NATIONALभारत

Woman Empowerment: बिटिया को सशक्त बनाने के लिए ध्यान में रखें ये 5 बातें, ताकि वह अपने भविष्य को संवार सके

Woman Empowerment: वो कहते हैं न कि ‘बेटा भाग्य से होता है, लेकिन बेटियां सौभाग्य से होती हैं’। यही वजह है कि बेटी का जन्म सिर्फ एक नए सदस्य का आगमन नहीं, बल्कि घर में खुशियों और नई उम्मीदों का संचार होता है। बेटियां अपने साथ ढेरों खुशियां लेकर आती हैं। वो न सिर्फ परिवार बल्कि भविष्य में जाकर पूरे समाज के लिए रोशनी का काम करती है। इसी के चलते उसकी परवरिश और भविष्य को संवारने के लिए परिवार को मिलकर एक मजबूत नींव रखनी चाहिए।

वो दौर अलग था, जब लड़कियों और महिलाओं को रसोई-घर सीमित रखा जाता था। आज के समय में बात पढ़ाई-लिखाई की हो या फिर स्पोर्ट्स की, हर जगह महिलाओं के हुनर का लोहा अब लोग मानने लगे हैं। ऐसे में यदि आपके घर में लाडली बिटिया आई है तो अभी से कुछ बातों को जहन में बिठा लें। इन बातों को ध्यान में रखकर आप अपनी बिटिया को सशक्त बनाएंगे, ताकि आगे भविष्य में वो अपना और अपने आस-पास वाले लोगों का भी खास ध्यान रख पाएं। 

*बाबा गुरु घासीदास जी के जन्म दिवस पर तीन दिवसीय कार्यक्रम आमगांव में*

जरूर दिलाएं शिक्षा का अधिकार

आज के समय में भी हमारे देश में कई जगहें हैं, जहां पर लड़कों को तो पढ़ाया-लिखाया जाता है, लेकिन लड़कियों की बारी आने पर लोग कहते हैं कि वो तो पराया धन हैं, उन्हें सिर्फ घर के काम सीखने चाहिए। ऐसे में अपनी बिटिया रानी को भी शिक्षा का अधिकार दिलाएं। उन्हें पढ़ाई-लिखाई के प्रति जागरूक करें और उसकी अहमियत बताएं।  

आर्थिक स्वतंत्रता की तरफ करें प्रोत्साहित

लड़कियों की पढ़ाई-लिखाई सिर्फ नाम या डिग्री जमा करने तक नहीं होनी चाहिए। उन्हें स्वरोजगार, स्टार्टअप और बिजनेस के लिए प्रोत्साहित किया जाए। अपनी बिटिया को भी इस चीज का एहसास दिलाएं कि वो किसी से कम नहीं हैं। उन्हें हर जगह बराबर अवसर दिए जाएंगे। यदि सुरक्षा की नजर से बच्ची को बाहर भेजने में डर लगता है तो उनके लिए फ्रीलांसिंग, वर्क-फ्रॉम-होम काम उपलब्ध कराएं, ताकि वो आत्म निर्भर बनें।

सोच में लगाएं बदलाव

यदि आपके घर में बेटी है तो आप समाज के भरोसे नहीं बैठ सकते, कि समाज की सोच जब बदलेगी तब हम अपनी बिटिया को आजादी देंगे। अपने घर से ही रूढ़िवादी सोच और भेदभाव को खत्म किया जाए। किसी और को सलाह देने से पहले अपनी सोच में बदलाव लाएं, ताकि लड़कियों को आत्मनिर्भर बनने और अपने फैसले खुद लेने की आजादी मिले।

जरूर दें कानून का ज्ञान

जब बिटिया बड़ी हो जाए तो उसे उसके अधिकारों की जानकारी अवश्य दें, क्योंकि घरेलू हिंसा, छेड़छाड़ जैसे मामले आजकल काफी आम हैं। ऐसे में उन्हें पता होना चाहिए कि महिलाओं के खिलाफ अपराधों पर सख्त कानून के तहत कार्रवाई हो सकती है। अपनी बिटिया रानी को सेल्फ-डिफेंस ट्रेनिंग दें इसके अलावा हेल्पलाइन नंबर की जानकारी भी हर महिला को हो।  

सक्ती जिला के डभरा थाना क्षेत्र में जुआरियों पर बड़ी कार्रवाई

स्वास्थ्य के बारे में हो खुलकर बात

वैसे तो आजकल परिवार काफी खुले विचारों के होते है, लेकिन इसके बावजूद घरवाले लड़कियों से पीरियड्स, प्रेग्नेंसी और मेंटल हेल्थ पर खुल के बात नहीं करते, जोकि काफी गलत है। हर घर में कम से कम एक से दो लोग ऐसे जरूर होने चाहिए, जिनके कोई भी लड़की अपने मन की बात कर सके। बिटिया को इंटीमेसी के बारे में सही जानकारी होना आवश्यक है, ताकि उनके दिमाग में किसी तरह के गलत ख्याल नहीं रहें।