*केन्द्र व राज्य सरकारें मिलकर मंहगाई व ईंधन संकट से राहत दिलाने ठोस उपाय करे- कामरेड अनिल शर्मा*

जिला रिपोर्टर उदय मधुकर
सक्ती जनता के असल मुद्दों से भटक चुके दोनों राजनीतिक दलों के खेल से सावधान रहें। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी जिला परिषद सक्ती के जिला सचिव कामरेड अनिल शर्मा ने बयान जारी कर दोनों दलों के थोथे वादों का कड़ा विरोध प्रकट किया है। भा.क.पा. के जिला सचिव कामरेड अनिल शर्मा ने चिंता व रोष के साथ कहा है कि आज देश व्यापक आर्थिक और सामाजिक संकट के दौर से गुजर रहा है। रुपए का दिन प्रतिदिन अवमूल्यन हो रहा है । महंगाई आम नागरिकों की कमर तोड़ रही है और बेरोजगारी युवाओं के भविष्य को अंधकार में धकेल रही है। ईंधन संकट और आवश्यक वस्तुओं की बढ़ती किल्लत ने लोगों के जीवन जीने की लागत को बढ़ा दी है साथ ही शिक्षा का स्तर गिरना और कई वर्षों से लगातार पेपर लीक की घटनाएँ हमारे शैक्षणिक ढांचे की विश्वसनीयता पर गंभीर प्रश्न खड़ी करती है। देश के खनिज संसाधनों की तस्करी और लूट स्थानीय लोगों के अधिकारों व आजीविका पर सीधे प्रहार हैं। इन सब चुनौतियों के बीच समाज में बढ़ते धार्मिक व सामाजिक तनाव ने साम्प्रदायिक दूरी और भय का वातावरण बनाया दिया है। हमें खेद है कि इस संवेदनशील समय में कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी, जो देश की प्रमुख राजनीतिक शक्तियाँ हैं जनहित के इन वास्तविक मुद्दों पर सार्थक चर्चा करने के स्थान पर ‘पुतला-पुतला’ की राजनीति में मगन नजर आ रहीं हैं दोनों पार्टियाँ आपस में एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगाकर जनता का ध्यान वास्तविक समस्याओं से भटका रहीं हैं । यह खेल लोकतंत्र और देश के भविष्य के प्रति घोर असंवेदनशीलता का परिचायक है। कामरेड शर्मा ने कहा कि जनता रोज़गार, महंगाई, ईधन शिक्षा और संसाधनों के न्यायपूर्ण उपयोग जैसी समस्याओं से घिरी होने के साथ हताश व परेशान है जिनके समाधान हेतु कोई चर्चा नहीं किया जा रहा है। इस स्थिति में
हमारी माँग है कि केंद्र व राज्य सरकारें मिलकर जनता को महंगाई व ईंधन संकट से राहत देने के लिए ठोस उपाय तत्काल लागू करें आवश्यक वस्तुओं की कीमतों पर नियंत्रण और समर्थन-नीतियाँ पीडीएस/सब्सिडी सुनिश्चित करें ।बेरोजगारी घटाने के लिए सार्वजनिक और स्थानीय स्तर पर रोजगार उन्मुख योजनाएँ ग्रामीण विकास और सार्वजनिक निवेश बढ़ाया जाए। पेपर लीक की घटनाओं की स्वतंत्र न्यायिक जांच हो शिक्षा व्यवस्था पर वैज्ञानिक और समावेशी नीतियाँ लागू की जाएँ खनिजों पर पारदर्शी और जनता हितैषी नीतियाँ लागू हों। आदिवासी व स्थानीय समुदायों के अधिकारों की रक्षा के लिए त्वरित क़दम उठाए जाएँ। सामाजिक शांति- धार्मिक व सामाजिक तनाव को भड़काने वाले तत्वों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई और सामुदायिक सद्भाव बनाए रखने के लिए तत्काल कार्यक्रम शुरू किए जाएँ।
राजनीति की नैतिकता है कि प्रमुख पार्टियाँ व्यक्तिगत आरोप-प्रत्यारोप की राजनीति छोड़कर देश के जनता के वास्तविक सवालों पर कार्य करें यदि वे सक्षम नहीं हैं तो लोकहित की राजनीति करने वाले दल और मंच सक्रिय होंगी
न्याय और जवाबदेही की मांग
भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी मांग करती है कि सरकारी नीतियों सार्वजनिक परियोजनाओं और संसाधन आवंटन में पारदर्शिता सुनिश्चित करने हेतु स्वतंत्र स्थानीय जनहित समितियों की स्थापना की जाए भ्रष्टाचार-संबंधित मामलों की त्वरित प्राथमिकी और इंसाफ हो
हम जनता से अपील करते हैं कि वे इन मुद्दों पर जागरूक रहें और अपनी समस्याओं का एक मापदंड तय कर स्थानीय जन प्रतिनिधियों से सवाल करें जवाब मांगें लोकतांत्रिक तरीकों से शांतिपूर्ण आंदोलन जन सभाएँ और प्रतिनिधिमंडल तैयार कर अपनी आवाज़ को मजबूती से उठाएँ। भारतीय कम्युनिट पार्टी देश और क्षेत्र के मौलिक हितों की रक्षा व सामाजिक न्याय सुनिश्चित कराने के लिए प्रतिबद्ध है हम सभी प्रगतिशील शक्तियों, नागरिक संगठनों और मेहनतकश जनता से आग्रह करते हैं कि वे एकजुट हों और सत्ता के सुस्त, तर्कविहीन और सांप्रदायिक खेल के विरुद्ध आवाज़ उठाएं ।






