कोरबा कुसमुंडा मार्ग में फिर हुआ हादसा, तेज रफ्तार बाइक सवार कॉन्क्रीट के बेरीकेट से टकराया,गंभीर हालत में SECL के एम्बुलेंस ने जिला अपस्ताल पहुंचाया…
सतपाल सिंह के साथ ओम गवेल की खबर
कोरबा कुसमुंडा मार्ग में फिर हुआ हादसा, तेज रफ्तार बाइक सवार कॉन्क्रीट के बेरीकेट से टकराया,गंभीर हालत में SECL के एम्बुलेंस ने जिला अपस्ताल पहुंचाया…डॉक्टर ने मदद करने पहुंचे एंबुलेंस के चालक को घायल के परिजन आने तक रुकने को कहा….इधर पेट्रोल नहीं मिलने से परिजन रास्ते में फंसे…
कोरबा – जिले के कोरबा कुसमुंडा मार्ग में अंतर्गत शिवमन्दिर चौक के पास आज शनिवार की रात तकरीबन 10.30 बजे सड़क किनारे रखे कॉन्क्रीट बेरीकेट से बाइक चालक की जोरदार टक्कर हो गई। कॉन्क्रीट से टकराकर बाइक चालक के सिर और पैर गंभीर चोट लगी। वह सड़क पर ही बेसुध हो कर पड़ा रहा। राह से गुजर रहे कुचेना निवासी नीरज बंजारे ने यह देख विकास नगर SECL अस्पताल के विभागीय एंबुलेंस से संपर्क किया। चालक दीपक एंबुलेश को लेकर तुरंत मौके पर पहुंचा और घायल को लेकर जिला अस्पताल रवाना हुआ, इस दौरान एम्बुलेंस में अकेले चालक होने की वजह से घायल की मदद के लिए शिवमन्दिर चौक में संजना डेयरी और भोजनालय के संचालक संतोष बरेठ भी एम्बुलेंस पर सवार हो गए। घायल की पहचान चांपा जांजगीर जिले के बलौदा क्षेत्र अंतर्गत जावलपुर निवासी 27 वर्षीय विष्णु प्रसाद केवट पिता खोलबहारा के रूप में हुई। जो कि अपने परिवार के साथ बांकी मोंगरा क्षेत्र एक शादी में आया हुआ था। वह बांकी मोंगरा से कुसमुंडा की ओर अपनी बाइक (CG 11 BN 9485 ) से किसी काम से आया हुआ था, इस दौरान कोरबा कुसमुंडा मार्ग में पसरे अंधेरे की वजह से वह सड़क पर रखे कॉन्क्रीट के बेरीकेट को देख नहीं पाया और वाहन सहित टकरा गया। टक्कर इतनी जोरदार थी कि उसका पैर टूट गया और सिर पर गंभीर चोट लग गई। वहीं घायल को लेकर एम्बुलेश जिला अपस्ताल पहुंची। खून से लथपथ घायल को लेकर पहुंचे एंबुलेंस चालक और व्यवसायी संतोष बरेठ से मौके पर मौजूद डॉक्टर ने घायल को अस्पताल में भर्ती करने से पहले पर्ची बनवाने को बोला ,पर्ची भरने तक घायल वैसे ही पड़ा रहा। जैसे तैसे पर्ची भरी गई, औपचारिकता के बाद घायल को एडमिट किया गया। इधर मौके पर मौजूद विजय नामक डॉक्टर ने एंबुलेंस चालक को घायल के परिजन आने तक अस्पताल पर रुकने को कहा, एंबुलेंस चालक ने डॉक्टर को बताया कि वह SECL की विभागीय अस्पताल का एंबुलेश है, वह वाहन को ऐसे नहीं रख सकता। हर बार वह मरीज उतरता है और वापस आ जाता है। क्योंकि अगर SECL कॉलोनी में किसी भी कर्मचारी के अचानक तबियत खराब होने अथवा खदान से एक सड़क तक कोई भी हादसा होने पर उसे तत्काल एंबुलेश लेकर उपस्थित होना होता है। आप मेरा मोबाइल नंबर नाम लिख लीजिये। डॉक्टर मानने को तैयार नहीं हुआ , वह घायल के परिजन आने तक एंबुलेंस चालक को अस्पताल में रुकने को कहने लगा इस बीच पत्रकारों के हस्तक्षेप के बाद डॉक्टर विजय ने एंबुलेंस को छोड़ा। यहां मीडिया को जानकारी देते हुए एंबुलेश चालक और व्यवसायी ने बताया कि जिस तरह से यहां डॉक्टर हमसे व्यवहार कर रहे थे, हमे लगा हम यहां क्यों आ गए,एक बार उनके व्यवहार से ऐसा लगा मानो हम ही इस हादसे के जिम्मेदार है। डॉक्टर के ऐसे व्यवहार से कोई घायलों की मदद कैसे करेगा। इस तरह के व्यवहार से तो मदद करना मुश्किल है। इधर घायल के मोबाइल के माध्यम से घायल के परिजनों से संपर्क किया गया उन्हें पूरी जानकारी दी गई, वे बांकी मोंगरा से बाइक से कोरबा जिला अस्पताल आने निकले, लेकिन कुसमुंडा के पास उनका पेट्रोल खत्म हो गया। खबर लिखे जाने तक पेट्रोल पंप में पेट्रोल नहीं मिलने की वजह से वे भी अस्पताल नहीं पहुंच पाए थे।
कोरबा कुसमुंडा मार्ग पर जिम्मेदारों की अनदेखी से पसरा अंधेरा दुर्घटनाओं की लगातार वजह बन रहा है, बीते माह कांग्रेस द्वारा इमली छापर चौक पर चक्काजाम आंदोलन कर सड़क निर्माण शुरू करने के साथ साथ कोरबा कुसमुंडा मार्ग कर स्ट्रीट लाइट लगाने की बात कही गई थी। माह भर बीत जाने के बाद भी इस ओर ध्यान नहीं दिया गया। अंधेरे की वजह से आए दिन यहां हादसे हो रहे है। इतनी बड़ी अनदेखी, यह समझ से परे है। वहीं जिला अस्पताल की चरमराई अव्यवस्था स्वयं इलाज मांग रही है। एक ओर जहां सड़क पर घायल पड़े मरीजों को अस्पताल पहुंचाने पर सरकार इनाम देने की बात कहती है वहीं दूसरी ओर अस्पताल में बैठे डॉक्टर उनसे दोषियों जैसा व्यवहार का रहे हैं। कोरबा से सतपाल सिंह के साथ ओम गवेल की खबर।






