, नुक्कड़ नाटक, चर्चा मंच, कला प्रतियोगिताएं और सामुदायिक भागीदारी कार्यक्रम होंगे। इस पहल का उद्देश्य मादक पदार्थों के सेवन के विरुद्ध एक सामूहिक आंदोलन के लिए शैक्षणिक संस्थानों, युवा संगठनों, नागरिक संस्थाओं, उद्योग निकायों और आध्यात्मिक संगठनों को एक साझा मंच पर लाकर सामुदायिक भागीदारी को और मजबूत करना है।






