Chhattisgarh

कमर दर्द के बढ़ते कारण: सिर्फ गलत बैठने की आदत नहीं, मानसिक तनाव भी है जिम्मेदार

आज के समय में कमर दर्द एक बहुत ही आम समस्या बन चुकी है. पहले यह परेशानी अधिकतर बुजुर्गों में देखी जाती थी, लेकिन अब यह युवाओं और यहां तक कि बच्चों में भी दिखाई देने लगी है. हम सभी दिनभर किसी न किसी तरह से अपने शरीर पर तनाव डालते हैं. चाहे वह घंटों तक डेस्क पर बैठकर काम करना हो, लंबे समय तक मोबाइल या लैपटॉप पर झुके रहना हो या फिर फिजिकल एक्टिविटी की कमी.

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क्या आप जानते हैं कि सिर्फ गलत बैठने की आदत या कुर्सी ही नहीं, बल्कि मेंटल स्ट्रेस भी आपकी पीठ और कमर दर्द की एक बड़ी वजह हो सकता है. तो चलिए आज हम आपको बताते हैं कि कुर्सी या खराब पोस्चर नहीं मेंटल स्ट्रेस भी कैसे पीठ और कमर दर्द की वजह बन सकती है.

मेंटल स्ट्रेस कैसे पीठ और कमर दर्द की वजह बन सकती है

हमारा दिमाग और शरीर एक-दूसरे से गहराई से जुड़े हुए हैं. जब हम तनाव, चिंता या डिप्रेशन जैसी मानसिक स्थितियों से गुजरते हैं तो शरीर उस तनाव को अलग-अलग तरीकों से महसूस करता है. कई बार हम यह नहीं समझ पाते कि हमारे मानसिक तनाव हमारे शरीर में दर्द, थकान या जकड़न के रूप में हो रही है.

जब हम लगातार तनाव में रहते हैं तो शरीर में कोर्टिसोल नाम का हार्मोन ज्यादा मात्रा में बनने लगता है. यह हार्मोन मांसपेशियों में जकड़न, खिंचाव और दर्द पैदा कर सकता है. खासकर कमर और गर्दन के हिस्से में, यही कारण है कि जिन लोगों का दिमाग ज्यादा तनाव में रहता है, उन्हें अक्सर पीठ दर्द या मांसपेशियों में कसाव की शिकायत रहती है.

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मानसिक तनाव कैसे बढ़ाता है पीठ और कमर दर्द?

1. मांसपेशियों में जकड़न – जब हम तनाव में होते हैं, तो शरीर खुद को डिफेंस मोड में ले आता है. इसका मतलब है कि मांसपेशियां सिकुड़ने लगती हैं, जिससे खिंचाव और दर्द होता है.

2. खराब पोस्चर – मानसिक तनाव में इंसान अक्सर झुक कर बैठता है, सिर झुका लेता है या शरीर ढीला छोड़ देता है. इससे रीढ़ की हड्डी पर दबाव बढ़ता है और कमर दर्द की समस्या और गंभीर हो जाती है.

3. नींद की कमी – तनाव में रहने वाले लोगों को अक्सर नींद नहीं आती या उनकी नींद पूरी नहीं होती है. नींद की कमी से शरीर की मांसपेशियों को पूरा आराम नहीं मिलता, जिससे कमर और पीठ दर्द बढ़ सकता है.

4. फिजिकल इन एक्टिविटी – जब व्यक्ति मानसिक रूप से थका हुआ महसूस करता है, तो वह चलने-फिरने या व्यायाम करने से बचता है. इससे मांसपेशियां कमजोर होती हैं और दर्द बढ़ जाता है.

5. तनाव का चक्र – तनाव से दर्द होता है, और दर्द बढ़ने से तनाव और बढ़ जाता है. इस तरह यह एक विष चक्र यानी vicious cycle बन जाता है जो शरीर और मन दोनों को थका देता है.

मेंटल स्ट्रेस को कम करने और पीठ दर्द से राहत पाने के तरीके

1. नियमित एक्सरसाइज करें – हल्के स्ट्रेच, योगासन और वॉकिंग मानसिक तनाव और शारीरिक जकड़न दोनों को कम करते हैं. विशेष रूप से कैट-काउ पोज, बालासन और भुजंगासन जैसे योगासन पीठ के लिए फायदेमंद हैं.

2. ध्यान और मेडिटेशन – रोजाना 10 से 15 मिनट ध्यान करने से मानसिक तनाव कम होता है और शरीर रिलैक्स महसूस करता है.

3. सही पोस्चर अपनाएं – बैठते या खड़े होते समय अपनी रीढ़ को सीधा रखें. कुर्सी ऐसी चुनें जो कमर को सपोर्ट दे.

4. पूरी नींद लें – हर दिन 7 से 8 घंटे की नींद शरीर को रिचार्ज करती है और मांसपेशियों की मरम्मत में मदद करती है.

5. काम के बीच छोटे-छोटे ब्रेक लें – हर 30 से 40 मिनट बाद खड़े होकर थोड़ा चलें, स्ट्रेच करें या गहरी सांस लें.

Preeti Singh

Priti Singh is a senior journalist at INN24 News with extensive experience covering crime, governance, public policy, and regional affairs in Chhattisgarh Her reporting focuses on factual accuracy, administrative accountability, and issues of public interest. Areas of Expertise • India and Chhattisgarh politics and governance • State and regional affairs (Chhattisgarh) • Public administration • Investigative reporting Editorial Responsibility Priti Singh follows strict fact-checking and editorial standards and adheres to INN24 News’ Editorial Policy. 📧 Contact: manni200390@gmail.com Profile Last Updated: 20 January 2026