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इंडस पब्लिक स्कूल दीपका में संचालित समर कैंप में विद्यार्थी सीख रहे मिट्टी की विभिन्न कलाकृतियां, पॉटरी एक्टिविटी को कर रहे भरपूर एंजॉय

इस दुनिया आधार ही मिट्टी है, मिट्टी से ही हम पैदा हुए ,मिट्टी में ही मिल जाना है ।मिट्टी हमें अहंकार से दूर रहने की प्रेरणा देती है- डॉक्टर संजय गुप्ता

मिट्टी के पात्र या कलाकृति प्राचीन काल से ही मनुष्य की जीवनशैली का अभिन्न अंग रहा है। मिट्टी के बर्तन न केवल उपयोगी होते हैं बल्कि कला और संस्कृति का भी एक महत्वपूर्ण हिस्सा हैं।मिट्टी के बर्तन खाना पकाने, भंडारण और पानी रखने के लिए उपयोग किए जाते हैं।मिट्टी के बर्तन कला का एक रूप हैं और विभिन्न रूपों और डिज़ाइनों में बनाए जाते हैं।मिट्टी के बर्तन शिक्षा का भी एक माध्यम हैं, जो बच्चों को कला और शिल्प के बारे में सिखाते हैं।
दीपका स्थित इंडस पब्लिक स्कूल में वर्तमान में संचालित समर कैंप में प्रतिभागियों को पॉटरी की विभिन्नकलाओं से पारंगत किया जा रहा है।समर कैंप के विद्यार्थी कई प्रकार के मिट्टी के बर्तन जैसे मटका,घड़ा,सुराही,कटोरी, साथ ही दीया,गमला,टेराकोटा आर्ट,फ्लावर पॉट इत्यादि बनाना सीख रहे हैं। विशेष प्रशिक्षक के द्वारा विद्यार्थियों को बहुत ही बारीकी से इन कलाओं का प्रशिक्षण समर कैंप में अनवरत रूप से दिया जा रहा है। समर कैंप के विद्यार्थी बहुत ही आनंदित होकर इन कलाओं को सीख रहे हैं।विभिन्न प्रकार के मिट्टी की मूर्ति बनाने का भी प्रशिक्षण विद्यार्थियों को दिया जा रहा है।

ध्यान देने योग्य तथ्य यह भी है कि इंडस पब्लिक स्कूल के समर कैंप में पॉटरी के अलावा भी कई गतिविधियों से विद्यार्थियों को पारंगत किया जा रहा है।बहुत ही जल्द दीपका क्षेत्र के विद्यार्थी विद्यालय परिसर में एडवेंचर कैंप का भी आनंद उठाएंगे।

विद्यालय का प्राचार्य डॉक्टर संजय गुप्ता ने कहा कि मिट्टी के बर्तनों का भारत में एक लंबा और समृद्ध इतिहास है, और वे कई तरह से महत्वपूर्ण हैं। वे न केवल व्यावहारिक उपयोग के लिए हैं, बल्कि सांस्कृतिक और कलात्मक महत्व के भी प्रतीक हैं।मिट्टी के बर्तन सांस्कृतिक मूल्यों, कलात्मक अभिव्यक्तियों और सामाजिक मानदंडों को दर्शाते हैं।मिट्टी के बर्तन पर्यावरण के अनुकूल होते हैं क्योंकि वे आसानी से पुन: चक्रित किए जा सकते हैं।मिट्टी के बर्तन एक बहुमुखी कला और शिल्प हैं जो विभिन्न क्षेत्रों में उपयोगी हैं। वे एक महत्वपूर्ण सांस्कृतिक विरासत के रूप में भी कार्य करते हैं, और वे पर्यावरण और स्वास्थ्य के लिए भी फायदेमंद हैं।

हमें कभी यह भी नहीं भूलना चाहिए कि हमारा अस्तित्व ही मिट्टी है ।मिट्टी को यदि हम अपने दिलों दिमाग में रखेंगे ,मिट्टी के महत्व को समझेंगे, तो कभी भी हम में अहंकार का भाव नहीं आएगा। हमारा उद्देश्य विद्यार्थियों के ज्ञान और कौशल को निरंतर बढ़ाना है,साथ ही गर्मी की छुट्टियों के समय का भरपूर सदुपयोग कर उनके कौशल को निखारना है।

Preeti Singh

Priti Singh is a senior journalist at INN24 News with extensive experience covering crime, governance, public policy, and regional affairs in Chhattisgarh Her reporting focuses on factual accuracy, administrative accountability, and issues of public interest. Areas of Expertise • India and Chhattisgarh politics and governance • State and regional affairs (Chhattisgarh) • Public administration • Investigative reporting Editorial Responsibility Priti Singh follows strict fact-checking and editorial standards and adheres to INN24 News’ Editorial Policy. 📧 Contact: manni200390@gmail.com Profile Last Updated: 20 January 2026