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तीजा पर लोकल ट्रेनें रद्द करना छत्तीसगढ़ की जनता के साथ अन्याय : जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी  रेलवे का निर्णय तत्काल वापस हो, रद्द ट्रेनों की बहाली के साथ अतिरिक्त स्पेशल ट्रेनें चलाई जाएं : जैनेन्द्र कुर्रे

सतपाल सिंह

तीजा पर लोकल ट्रेनें रद्द करना छत्तीसगढ़ की जनता के साथ अन्याय : जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी

 रेलवे का निर्णय तत्काल वापस हो, रद्द ट्रेनों की बहाली के साथ अतिरिक्त स्पेशल ट्रेनें चलाई जाएं : जैनेन्द्र कुर्रे

Noor suzuki korba

 कोरबा, 13 सितंबर 2026..

छत्तीसगढ़ के प्रमुख लोकपर्व तीजा-पोरा के अवसर पर दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे द्वारा 13 एवं 14 सितंबर 2026 को रायपुर–बिलासपुर–कोरबा–गेवरा रोड सहित विभिन्न मार्गों की लोकल एवं पैसेंजर ट्रेनों को रद्द किए जाने के निर्णय पर जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी ने कड़ा आक्रोश व्यक्त किया है।

पार्टी के कोरबा जिलाध्यक्ष जैनेन्द्र कुर्रे ने दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे, बिलासपुर के महाप्रबंधक (GM) को पत्र सौंपकर रद्द की गई ट्रेनों का परिचालन तत्काल बहाल करने तथा तीजा-पोरा पर्व को देखते हुए अतिरिक्त लोकल एवं स्पेशल ट्रेनों की व्यवस्था करने की मांग की है।

समाचार पत्रों में प्रकाशित रिपोर्टों ने भी इस समस्या की गंभीरता को सामने रखा है। नवभारत ने इसे “तीज पर्व पर रेलवे का बड़ा झटका” बताते हुए 13–14 सितंबर को 12 लोकल ट्रेनों के रद्द होने की खबर प्रकाशित की है। वहीं, अन्य रिपोर्टों में उरकुरा स्टेशन के यार्ड रीमॉडलिंग कार्य के कारण रायपुर, बिलासपुर, कोरबा और आसपास के रेल यात्रियों के प्रभावित होने की जानकारी दी गई है।

तीजा के समय ट्रेनें बंद करना संवेदनहीन निर्णय

जैनेन्द्र कुर्रे ने कहा कि तीजा-पोरा केवल एक त्योहार नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की सामाजिक, सांस्कृतिक और पारिवारिक पहचान से जुड़ा हुआ लोकपर्व है। इस अवसर पर प्रदेश की लाखों विवाहित महिलाएं अपने मायके जाती हैं। परिवार अपने रिश्तेदारों से मिलने के लिए यात्रा करते हैं तथा बड़ी संख्या में ग्रामीण, श्रमिक, विद्यार्थी, महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग रेल परिवहन पर निर्भर रहते हैं।

ऐसे महत्वपूर्ण अवसर पर लोकल ट्रेनों को रद्द करना रेलवे प्रशासन की जनभावनाओं के प्रति घोर असंवेदनशीलता को दर्शाता है।

उन्होंने कहा—

 “जिस समय छत्तीसगढ़ की बेटियां और बहनें तीज मनाने अपने मायके जाने की तैयारी कर रही हैं, उसी समय उनकी सबसे सस्ती और सुलभ यात्रा व्यवस्था को बंद कर देना आखिर किस प्रकार का जनसेवा मॉडल है?”

क्या छत्तीसगढ़ के पर्वों पर ही रेलवे को जनता की परेशानी दिखाई नहीं देती?

जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी ने कहा कि रेलवे प्रशासन अन्य राज्यों के प्रमुख पर्वों के दौरान अतिरिक्त स्पेशल ट्रेनें, अतिरिक्त बोगियां और यात्री सुविधाएं उपलब्ध कराता है। लेकिन जब छत्तीसगढ़ के सबसे महत्वपूर्ण लोकपर्व तीजा-पोरा की बात आती है, तो नियमित लोकल ट्रेनों को ही रद्द कर दिया जाता है।

पार्टी ने सवाल उठाया—

“अन्य राज्यों के त्योहारों पर अतिरिक्त ट्रेनें चलाना रेलवे की जिम्मेदारी है, तो छत्तीसगढ़ के तीजा-पोरा पर्व पर ट्रेनें बंद करना किस नीति का हिस्सा है? क्या छत्तीसगढ़ के यात्रियों को समान रेल सुविधा पाने का अधिकार नहीं है?”

लोकल ट्रेनें आम जनता की जीवनरेखा हैं

पार्टी जिलाध्यक्ष ने कहा कि लोकल और मेमू ट्रेनें आम जनता के लिए विलासिता नहीं, बल्कि जीवन की अनिवार्य आवश्यकता हैं। इनके माध्यम से गरीब, मध्यमवर्गीय परिवार, श्रमिक, विद्यार्थी, छोटे व्यापारी और दैनिक यात्री कम खर्च में अपने गंतव्य तक पहुंचते हैं।

 ट्रेनों के रद्द होने से—

महिलाओं और बच्चों को भारी परेशानी होगी।

मायके जाने वाली तीजहारिन महिलाओं की यात्रा प्रभावित होगी।

यात्रियों को महंगे निजी वाहन एवं बसों का सहारा लेना पड़ेगा।

छोटे स्टेशनों के यात्रियों के सामने यात्रा का संकट खड़ा होगा।

सड़कों पर अतिरिक्त यातायात बढ़ने से दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ सकती है।

आम नागरिकों पर अनावश्यक आर्थिक बोझ पड़ेगा।

उन्होंने कहा कि बड़े स्टेशनों पर एक्सप्रेस ट्रेनें विकल्प हो सकती हैं, लेकिन छोटे स्टेशनों और ग्रामीण यात्रियों के लिए लोकल ट्रेन का कोई वास्तविक विकल्प नहीं है।

रेलवे की कार्ययोजना हो सकती है, लेकिन जनता को सजा क्यों?

पार्टी ने कहा कि यदि उरकुरा यार्ड रीमॉडलिंग अथवा अन्य तकनीकी कार्य आवश्यक है, तो रेलवे प्रशासन को पहले से वैकल्पिक व्यवस्था करनी चाहिए थी। विकास कार्यों का विरोध नहीं है, लेकिन विकास के नाम पर पर्व के दौरान आम जनता को असुविधा के हवाले कर देना स्वीकार्य नहीं है।

 जैनेन्द्र कुर्रे ने कहा—

 “रेलवे को निर्माण और तकनीकी कार्य करने का पूरा अधिकार है, लेकिन यात्रियों के अधिकारों और जनसुविधाओं की कीमत पर नहीं। यदि कार्य जरूरी था तो वैकल्पिक ट्रेनें, अतिरिक्त कोच और विशेष यात्री व्यवस्था पहले क्यों नहीं की गई?”

जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी की प्रमुख मांगें

पार्टी ने रेलवे प्रशासन के समक्ष निम्नलिखित मांगें रखी हैं—

1. 13 एवं 14 सितंबर 2026 को रद्द की गई सभी लोकल एवं पैसेंजर ट्रेनों का परिचालन तत्काल प्रभाव से बहाल किया जाए।

2. 15, 16 एवं 17 सितंबर 2026 को तीजा-पोरा पर्व को ध्यान में रखते हुए अतिरिक्त स्पेशल लोकल ट्रेनें चलाई जाएं।

3. दिन के समय चलने वाली एक्सप्रेस ट्रेनों के आरक्षित डिब्बों में राजनांदगांव से कोरबा–रायपुर मार्ग तक सामान्य टिकटधारी यात्रियों को यात्रा की अनुमति प्रदान की जाए।

4. कोरबा, गेवरारोड, बिलासपुर, रायपुर एवं छोटे स्टेशनों के यात्रियों के लिए वैकल्पिक परिवहन व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

5. भविष्य में छत्तीसगढ़ के प्रमुख लोकपर्वों के दौरान ट्रेनों को रद्द करने के बजाय अतिरिक्त यात्री सेवाओं की पूर्व योजना बनाई जाए।

“जनता की परेशानी को नजरअंदाज किया गया तो आंदोलन होगा”

जैनेन्द्र कुर्रे ने कहा कि पार्टी ने रेलवे प्रशासन को पत्र के माध्यम से अपनी मांगें स्पष्ट रूप से सौंप दी हैं। अब रेलवे प्रशासन की जिम्मेदारी है कि वह तत्काल निर्णय लेकर यात्रियों को राहत प्रदान करे।

उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा—

“यदि हमारी मांगों पर तत्काल सकारात्मक निर्णय नहीं लिया जाता है और छत्तीसगढ़ के लाखों रेल यात्रियों को इसी प्रकार परेशानी में छोड़ा जाता है, तो जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी जनहित में चरणबद्ध विरोध प्रदर्शन एवं व्यापक जनआंदोलन करने के लिए बाध्य होगी। इसकी संपूर्ण जिम्मेदारी रेलवे प्रशासन की होगी।”

उन्होंने कहा कि यह लड़ाई किसी व्यक्ति या पार्टी की नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की माताओं-बहनों, गरीब यात्रियों, श्रमिकों, विद्यार्थियों और आम जनता के सम्मानजनक एवं सुलभ रेल यात्रा के अधिकार की लड़ाई है।

अंतिम अपील

जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी ने दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे प्रशासन से अपील की है कि वह इस मामले को केवल परिचालन संबंधी विषय न समझे, बल्कि इसे छत्तीसगढ़ की जनता की भावनाओं, सामाजिक परंपराओं और जनसुविधा से जुड़ा गंभीर विषय मानकर तत्काल हस्तक्षेप करे।

तीजा-पोरा के अवसर पर ट्रेनें बंद नहीं, जनता के लिए अतिरिक्त ट्रेनें चलनी चाहिए।

 ज्ञापन सौंपते समय प्रमुख रूप से उपस्थित जन:

इस अवसर पर सुरेंद्र राठौर (प्रदेश संगठन मंत्री, जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी), जैनेन्द्र कुर्रे (जिलाध्यक्ष, जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी कोरबा), महावीर यादव (जिला सचिव), संजीव गोस्वामी (जिला उपाध्यक्ष), हरि चौहान (शहर अध्यक्ष कोरबा), चंचल महंत (महिला जिलाध्यक्ष कोरबा), अजय साहू, साकिद (सक्रिय सदस्य) एवं छत्तीसगढ़िया क्रान्ति सेना कोरबा जिलाध्यक्ष सुरजीत सोनी, जिला उपाध्यक्ष राकेश यादव, दर्री खड़ महामंत्री कन्हैया सारथी दर्री खड़ से आशीष कुमार विशेष रूप से उपस्थित रहे।

प्रेस विज्ञप्ति जारीकर्ता – महावीर यादव जिला सचिव। जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी, कोरबा। मो . 9109802128

Om Gavel Bureau Korba

State Affairs Reporter Om Gavel is a state and local affairs reporter focusing on administration, development projects, and civic issues, local news in Chhattisgarh. His work highlights grassroots concerns and governance-related developments and all local activity in concern with crime and administration. Areas of Expertise • State administration • Infrastructure and development • Civic and public issues • Field reporting and all local issue Editorial Responsibility Om Gavel follows source verification guidelines and ensures responsible, fact-based reporting. 📧 Contact: humara.kusmunda.omgavel@gmail.com Profile Last Updated: 16 January 2026