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New Rules From 1st April: 1 अप्रैल से बदलेगा कोषालय सिस्टम, पूरी तरह डिजिटल व्यवस्था से भ्रष्टाचार पर लगेगी लगाम

New Rules From 1st April: राज्य में वित्तीय प्रबंधन को आधुनिक और पारदर्शी बनाने की दिशा में बड़ा प्रशासनिक बदलाव होने जा रहा है। कोष एवं लेखा संचालनालय के निर्देशानुसार, 1 अप्रैल 2026 से भौतिक बीटीआर (बीटीआर) व्यवस्था को पूरी तरह समाप्त कर दिया जाएगा। इसके स्थान पर अब ई-कोष के साइबर ट्रेजरी के माध्यम से ऑनलाइन बीटीआर नंबर जनरेट कर आहरण एवं वितरण अधिकारियों (डीडीओ) को आवंटित किए जाएंगे। दरअसल, 1 जुलाई 2024 से लागू ई-वाउचर प्रणाली के बाद से ही कोषालयों में अधिकांश देयकों का प्रस्तुतिकरण ऑनलाइन हो चुका है। अब बीटीआर जैसी अहम प्रक्रिया को भी डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लाकर शासन ने वित्तीय लेनदेन को पूरी तरह पेपरलेस बनाने की दिशा में निर्णायक कदम उठाया है।

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डुप्लीकेट से बचने भौतिक बीटीआर के आधार पर नए नंबर

नई व्यवस्था के तहत, कोषालय या डीडीओ के पास उपलब्ध भौतिक बीटीआर खत्म होने के बाद संबंधित डीडीओ को ई-बीटीआर के लिए आवेदन देना होगा। आवेदन के आधार पर कोषालय अधिकारी साइबर ट्रेजरी के निर्धारित ऑप्शन के माध्यम से ई-बीटीआर क्रमांक जनरेट कर सीधे डीडीओ को उपलब्ध कराएंगे। खास बात यह है कि इस प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की नकद राशि या चालान जमा करने की आवश्यकता नहीं होगी। देयक तैयार करते समय पूर्व व्यवस्था की तरह ही ई-पेरोल या ई-बिल सॉफ्टवेयर में ई-बीटीआर नंबर दर्ज किया जाएगा। साथ ही, वर्तमान में जारी भौतिक बीटीआर की श्रृंखला को ध्यान में रखते हुए ही नए नंबर दिए जाएंगे, ताकि डुप्लीकेट बीटीआर की समस्या पूरी तरह खत्म हो सके।

डिजिटल गवर्नेंस की ओर बड़ा कदम

ई-वाउचर के बाद अब ई-बीटीआर व्यवस्था लागू करना इस बात का संकेत है कि शासन वित्तीय प्रणाली को पूरी तरह डिजिटल, पारदर्शी और जवाबदेह बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।

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प्रशासनिक बदलाव से क्या बदलेगा?

  • पूरी तरह पेपरलेस प्रक्रियाबीटीआर जारी करने की प्रक्रिया अब पूरी तरह डिजिटल होगी, जिससे फाइलों और कागजी औपचारिकताओं का बोझ कम होगा।
  • जवाबदेही और निगरानी मजबूत, हर बीटीआर का डिजिटल ट्रैक उपलब्ध रहेगा, जिससे ऑडिट और मॉनिटरिंग आसान होगी।
  • डीडीओ को राहत ऑफिस के चक्कर, लंबी प्रक्रिया और देरी से मुक्ति मिलेगी आवेदन से लेकर आवंटन तक प्रक्रिया तेज होगी।
  • भ्रष्टाचार पर अंकुश और चालान की व्यवस्था खत्म होने से अनियमितताओं की संभावना घटेगी।
  • डुप्लीकेट नंबर पर पूर्ण विराम, साइबर ट्रेजरी से क्रमवार नंबर जारी होने से दोहराव की समस्या स्वतः समाप्त हो जाएगी।

Preeti Singh

Priti Singh is a senior journalist at INN24 News with extensive experience covering crime, governance, public policy, and regional affairs in Chhattisgarh Her reporting focuses on factual accuracy, administrative accountability, and issues of public interest. Areas of Expertise • India and Chhattisgarh politics and governance • State and regional affairs (Chhattisgarh) • Public administration • Investigative reporting Editorial Responsibility Priti Singh follows strict fact-checking and editorial standards and adheres to INN24 News’ Editorial Policy. 📧 Contact: manni200390@gmail.com Profile Last Updated: 20 January 2026