*प्रगतिशील छ.ग. सतनामी समाज जैजैपुर ईकाई सांस्कृतिक भ्रमण के तहत उड़ीसा दौरे पर…*

जिला रिपोर्टर शक्ति उदय मधुकर
सक्ती जिले में प्रगतिशील छत्तीसगढ़ सतनामी समाज सक्ती के जैजैपुर ब्लाक ईकाई इन दिनों सांस्कृतिक भ्रमण के तहत उड़ीसा राज्य के दौरे पर हैं। 11 अप्रैल से शुरू हुई यह सांस्कृतिक भ्रमण 15 अप्रैल तक चलेगी। पांच दिवसीय इस सामाजिक व सांस्कृतिक भ्रमण के दौरान प्रगतिशील छत्तीसगढ़ सतनामी समाज जैजैपुर ब्लाक ईकाई उड़ीसा राज्य में विश्व प्रसिद्ध जगन्नाथ पुरी मंदिर, ऐतिहासिक कोणार्क सूर्य मंदिर, चंद्रभागा, सम्बलपुर स्थित हीराकुंड बांध सहित उड़ीसा राज्य के विभिन्न सामाजिक, सांस्कृतिक व धार्मिक महत्व के जगहों का दर्शन कर उसके बारे में जानेंगे। इस संबंध में प्रगतिशील छत्तीसगढ़ सतनामी समाज के पूर्व जिलाध्यक्ष छोटलाल भारद्वाज ने बताया कि इस दौरे से हमें भारत के सांस्कृतिक धरोहरों के बारे में जानने व समझने को मिलेगा। जैजैपुर ब्लाक अध्यक्ष खेमराज खटर्जी ने बताया कि भारत वर्ष की समृद्ध सामाजिक व सांस्कृतिक धरोहर बेहद समृद्ध है। इसे जानने व समझने की कोशिश के तहत यह सामाजिक दौरा है।
पूर्व जिला उपाध्यक्ष श्रीमती कुसुमलता अजगल्ले ने कहा भारत विविधताओं का देश है। इस तरह के इसके समृद्ध धरोहरों को जानना व समझना रोमांचकारी है। जनपद अध्यक्ष श्रीमती पुष्पा -परदेशी खुंटे ने कहा इस तरह के सामाजिक -सांस्कृतिक भ्रमण से देश दुनिया के बारे में जानने व समझने का अवसर मिलता है। इस दौरे में प्रगतिशील छत्तीसगढ़ सतनामी समाज के पूर्व जिलाध्यक्ष छोटलाल भारद्वाज, जैजैपुर ब्लाक अध्यक्ष खेमराज खटर्जी, जनपद अध्यक्ष श्रीमती पुष्पा -परदेशी खुंटे, संरक्षक व अधिवक्ता सेतराम कुर्रे, पूर्व जिला प्रवक्ता उदय मधुकर, पूर्व जिला मीडिया प्रभारी योम प्रकाश लहरे, चेतन बंजारे, रहसलाल दिब्य, श्रीमती शुकवारा-गंगाराम भारद्वाज, सुशांती सहित जैजैपुर प्रगतिशील छत्तीसगढ़ सतनामी समाज के प्रबुद्धजन बड़ी संख्या में अपने परिजनों के साथ पहुंचे हुए हैं। उड़ीसा स्थित जगन्नाथ पुरी धाम और उनसे जुड़े धार्मिक स्थलों का दर्शन किया। उड़ीसा पहुंचने पर सभी ने 12 अप्रैल को जहां पुरी स्थित समुद्र किनारे गिरती-उठती लहरों के बीच प्राकृतिक दृश्यों को निहारने के साथ इसके आध्यात्मिक और सांस्कृतिक महत्व को जाना व समझा। वहीं अगले दिन 13 अप्रैल को सभी पुरी स्थित विश्व प्रसिद्ध जगन्नाथ पुरी मंदिर का दर्शन किया और उसके धार्मिक व सांस्कृतिक महत्व को जाना समझा।





