Chhattisgarh

कन्हारगांव में ऑयल पॉम रोपण अभियान का विधायक ने किया शुभारंभ

*कन्हारगांव में ऑयल पॉम रोपण अभियान का विधायक ने किया शुभारंभ*
*बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने अभियान में की सहभागिता*

*कोण्डागांव, 01 फरवरी 2024/* बुधवार को विकासखण्ड फसरगांव के ग्राम कन्हारगांव में ऑयल पॉम रोपण अभियान अंतर्गत कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में केशकाल विधायक नीलकंठ टेकाम सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने भाग लिया। विधायक द्वारा ऑयल पॉम रोपण का शुभारंभ करते हुए किसानों को प्रोत्साहित करते हुए इसके लाभों के संबंध में बताया। कार्यक्रम मंे जिले के विभिन्न ग्रामों से आये 450 से अधिक ग्रामीणों ने हिस्सा लिया।
इस अवसर पर विधायक द्वारा कृषकों को संबोधित करते हुए कहा गया कि शासन द्वारा प्राप्त वन पट्टा प्राप्त भूमियों में जो बारदा नदीं के दोनों ओर स्थित है। उनमें किसानों द्वारा ऑयल पॉम का रोपण करें जिससे उन्हें अधिक से अधिक लाभ प्राप्त होगा। उन्होंने उद्यानिकी विभाग के अधिकारियों को क्षेत्र का भ्रमण कर सप्ताह अंत तक ग्रामीणों से संपर्क कर कन्हारगांव में चयनित 115 कृषकों के 95 हेक्टेयर भूमि पर ऑयल पॉम पौधा रोपण एवं अंतरवर्ती फसलों का रोपण भी कराने के निर्देश दिये। उल्लेखनीय है कि राज्य शासन की मंशानुसार अति संवेदनशील क्षेत्रों में पायलेट प्रोजेक्ट के तौर पर ग्राम कन्हारगांव, चनियागांव, मड़कड़ा, चिंगनार एवं अन्य समीपवर्ती ग्रामों में ऑयल पॉम की खेती हेतु रकबे का चयन किया गया है। इस अवसर पर सरपंच शांति नाग, उप सरपंच विष्णुराम यादव, झाड़ी राम सलाम, प्रशांत पात्र, उद्यान अधीक्षक लोकेश्वर प्रसाद ध्रुव, हिमालय नेताम, दिग्विजय मरकाम, फगनूराम मरकाम, सेवक राम मरकाम, मोहम्मद नवाज, सुरेन्द्र कुमार शुक्ला, बैसाखुराम बघेल सहित अन्य विभागीय अधिकारी कर्मचारी एवं ग्रामीण कृषक उपस्थित रहे।
*आयल पॉम खेती के लाभ*
ज्ञात हो कि केन्द्र शासन द्वारा खाद्य तेलों के आयत पर निर्भरता खत्म करने एवं देश को खाद्य तेल उत्पाद के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाते हुए कृषकों के आर्थिक विकास के लिए आयल पॉम की खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है। धान एवं अन्य फसलों की तुलना में आयल पॉम से प्रति ईकाई क्षेत्रफल में दुगुनी आय प्राप्त की जा सकती है। जिसमें एक हेक्टेयर में चार से पांच वर्षों में उत्पादन प्रारंभ होकर 2.5 से 3 लाख तक की शुद्ध आमदनी प्राप्त की जा सकती है।
जिले में पॉम आयल के उत्पादन के लिए अम्मा पॉम प्लांटेशन प्राइवेट लिमिटेड का अनुबंध उद्यानिकी विभाग एवं छत्तीसगढ़ शासन के मध्य हुआ है। जिसमें कम्पनी के देख-रेख में कृषकों के प्रक्षेत्र में पौध रोपण कर फल उत्पादन किया जायेगा साथ ही इस कम्पनी द्वारा स्थानीय क्षेत्र में आयल पॉम का कारखाना स्थापित कर शासन द्वारा निर्धारित समर्थन मूल्य पर ऑयल पॉम फल की खरीदी भी की जायेगी।
सहायक संचालक उद्यानिकी करण कुमार सोनकर ने किसानों से अपील की है कि वे अधिक से अधिक भूमि पर ऑयल पॉम फसल का रोपण कर प्रति ईकाई क्षेत्रफल पर अधिक से अधिक लाभ अर्जित करें एवं अन्य कृषक भाईयों को भी इसका लाभ लेने हेतु प्रेरित करे।

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