शासकीय इं वि. स्नातकोत्तर महाविद्यालय कोरबा में पाँच दिवसीय ‘विद्यार्थी शोधशाला’ का भव्य शुभारंभ
सतपाल सिंह

शासकीय इं वि. स्नातकोत्तर महाविद्यालय कोरबा में पाँच दिवसीय ‘विद्यार्थी शोधशाला’ का भव्य शुभारंभ
शासकीय इंजीनियरिंग विश्वेश्वरैया स्नातकोत्तर महाविद्यालय, कोरबा में RUSA 2.0 (राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान) के अंतर्गत स्नातकोत्तर विद्यार्थियों में शोध के प्रति रुचि एवं वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करने के उद्देश्य से “विद्यार्थी शोधशाला अंतर्गत शोध प्रविधि पर पाँच दिवसीय कार्यशाला” का शुभारंभ दिनांक 16 मार्च 2026 को किया गया। यह कार्यशाला 16 मार्च से 20 मार्च 2026 तक आयोजित की जा रही है।
प्राचार्य का मार्गदर्शन: “उपयोगी और मौलिक हो शोध”
कार्यक्रम की संरक्षक एवं महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. आर. बी. शर्मा ने अपने स्वागत उद्बोधन में शोध की बारीकियों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि “शोध केवल डिग्री के लिए नहीं, बल्कि समाज के लिए उपयोगी होना चाहिए। किसी भी शोध से पहले उस विषय का गहन ज्ञान अनिवार्य है।” उन्होंने उदाहरण देते हुए समझाया कि यदि कोई विद्यार्थी ‘पॉलीथिन के दुष्प्रभावों’ पर शोध करता है, तो उसे प्रस्तावना, लिटरेचर रिव्यू, रिसर्च मेथाडोलॉजी और बिबलियोग्राफी जैसे चरणों का पालन करते हुए कम से कम दो वर्षों के सूक्ष्म अवलोकन (Observation) के बाद परिणाम तक पहुँचना चाहिए। उन्होंने शोध को पेटेंट कराने और उसे व्यावहारिक बनाने पर भी जोर दिया।
प्रथम दिवस का तकनीकी सत्र: “शोध का आधार है बेहतर प्रश्न”
कार्यशाला के प्रथम दिवस के मुख्य वक्ता डॉ. संदीप शुक्ला (सहायक प्राध्यापक, वनस्पति शास्त्र) रहे। उन्होंने विद्यार्थियों को रिसर्च की मूल अवधारणा और महत्व , सही शोध विषय का चयन, डेटा संग्रहण एवं विश्लेषण की विधियों , शोध नैतिकता के महत्व तथा शोध पत्र या शोध रिपोर्ट लिखने की प्रक्रिया को विस्तार से बताया।
पाँच दिवसीय इस शोधशाला के आगामी सत्रों में विभिन्न विषय विशेषज्ञों द्वारा व्याख्यान दिए जाएंगे। 17 मार्च को डॉ. ऊषा किरण अग्रवाल, प्राचार्य, संत गोविंद रामरुद्रानी शासकीय कला एवं वाणिज्य महाविद्यालय, देवेंद्र नगर (रायपुर) व्याख्यान देंगी। 18 मार्च को डॉ. एस. के. गोभिल, विभागाध्यक्ष (अर्थशास्त्र), शासकीय इंजीनियरिंग विश्वेश्वरैया स्नातकोत्तर महाविद्यालय, कोरबा विद्यार्थियों को संबोधित करेंगे। 19 मार्च को डॉ. अंजली यादव, विभागाध्यक्ष (समाजशास्त्र), रावतपुर विश्वविद्यालय रायपुर द्वारा व्याख्यान दिया जाएगा।
20 मार्च को समापन दिवस पर डॉ. संजय कुमार यादव, विभागाध्यक्ष (राजनीतिशास्त्र), शासकीय महाविद्यालय करतला (कोरबा) तथा डॉ. गौतमी भतपहरी, सहायक प्राध्यापक (मनोविज्ञान), शासकीय डी. बी. कन्या स्नातकोत्तर स्वशासी महाविद्यालय रायपुर मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहेंगे।
कार्यशाला का संयोजन महाविद्यालय के प्राध्यापक डॉ डी. विजय कुमार नायडू के द्वारा किया गया है। तथा आज के कार्यक्रम का संचालन डॉ अवंतिका कौशिल विभागाध्यक्ष (मनोविज्ञान )के द्वारा किया गया।
महाविद्यालय प्रशासन ने सभी स्नातकोत्तर विद्यार्थियों से इस शोधशाला में सक्रिय रूप से सहभागिता करने का आह्वान किया है, जिससे वे अपने शैक्षणिक एवं शोध कौशल का समुचित विकास कर सकें।






