*जागेश्वर सिंह राज जिलाध्यक्ष आदिवासी कांग्रेस जिला सक्ती के नेतृत्व में अमित शाह के बयान के विरोध में हुआ जोरदार प्रदर्शन, कचहरी चौक में पुतला दहन कर जताया आक्रोश*

जिला रिपोर्टर शक्ति उदय मधुकर
सक्ती आदिवासी समाज की पहचान, संस्कृति और अस्मिता के सम्मान को लेकर आज जिला मुख्यालय सक्ती में आदिवासी कांग्रेस द्वारा जोरदार विरोध प्रदर्शन किया गया। जिला आदिवासी कांग्रेस कमेटी सक्ती के जिलाध्यक्ष जागेश्वर सिंह राज के नेतृत्व में कचहरी चौक में बड़ी संख्या में आदिवासी समाज के लोग, कांग्रेस कार्यकर्ता एवं सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि एकत्र हुए और देश के गृह मंत्री अमित शाह के कथित “वनवासी” संबोधन के विरोध में पुतला दहन कर अपना आक्रोश व्यक्त किया।
कार्यक्रम की शुरुआत आदिवासी समाज के वरिष्ठजनों एवं कांग्रेस नेताओं की उपस्थिति में हुई। प्रदर्शनकारियों ने हाथों में तख्तियां एवं बैनर लेकर नारेबाजी की और कहा कि आदिवासी समाज की अपनी विशिष्ट पहचान, परंपरा, संस्कृति और इतिहास है, जिसे किसी भी रूप में कमतर आंकने या परिवर्तित करने का प्रयास स्वीकार नहीं किया जाएगा।
जिलाध्यक्ष जागेश्वर सिंह राज ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि आदिवासी समाज देश का मूल निवासी समाज है और उसकी पहचान “आदिवासी” के रूप में है। समाज की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक एवं संवैधानिक पहचान का सम्मान किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज अपनी अस्मिता और अधिकारों की रक्षा के लिए सदैव संघर्षरत रहा है और भविष्य में भी किसी प्रकार की उपेक्षा या अपमान बर्दाश्त नहीं करेगा।
उन्होंने कहा कि प्रदेश आदिवासी कांग्रेस के निर्देशानुसार यह विरोध प्रदर्शन आयोजित किया गया है, जिसका उद्देश्य आदिवासी समाज की भावनाओं को शासन-प्रशासन और देश के जनप्रतिनिधियों तक पहुंचाना है। कार्यक्रम में उपस्थित वक्ताओं ने भी आदिवासी समाज के अधिकारों, जल-जंगल-जमीन की सुरक्षा तथा सामाजिक सम्मान के मुद्दों पर अपनी बात रखी।
प्रदर्शन के दौरान कचहरी चौक में गृह मंत्री अमित शाह का प्रतीकात्मक पुतला दहन किया गया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने आदिवासी समाज की एकता, सम्मान और अधिकारों के समर्थन में जोरदार नारे भी लगाए। कार्यक्रम शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक तरीके से संपन्न हुआ, जिसके लिए पूर्व में प्रशासन से सुरक्षा व्यवस्था उपलब्ध कराने की मांग भी की गई थी।
कार्यक्रम में आदिवासी समाज के विभिन्न वर्गों के प्रतिनिधियों के साथ-साथ कांग्रेस पदाधिकारी, युवा कार्यकर्ता, महिला कांग्रेस की सदस्यों सहित बड़ी संख्या में सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे। सभी ने एक स्वर में आदिवासी समाज की पहचान और सम्मान की रक्षा के लिए एकजुट होकर संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया।
जिला आदिवासी कांग्रेस कमेटी सक्ती ने कहा कि आदिवासी समाज के सम्मान और अधिकारों से जुड़े किसी भी विषय पर संगठन हमेशा समाज के साथ खड़ा रहेगा और आवश्यक होने पर भविष्य में भी लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज बुलंद करता रहेगा।
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित जनसमूह ने आदिवासी समाज की एकता, स्वाभिमान और संवैधानिक अधिकारों की रक्षा हेतु संगठित रहने का संकल्प लिया तथा समाज के हितों से जुड़े मुद्दों पर लगातार जागरूकता अभियान चलाने की बात कही।






