जागेश्वर सिंह राज के द्वारा देवरमाल में तेंदूपत्ता खरीदी प्रारंभ, संग्राहकों को मिलेगा सीधा लाभ
जिला रिपोर्टर शक्ति उदय मधुकर

सक्ती । प्रदेश में “हरा सोना” कहे जाने वाले तेंदूपत्ता खरीदी सीजन की शुरुआत हो चुकी है। इसी क्रम में जिला वनोपज जांजगीर-चांपा शक्ति सहकारी समिति शक्ति अंतर्गत देवरमाल केंद्र में तेंदूपत्ता खरीदी कार्य का शुभारंभ जिला अध्यक्ष लघु वनोपज संघ जांजगीर-चांपा जागेश्वर सिंह राज के मुख्य आतिथ्य में किया गया। खरीदी प्रारंभ होने से क्षेत्र के हजारों तेंदूपत्ता संग्राहकों में उत्साह का माहौल है।
इस अवसर पर जिला अध्यक्ष जागेश्वर सिंह राज ने कहा कि शासन की मंशानुसार इस वर्ष तेंदूपत्ता की खरीदी 5500 रुपये प्रति मानक बोरा की दर से की जाएगी, जिससे ग्रामीण एवं वनांचल क्षेत्रों में रहने वाले संग्राहकों को आर्थिक मजबूती मिलेगी। उन्होंने बताया कि तेंदूपत्ता संग्रहण केवल रोजगार का साधन नहीं, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। इससे जुड़े परिवारों को शासन की विभिन्न योजनाओं का लाभ भी मिलेगा।
उन्होंने कहा कि तेंदूपत्ता तोड़ने वाले संग्राहकों के बच्चों को शिक्षा वृत्ति, परिवार को बीमा योजना, तथा अन्य कल्याणकारी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी। शासन द्वारा संग्राहकों के हित में लगातार योजनाएं संचालित की जा रही हैं ताकि वनांचल क्षेत्रों के लोगों का जीवन स्तर बेहतर हो सके।
जागेश्वर सिंह राज ने बताया कि जांजगीर-चांपा जिले में कुल सात समितियां संचालित हैं और शक्ति समिति हमेशा से जिले में प्रथम स्थान पर रही है। इस वर्ष भी यहां की तेंदूपत्ता गुणवत्ता युक्त मानी जा रही है तथा हर स्तर पर बेहतर पत्तों की खरीदी की जा रही है। उन्होंने संग्राहकों से अपील करते हुए कहा कि वे उच्च गुणवत्ता वाले पत्तों का संग्रह करें ताकि उन्हें बोनस सहित अन्य प्रोत्साहन राशि का लाभ मिल सके।
उन्होंने यह भी जानकारी दी कि तेंदूपत्ता संग्रहण की राशि सीधे संग्राहकों के बैंक खातों में हस्तांतरित की जाएगी, जिससे पारदर्शिता बनी रहे और मजदूरों को समय पर भुगतान मिल सके। शासन की यह व्यवस्था ग्रामीणों के लिए काफी लाभकारी साबित हो रही है। देवरमाल खरीदी केंद्र में आयोजित शुभारंभ कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में संग्राहक, ग्रामीणजन एवं समिति से जुड़े पदाधिकारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने शासन की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि तेंदूपत्ता खरीदी से गांवों में रोजगार के अवसर बढ़ते हैं और आर्थिक गतिविधियों को गति मिलती है।
प्रदेश में तेंदूपत्ता खरीदी प्रारंभ होने के साथ ही वनांचल क्षेत्रों में रौनक लौट आई है। ग्रामीण परिवार सुबह से जंगलों में जाकर पत्तों का संग्रह कर रहे हैं और शासन की योजनाओं से लाभान्वित हो रहे हैं। जिला अध्यक्ष जागेश्वर सिंह राज ने भरोसा दिलाया कि संग्राहकों के हितों की रक्षा एवं बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए हर संभव प्रयास किए जाएंगे।






