Chhattisgarh News : वन भूमि पर कब्जे के खिलाफ सख्ती, 52 लोग पुलिस के हत्थे चढ़े

महासमुंद : वनमंत्री केदार कश्यप की मंशानुसार वन क्षेत्रों में अतिक्रमण के विरुद्ध संचालित अभियान के अंतर्गत 20 अप्रैल को वनमंडल महासमुंद के बागबहरा परिक्षेत्र अंतर्गत आमाकोनी सर्किल, तमोरा बीट के कक्ष क्रमांक 95 एवं 96 (आरक्षित वन) में अवैध अतिक्रमण के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की गई। जांच के दौरान पाया गया कि ग्राम तमोरा के कुछ व्यक्तियों द्वारा लगभग 94 हेक्टेयर आरक्षित वनभूमि पर अवैध अतिक्रमण करते हुए हरे-भरे एवं मूल्यवान वृक्षों की अवैध कटाई की गई तथा कृषि प्रयोजन हेतु भूमि पर अनधिकृत कब्जा स्थापित करने के उद्देश्य से व्यापक खुदाई/जुताई की गई थी। साथ ही, वनभूमि की सीमा निर्धारण हेतु स्थापित सीमेंट-कांक्रीट निर्मित मुनारों (सीमा चिन्हों) को तोड़ा/क्षतिग्रस्त किया गया।
CG News : अंतरराज्यीय उठाईगिरी गैंग पर पुलिस का बड़ा एक्शन, वारदात से पहले ही एक शातिर गिरफ्तार
इन अवैध गतिविधियों के परिणामस्वरूप मूल्यवान वृक्ष प्रजातियों एवं औषधीय जड़ी-बूटियों को भारी क्षति पहुँची है, जो कि पूर्णतः विधि-विरुद्ध एवं दंडनीय अपराध है। उक्त प्रकरण में संबंधित अतिक्रमणकारियों के विरुद्ध भारतीय वन अधिनियम, 1927 की धारा 26(1)(च), 26(1)(ज) तथा लोक संपत्ति क्षति निवारण अधिनियम, 1984 की धारा 3(1) के अंतर्गत प्रकरण पंजीबद्ध कर विधिसम्मत कार्यवाही की गई। कुल 52 आरोपियों जिसमें 12 महिला एवं 40 पुरुष को गिरफ्तार कर जिला न्यायालय महासमुंद में प्रस्तुत किया गया, जहां से सभी आरोपियों को जेल भेजा गया।
शादी की खुशियां मातम में बदली: पेड़ से टकराई बारात की पिकअप, एक की मौत, दो गंभीर घायल
मुख्य वन संरक्षक एवं वनमंडलाधिकारी मयंक पांडेय ने कहा है कि वन भूमि पर किसी भी प्रकार का अतिक्रमण अथवा अवैध गतिविधि किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी तथा दोषियों के विरुद्ध कठोरतम वैधानिक कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी। उल्लेखनीय है कि उक्त आरोपी आदतन अपराधी हैं, जिनके विरुद्ध पूर्व में भी कार्यवाही की जा चुकी है, किंतु उनके व्यवहार में सुधार नहीं हुआ। ये मूलतः ओडिशा के निवासी हैं, जो विगत कुछ वर्षों से ग्राम तमोरा में निवासरत हैं। स्थानीय ग्रामीणों द्वारा भी इनका विरोध किया जाता रहा है, किंतु इनके आक्रामक एवं आपराधिक व्यवहार के कारण क्षेत्र में भय का वातावरण बना हुआ था। आरोपियों द्वारा कई बार वन विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के साथ अभद्र व्यवहार, अश्लील गाली-गलौज एवं धमकी भी दी गई है।






