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CG High Court: पुरानी मेरिट लिस्ट से सरकारी नौकरी पर रोक! बिलासपुर हाईकोर्ट ने 2 कर्मचारियों की बर्खास्तगी को ठहराया सही

CG High Court News: छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने सरकारी भर्तियों को लेकर एक अहम फैसला सुनाया है। कोर्ट ने साफ कहा है कि भर्ती प्रक्रिया पूरी होने के बाद बनाए गए नए पदों पर पुरानी चयन या प्रतीक्षा सूची (Waiting List) से नियुक्ति नहीं की जा सकती। ऐसा करना संविधान के अनुच्छेद 14 और 16 का उल्लंघन है, क्योंकि इससे बाद में पात्र होने वाले अभ्यर्थियों के अधिकार प्रभावित होते हैं।

चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और न्यायमूर्ति रवींद्र कुमार अग्रवाल की डिवीजन बेंच ने बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के एक मिडिल स्कूल में कार्यरत भृत्य अखिलेश और शिक्षिका सुषमा ठाकुर की रिट अपील खारिज करते हुए उनकी बर्खास्तगी को वैध ठहराया।

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Recruitment Rules: क्या है पूरा मामला?

मामला वर्ष 2012 का है, जब आदिम जाति कल्याण विभाग ने भृत्य और सहायक ग्रेड-3 के पदों पर भर्ती के लिए विज्ञापन जारी किया था। भर्ती प्रक्रिया पूरी होने और चयन सूची जारी होने के बाद विभाग ने बाद में सृजित कुछ अतिरिक्त पदों पर भी उसी पुरानी प्रतीक्षा सूची से नियुक्तियां दे दीं। इसी आधार पर अखिलेश और सुषमा ठाकुर की नियुक्ति हुई थी। बाद में इन नियुक्तियों को नियमों के विरुद्ध मानते हुए निरस्त कर दिया गया, जिसके खिलाफ दोनों ने हाईकोर्ट में चुनौती दी थी।

हाईकोर्ट ने क्या कहा?

डिवीजन बेंच ने कहा कि भर्ती प्रक्रिया समाप्त होने के बाद भविष्य में बनने वाले पदों को पुरानी चयन या प्रतीक्षा सूची से भरना पूरी तरह अवैध है। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि अधिकारियों की गलती या किसी कर्मचारी द्वारा कई वर्षों तक नौकरी करने भर से अवैध नियुक्ति कानूनी नहीं हो जाती। अदालत ने कहा कि ऐसी नियुक्तियां उन युवाओं के अधिकारों का भी उल्लंघन करती हैं, जो बाद में पात्र बने और जिन्हें आवेदन का अवसर मिलना चाहिए था।

संविधान के अनुच्छेद 14 और 16 का हवाला

हाईकोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि सरकारी नौकरियों में सभी योग्य उम्मीदवारों को समान अवसर मिलना चाहिए। यदि पुराने चयन पैनल से नए पद भर दिए जाएं, तो बाद में योग्य बनने वाले उम्मीदवार आवेदन ही नहीं कर पाएंगे। यह संविधान के अनुच्छेद 14 (समानता का अधिकार) और अनुच्छेद 16 (सरकारी रोजगार में समान अवसर) की भावना के खिलाफ है।

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कोर्ट ने दोहराए तीन अहम सिद्धांत

Government Jobs: फैसले में हाईकोर्ट ने सरकारी भर्ती से जुड़े तीन महत्वपूर्ण सिद्धांतों को दोहराया-

  1. नियुक्ति केवल विज्ञापित पदों पर ही होगी

भर्ती प्रक्रिया सिर्फ उन्हीं पदों तक सीमित रहेगी, जिनके लिए विज्ञापन जारी किया गया है। बाद में बने नए पदों के लिए नई भर्ती प्रक्रिया अपनानी होगी।

  1. बैकडोर नियुक्तियां स्वीकार नहीं

कोर्ट ने कहा कि नियमों को दरकिनार कर की गई किसी भी प्रकार की बैकडोर नियुक्ति संविधान के मूल सिद्धांतों के खिलाफ है और उसे वैध नहीं माना जा सकता।

  1. लंबी सेवा से अवैध नियुक्ति वैध नहीं बनती

यदि कोई कर्मचारी कई वर्षों तक सेवा करता रहा हो, तब भी उसकी नियुक्ति यदि नियमों के विरुद्ध हुई है तो उसे केवल सेवा अवधि के आधार पर वैध नहीं माना जा सकता।

भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता पर जोर

हाईकोर्ट के इस फैसले को सरकारी भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और समान अवसर सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अदालत ने स्पष्ट संदेश दिया है कि सरकारी नौकरियों में नियुक्ति हमेशा नियमों और संवैधानिक प्रावधानों के अनुरूप ही होनी चाहिए।

Preeti Singh

Priti Singh is a senior journalist at INN24 News with extensive experience covering crime, governance, public policy, and regional affairs in Chhattisgarh Her reporting focuses on factual accuracy, administrative accountability, and issues of public interest. Areas of Expertise • India and Chhattisgarh politics and governance • State and regional affairs (Chhattisgarh) • Public administration • Investigative reporting Editorial Responsibility Priti Singh follows strict fact-checking and editorial standards and adheres to INN24 News’ Editorial Policy. 📧 Contact: manni200390@gmail.com Profile Last Updated: 20 January 2026