ढपढप में उमड़ा आस्था का सागर: 21 हजार महिलाओं की भव्य कलश यात्रा से गूंज उठा पूरा क्षेत्र
सतपाल सिंह
ढपढप में उमड़ा आस्था का सागर: 21 हजार महिलाओं की भव्य कलश यात्रा से गूंज उठा पूरा क्षेत्र
दिव्य श्री हनुमंत कथा के शुभारंभ पर पीले वस्त्रों में सजी श्रद्धालु महिलाओं ने रचा भक्ति, अनुशासन और संस्कृति का अद्भुत संगम..
कोरबा/ढपढप। कोरबा जिले के बांकी मोगरा क्षेत्र अंतर्गत ग्राम ढपढप में आज शुक्रवार का दिन आस्था, भक्ति और आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर नजर आया, जब दिव्य श्री हनुमंत कथा के शुभारंभ के उपलक्ष्य में करीब 21 हजार महिलाओं ने एक साथ भव्य कलश यात्रा निकालकर पूरे क्षेत्र को भक्तिमय वातावरण में बदल दिया। यह दृश्य इतना अलौकिक और मनोहारी था कि जहां तक नजर गई, वहां सिर्फ श्रद्धा, भक्ति और सनातन संस्कृति की झलक दिखाई दी।
पीले वस्त्रों में सुसज्जित महिलाओं ने सिर पर पवित्र कलश धारण कर जैसे ही यात्रा प्रारंभ की, पूरा ढपढप क्षेत्र “जय श्री राम”, “बोलो पवनपुत्र हनुमान की जय” और “जय बजरंगबली” के गगनभेदी जयकारों से गूंज उठा। श्रद्धा और अनुशासन के साथ आगे बढ़ती इस विराट यात्रा ने हर किसी के मन में भक्ति का संचार कर दिया। ऐसा प्रतीत हो रहा था मानो पूरा क्षेत्र किसी दिव्य आध्यात्मिक महोत्सव का साक्षी बन गया हो।
कलश यात्रा केवल एक धार्मिक परंपरा भर नहीं रही, बल्कि यह आस्था, नारी शक्ति, सामाजिक समरसता और सनातन संस्कृति के गौरव का भी भव्य प्रतीक बनकर उभरी। हजारों महिलाओं की एक साथ उपस्थिति ने यह संदेश दिया कि जब समाज की मातृशक्ति धर्म और संस्कृति के संरक्षण के लिए एकजुट होती है, तब पूरा वातावरण दिव्यता से भर उठता है।
इस ऐतिहासिक यात्रा में दूर-दराज के गांवों और क्षेत्रों से पहुंचे श्रद्धालुओं के साथ-साथ स्थानीय लोगों ने भी बढ़-चढ़कर भागीदारी निभाई। यात्रा मार्ग पर जगह-जगह श्रद्धालुओं द्वारा स्वागत, पुष्पवर्षा और सेवा की झलक देखने को मिली, जिससे आयोजन की भव्यता और भी बढ़ गई। हर चेहरा उत्साह, श्रद्धा और आनंद से दमकता नजर आया।
आयोजन के दौरान सुरक्षा, यातायात और व्यवस्थाओं का भी विशेष ध्यान रखा गया, जिससे इतनी विशाल संख्या में श्रद्धालुओं की उपस्थिति के बावजूद कार्यक्रम पूरी तरह शांतिपूर्ण, व्यवस्थित और सफल रहा। आयोजन समिति, स्थानीय प्रशासन और स्वयंसेवकों की सजगता ने इस भव्य आयोजन को और भी अनुकरणीय बना दिया।
दिव्य श्री हनुमंत कथा के शुभारंभ से पहले निकली यह कलश यात्रा न केवल धार्मिक दृष्टि से ऐतिहासिक रही, बल्कि इसने यह भी साबित कर दिया कि कोरबा की धरती पर सनातन संस्कृति की जड़ें कितनी गहरी और मजबूत हैं। ढपढप क्षेत्र में उमड़ी यह आस्था आने वाले दिनों में होने वाली कथा को लेकर लोगों के उत्साह और श्रद्धा का जीवंत प्रमाण बन गई है।
संक्षेप में खास बातें
ढपढप क्षेत्र में दिव्य श्री हनुमंत कथा का शुभारंभ
करीब 21 हजार महिलाओं ने निकाली भव्य कलश यात्रा
पीले वस्त्रों में सजी महिलाओं ने प्रस्तुत किया भक्ति का अनुपम दृश्य
जय श्री राम और हनुमान जी के जयकारों से गूंजा पूरा क्षेत्र
आयोजन में दिखी आस्था, अनुशासन, नारी शक्ति और सामाजिक एकता





