*बिजली के दाम कम करने तथा स्मार्ट मीटर वापस लेने कांग्रेस करेगी आंदोलन*

जिला रिपोर्टर शक्ति उदय मधुकर
सक्ती:: छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निर्देश पर जिले में सक्ती जिला कांग्रेस कमेटी अगस्त महीने में बिजली के दाम की बढ़ोत्तरी वापस लेने, स्मार्ट मीटर वापस लेने एवं 400 यूनिट तक बिजली बिल हॉफ योजना को फिर से शुरू करने के लिए कांग्रेस आंदोलन करने जा रही है। इस आशय की जानकारी जिला कांग्रेस कमेटी के जिलाध्यक्ष श्रीमती रश्मि गबेल ने पार्टी द्वारा इस मुद्दे पर आयोजित जिला स्तरीय पत्रकार वार्ता में दी। जिलाध्यक्ष श्रीमती रश्मि गबेल ने आगे बताया कि आज पहली अगस्त के दिन सभी जिलो में पत्रकार वार्ता लेकर बिजली के दाम बढ़ोत्तरी का विरोध करने के साथ बिजली के बढ़े दाम वापस लिये जाने की मांग की जा रही है।
इस क्रम में अगले दिन 2 अगस्त से कांग्रेस के कार्यकर्ता स्मार्ट मीटर के खिलाफ घर-घर से आवेदन भरवा कर स्मार्ट मीटर हटाने की मांग करेंगे तथा आम जनता के द्वारा बिजली के दाम बढ़ाने के विरोध में विरोध पत्र भरवायेंगे तथा बिजली के दाम बढ़ोत्तरी को वापस लेने की मांग अगले दो महिने तक करेंगे। इसके पश्चात भरवाये गये फार्म को लेकर प्रदेश भर में पार्टी जिले के बिजली दफ्तर का घेराव करेगी। इसके पश्चात कांग्रेस पार्टी इस आंदोलन को प्रदेश स्तर पर उठाएगी और प्रदेश के मुख्यमंत्री जो कि बिजली मंत्री भी है उनके निवास का घेराव करेगी। जिलाध्यक्ष श्रीमती रश्मि गबेल ने बताया कि भाजपा सरकार ने जुलाई से घरेलू उपभोक्ताओं के दाम में 30 से 50 पैसे तथा गैर घरेलू में 20 से 40 पैसे की बढ़ोत्तरी किया है। कृषि के पंप की बिजली में भी 40 पैसे की बढ़ोत्तरी की गयी है। भाजपा की सरकार बनने के बाद लगातार पांचवी बार बिजली के दाम बढ़ाये गये है। उन्होंने कहा कि बिजली के बेतहाशा बिल जनता की परेशानी का कारण बनी हुई है। हाल ही में भाजपा सरकार ने बिजली के दामों में 12 प्रतिशत विद्युत ईधन अधिभार (एमपीपीएस) के रूप में बढ़ोत्तरी किया था। भाजपा की सरकार आने के बाद अभी तक 31.23 प्रतिशत बिजली के दाम बढ़ाये गये है। वहीं कांग्रेस की सरकार ने 5 साल में केवल 2 पैसे की बढ़ोत्तरी बिजली के दामों में किया था, उसमें भी 400 यूनिट तक बिजली बिल हाफ योजना लागू थी। कांग्रेस जिलाध्यक्ष श्रीमती गबेल ने आरोप लगाया कि भाजपा से सरकार संभल नहीं रही है। वह केवल जनता पर बोझ डालने का कार्य करती है। भाजपा से सरकार नहीं संभल नहीं रही है। वह केवल जनता पर बोझ डालने का काम करती है।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि पिछले कुछ महीनों से बिजली के बिल तीन से चार गुना आ रहे है। बिजली के खपत का अनुबंध भार क्षमता बिना उपभोक्ता की सहमति के बढ़ा दिया जा रहा है। जबकि उपभोक्ता की सहमति के बिना उसका अनुबंध भार नहीं बढ़ाया जा सकता।
स्मार्ट मीटर से खपत बढ़ा कर फिर खपत ज्यादा होने का हवाला देकर अनुबंध भार बढ़ा दिया जा रहा है और एग्रीमेंट से अधिक खपत की बात कर बढ़े अनुबंध भार के आधार पर अर्थदंड जोड़कर बिजली के बिल भेजे जा रहे है। जिलाध्यक्ष रश्मि गबेल ने पत्रकार वार्ता में बताया कि केन्द्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल खट्टर द्वारा संसद में अप्रैल 2026 में स्पष्ट किया था कि स्मार्ट प्रीपेड मीटर किसी भी उपभोक्ता पर जबरन नहीं थोपे जा रहे हैं, और यह पूरी तरह वैकल्पिक व्यवस्था है और उपभोक्ताओं की सहमति या अनुमति के बिना सामान्य बिजली मीटर को स्मार्ट मीटर में बदलना गैर कानूनी है। छत्तीसगढ़ में स्मार्ट मीटर जबरिया क्यों लगाया जा रहा है? इस पत्रकार वार्ता में
कांग्रेस पार्टी ने बिजली के दाम घटाये जाये जाने, 400 यूनिट तक बिजली बिल हॉफ योजना लागू की जाने, स्मार्ट मीटर वापस लिया जाने की मांग की । जिलाध्यक्ष रश्मि गबेल ने कहा कि उत्तर प्रदेश, तमिलनाडु में स्मार्ट मीटर वहां की भाजपा सरकार ने वापस लेने का निर्णय लिया है। छत्तीसगढ़ में भी सरकार जनहित में स्मार्ट मीटर वापस ले। आज के प्रेसवार्ता में जिलाध्यक्ष रश्मि गबेल, जिला महामंत्री गिरधर जायसवाल, नगर कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष राकेश राठौर, किसान कांग्रेस अध्यक्ष साधेश्वर गबेल, जागेश्वर सिंह राज, संतोष सोनी, रामसजीवन देवांगन, शफीक अहमद, पवन साहू, रशीद खान , रवीन्द्र राठौर सहित पार्टी पदाधिकारी व कार्यकर्ता सहित मीडिया प्रतिनिधि उपस्थित रहे।






