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“ऑन-स्क्रीन मार्किंग सिस्टम ने छात्रों की रचनात्मकता और मेहनत दोनों को प्रभावित किया” — डॉ. संजय गुप्ता, प्राचार्य, इंडस पब्लिक स्कूल दीपका

सीबीएसई 12वीं बोर्ड परीक्षा परिणामों में इस वर्ष विज्ञान संकाय के विद्यार्थियों के अंकों में आई गिरावट ने शिक्षा जगत को गंभीर चिंतन के लिए मजबूर कर दिया है। विशेष रूप से फिजिक्स, केमिस्ट्री और मैथ्स जैसे विषयों में अपेक्षाकृत कम अंक आने के कारण अनेक मेधावी छात्र 75 प्रतिशत के आवश्यक मापदंड को पूरा नहीं कर सके, जिससे उनके IIT, NIT तथा अन्य प्रतिष्ठित संस्थानों में प्रवेश के सपनों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है।
इसी विषय पर इंडस पब्लिक स्कूल दीपका के प्राचार्य डॉ. संजय गुप्ता ने अपने विस्तृत विचार व्यक्त करते हुए कहा कि वर्तमान “ऑन-स्क्रीन मार्किंग सिस्टम” (OSM) विद्यार्थियों की वास्तविक समझ और अभिव्यक्ति क्षमता का समुचित मूल्यांकन करने में पूरी तरह सफल नहीं दिखाई दे रहा है। उन्होंने कहा कि बोर्ड परीक्षाओं का उद्देश्य केवल अंक देना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों की अवधारणात्मक समझ, तार्किक क्षमता और विश्लेषणात्मक सोच का मूल्यांकन करना होना चाहिए।

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डॉ. गुप्ता ने कहा कि विज्ञान विषयों में विद्यार्थी केवल अंतिम उत्तर तक पहुँचने के लिए नहीं पढ़ते, बल्कि वे प्रत्येक स्टेप को समझते हुए समाधान विकसित करते हैं। लेकिन वर्तमान डिजिटल मूल्यांकन प्रणाली में कई बार केवल निर्धारित “स्टेप मार्किंग” को प्राथमिकता दी जाती है। यदि विद्यार्थी का उत्तर सही हो, परंतु उसने निर्धारित प्रारूप में स्टेप प्रस्तुत न किए हों, तो उसके अंक काट लिए जाते हैं। इससे उन छात्रों को सबसे अधिक नुकसान होता है जिनकी अवधारणाएँ मजबूत होती हैं, लेकिन उनकी प्रस्तुति शैली अलग होती है।

उन्होंने कहा कि पहले पारंपरिक मूल्यांकन प्रणाली में शिक्षक उत्तर पुस्तिका को समग्र रूप से देखते थे। यदि विद्यार्थी की सोच सही दिशा में होती थी, तो उसे आंशिक अंक देकर प्रोत्साहित किया जाता था। लेकिन ऑन-स्क्रीन मार्किंग में मूल्यांकन अधिक यांत्रिक और सीमित हो गया है। परीक्षक के पास समय कम होता है तथा डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उत्तरों का मूल्यांकन करते समय मानवीय संवेदनशीलता और लचीलापन कम दिखाई देता है।
डॉ. संजय गुप्ता ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि इसका सबसे बड़ा प्रभाव उन विद्यार्थियों पर पड़ा है जो पूरे वर्ष कठिन परिश्रम कर इंजीनियरिंग और तकनीकी संस्थानों में प्रवेश का सपना देखते हैं। जेईई मेन में अच्छा स्कोर प्राप्त करने वाले कई छात्र केवल बोर्ड परीक्षा में 75 प्रतिशत अंक नहीं ला पाने के कारण पात्रता से बाहर हो गए। यह स्थिति मानसिक रूप से विद्यार्थियों को हतोत्साहित करने वाली है।

उन्होंने आगे कहा कि आज की शिक्षा व्यवस्था में विद्यार्थियों पर पहले से ही अत्यधिक प्रतिस्पर्धा का दबाव है। ऐसे में यदि मूल्यांकन प्रणाली उनकी मेहनत और ज्ञान के साथ न्याय नहीं करती, तो यह चिंता का विषय बन जाता है। बोर्ड को चाहिए कि वह मूल्यांकन प्रक्रिया को अधिक संतुलित, मानवीय और छात्रहितैषी बनाए।

डॉ. गुप्ता ने सुझाव दिया कि विज्ञान विषयों के मूल्यांकन में केवल तयशुदा स्टेप्स के बजाय अवधारणा आधारित मूल्यांकन को महत्व दिया जाना चाहिए। यदि विद्यार्थी की सोच सही है और अंतिम उत्तर तार्किक रूप से उचित है, तो उसे पर्याप्त अंक मिलना चाहिए। साथ ही परीक्षकों को भी इस प्रकार प्रशिक्षित किया जाना चाहिए कि वे विद्यार्थियों की उत्तर लेखन शैली में विविधता को स्वीकार कर सकें।

उन्होंने कहा कि शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य विद्यार्थियों में ज्ञान, नवाचार और आत्मविश्वास विकसित करना है, न कि केवल उन्हें तकनीकी नियमों में बाँध देना। यदि मूल्यांकन प्रणाली विद्यार्थियों की रचनात्मकता और विश्लेषण क्षमता को कम आंकने लगेगी, तो इसका दीर्घकालिक प्रभाव देश की प्रतिभाओं पर पड़ेगा।

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अंत में डॉ. संजय गुप्ता ने विद्यार्थियों और अभिभावकों को संदेश देते हुए कहा कि किसी एक परीक्षा या प्रतिशत से जीवन की संभावनाएँ समाप्त नहीं होतीं। निरंतर मेहनत, आत्मविश्वास और सकारात्मक सोच ही सफलता का वास्तविक आधार हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से निराश न होने और अपने लक्ष्य की ओर निरंतर प्रयासरत रहने का आह्वान किया।

Preeti Singh

Priti Singh is a senior journalist at INN24 News with extensive experience covering crime, governance, public policy, and regional affairs in Chhattisgarh Her reporting focuses on factual accuracy, administrative accountability, and issues of public interest. Areas of Expertise • India and Chhattisgarh politics and governance • State and regional affairs (Chhattisgarh) • Public administration • Investigative reporting Editorial Responsibility Priti Singh follows strict fact-checking and editorial standards and adheres to INN24 News’ Editorial Policy. 📧 Contact: manni200390@gmail.com Profile Last Updated: 20 January 2026