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अब दफ्तरों के चक्कर खत्म! छत्तीसगढ़ में ऑनलाइन मिल रहे प्रमाण-पत्र, 520 सरकारी सेवाएं घर बैठे

रायपुर : एआई के दौर में शासन-प्रशासन ने अपनी कार्यशैली में बड़ा बदलाव किया है। छत्तीसगढ़ का शासकीय ढांचा अब तेजी से डिजिटल और हाईटेक मॉडल की ओर बढ़ रहा है। पिछले दो दशकों में राज्य के आईटी सेक्टर में अभूतपूर्व परिवर्तन देखने को मिला है। वर्तमान में राज्य में आईटी आधारित सेवा व्यवस्था का तीसरा चरण यानी ‘आईटी 3.0’ पूरी तरह लागू है, जो आम जनता को त्वरित और पारदर्शी सुविधाएं देने पर केंद्रित है। इस डिजिटल यात्रा की शुरुआत को देखें तो आईटी 1.0 के समय वर्ष 2011 में आम जनता को मात्र 9 विभागों की 25 योजनाओं का लाभ लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत मिलता था। वहीं, अब आईटी 3.0 के आने के बाद वर्तमान में प्रदेश की जनता को 36 विभागों की 520 योजनाओं का लाभ महज एक क्लिक पर मिल रहा है। आने वाले दिनों में इसका दायरा और बढ़ाया जाएगा।

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इस तकनीकी बदलाव से सरकार की विभिन्न योजनाओं का लाभ लेने के लिए लोगों को बार-बार शासकीय दफ्तरों के चक्कर लगाने से बड़ी राहत मिल रही है। डिजिटल प्लेटफॉर्म, चॉइस केंद्रों और सिंगल विंडो सिस्टम के जरिए सरकारी सेवाएं पहले की तुलना में अधिक आसान, तेज और पारदर्शी हुई हैं। सीएम सेवा सेतु पोर्टल के ताजा आंकड़े गवाही देते हैं कि प्रदेश में सरकारी सेवाओं का कितनी तेजी से डिजिटलीकरण हो रहा है। आज राज्य के लाखों नागरिक आय, निवास, जाति और अन्य आवश्यक प्रमाण-पत्रों के लिए पूरी तरह ऑनलाइन व्यवस्था का लाभ उठा रहे हैं। लगातार बढ़ती आवेदन संख्या और लाखों मामलों के समयबद्ध निराकरण ने यह साबित कर दिया है कि यह प्लेटफॉर्म नागरिकों के लिए सरकारी सेवाओं का सबसे महत्वपूर्ण और विश्वसनीय माध्यम बनता जा रहा है।

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ये हैं सेवा सेतु की खास बातें

ऑनलाइन आवेदन और ट्रैकिंग: नागरिक किसी भी स्थान से स्वयं ऑनलाइन अप्लाई कर सकते हैं और अपने आवेदन की लाइव स्थिति को ट्रैक कर सकते हैं।

व्हाट्सएप सुविधाएं: नागरिक व्हाट्सएप के माध्यम से भी सीधे सेवाओं के लिए आवेदन कर सकते हैं, स्टेटस अपडेट पा सकते हैं और तैयार दस्तावेज़ डाउनलोड कर सकते हैं।

डिजिटल प्रमाणपत्र: जालसाजी रोकने के लिए क्यूआर कोड सत्यापन की मदद से डिजिटल हस्ताक्षर किए हुए वैध प्रमाणपत्र जारी किए जाते हैं।

बहुभाषी पहुंच: छत्तीसगढ़ की विविध जनसंख्या और स्थानीय आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए पोर्टल पर बहुभाषी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं।

त्वरित अलर्ट: पारदर्शिता के लिए आवेदन के हर चरण (सबमिशन, अप्रूवल, रिजेक्शन) पर आवेदक के मोबाइल पर एसएमएस और व्हाट्सएप अलर्ट भेजा जाता है।

एकीकृत पेमेंट व्यवस्था: शासकीय शुल्क के भुगतान को सुरक्षित बनाने के लिए ट्रेजरी और ई-चालान व्यवस्था के साथ पोर्टल का आसान एकीकरण किया गया है।

जनता डैशबोर्ड: जवाबदेही तय करने के लिए पोर्टल पर सेवा वितरण से जुड़े सारे आंकड़े ‘लाइव डैशबोर्ड’ पर आम जनता के देखने के लिए उपलब्ध हैं।

1.0:- वर्ष 2003: सरकारी सेवाओं की पहुंच बेहतर बनाने के लिए डिजिटल कियोस्क के जरिए ‘सिटिज़न सर्विस डिलीवरी’ शुरू हुई। कुल 8 सेवाओं के साथ शुरुआत।

2.0:- वर्ष 2015: ई-डिस्ट्रिक्ट के जरिए एक ऑनलाइन मंच की ओर बदलाव, जो बड़े पैमाने पर सेवा वितरण को मुमकिन बनाए। कुल 86 सेवाओं के साथ शुरुआत।

3.0:- वर्ष 2026: सेवा सेतु के जरिए एआई , आधार-आधारित सेवाएं, प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण और बहुभाषी डिजिटल मंच का निर्माण। वर्तमान में 520 सेवाओं का लाभ।

Preeti Singh

Priti Singh is a senior journalist at INN24 News with extensive experience covering crime, governance, public policy, and regional affairs in Chhattisgarh Her reporting focuses on factual accuracy, administrative accountability, and issues of public interest. Areas of Expertise • India and Chhattisgarh politics and governance • State and regional affairs (Chhattisgarh) • Public administration • Investigative reporting Editorial Responsibility Priti Singh follows strict fact-checking and editorial standards and adheres to INN24 News’ Editorial Policy. 📧 Contact: manni200390@gmail.com Profile Last Updated: 20 January 2026